Home »Rajasthan »Jaipur »News» 7 States Chief Minister Arrived By Bus

7 राज्यों के मुख्यमंत्री बस से पहुंचे तो मंत्री ढूंढ़ते फिरे VIP कार!

Bhaskar News | Jan 19, 2013, 03:26 IST

  • आलाकमान के निर्देश थे कि कम से कम खर्चा किया जाए। इसी क्रम में नेताओं को लाने ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई थी। स्टेच्यू सर्किल के निकट पार्क प्राइम होटल में रुके नेता बस छोड़ कारों में बिड़ला ऑडिटोरियम पहुंचे।
    होटल रॉयल ऑर्चिड से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदरसिंह हुड्डा, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्रसिंह, मिजोरम के मुख्यमंत्री ललथन हावला, मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा, असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री नबम टुकी बस से शिविर स्थल पहुंचे। सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया और अशोक तंवर भी बस से बिडला ऑडिटोरियम गए। उत्तराखंड के सीएम विजय बहुगुणा दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकरम इबोबी सिंह, सांसद राजबब्बर कारों से पहुंचे।
    आगे की स्लाइड्स में पढ़िए, खास भी कार व पास के लिए भटकते रहे>>>
    भास्कर टीम
    कांग्रेस के चिंतन शिविर की हर खबर से पाठकों को रूबरू कराने के लिए भास्कर के ग्यारह संवाददाताओं और सात फोटो पत्रकारों ने चप्पे-चप्पे पर मोर्चा संभाला, ताकि सियासी योजनाएं और भविष्य में उनसे पड़ने वाले असर को आप तक विश्लेषण के साथ पहुंचाया जा सके।
    संवाददाता: त्रिभुवन, गिरिराज अग्रवाल, ललित शर्मा, बाबूलाल शर्मा, गोवर्धन चौधरी, श्रवण राठौड़, मदन कलाल, आलोक खंडेलवाल, राजेंद्र गौतम, प्रणीता भारद्वाज और किरण सैनी।
    फोटो जर्नलिस्ट: योगेन्द्र गुप्ता, राजेश कुमावत, अनिल शर्मा, निरंजन चौहान, महेन्द्र शर्मा, राजकुमार शर्मा, मनोज श्रेष्ठ।
  • कांग्रेस चिंतन शिविर के लिए आलाकमान के निर्देश थे कि कम से कम खर्चा किया जाए। इसी क्रम में नेताओं के लिए होटलों से लाने ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई थी। स्टेच्यू सर्किल के निकट पार्क प्राइम होटल में रुके नेताओं ने कारों से ही बिड़ला सभागार तक का सफर किया और बसें खड़ी रही। पार्क प्राइम होटल में खड़ी बस में दो-तीन नेता बैठे भी लेकिन जब अन्य कोई नहीं चढ़ा तो वे भी उतर आए।

  • 20 मिनट अटके रहे वित्तमंत्री
    चिंतन शिविर में शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे एयरपोर्ट पहुंचे केंद्रीय वित्त मंत्री चिदंबरम और केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री केसी वेणुगोपाल को बाहर निकलने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। उन्हें कुछ देर तक तो पता नहीं चल पाया कि किस गाड़ी में जाना है। गाड़ी मिली भी तो वे लाल बत्ती वाली गाड़ियों के जाम में फंस गए।
    मौके पर मौजूद प्रोटोकॉल अधिकारी, सुरक्षा अधिकारी, सीआईएसएफ और एयरपोर्ट डायरेक्टर व एयरपोर्ट प्रबंधन उनकी कार को करीब 20 मिनट बाद निकलवा पाए।
  • जितेंद्र सिंह व हुड्डा के लिए भारी सुरक्षा-लवाजमा :
    केंद्रीय गृह राज्यमंत्री भंवर जितेंद्र सिंह की अगवानी के लिए बड़ी संख्या में सेना के जवान एयरपोर्ट पहुंचे। सेना के काफिले के साथ उन्हें एयरपोर्ट से गंतव्य तक ले जाया गया। इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्रसिंह हुड्डा भी आ गए। उनके लिए भी प्रोटोकॉल के तहत कारकेड था। इस कारण फिर से एयरपोर्ट पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। दोनों के समर्थकों, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
    (नोट: फ़ाइल फोटो का प्रयोग)
  • कई नेता पास दिल्ली छोड़ आए
    शिविर में शामिल होने आए नेताओं को सभागार में प्रवेश का पास नहीं मिल पाए। इसे लेकर नेताओं के साथ उनके सहयोगी भी काफी बेचैन दिखे। पता चला है कि नेताओं को उन दिल्ली स्थित ठिकानों पर ही प्रवेश पास भिजवा दिए गए थे, लेकिन ये सभी लोग उन पासों को वहीं भूल आए। बाद में यहां पीसीसी में नए पास बनाकर जारी किए गए। इनमें राज्य मंत्री पोरिस बलराम नायक और रानी नाराह के साथ सीएलपी लीडर मोहम्मद सोहराब (प.बंगाल), के.गोपीनाथ (तमिलनाडु) और प्रतापसिंह राणो के नाम प्रमुख हैं।
    कोई गाड़ी के लिए तो कोई पास के लिए परेशान
    चिंतन शिविर में शामिल होने आए कई कांग्रेसी नेता बदइंतजामी के कारण परेशान हुए। होटल से रवाना होते समय किसी को गाड़ी के लिए इंतजार करना पड़ा तो किसी को एस्कॉर्ट के लिए। यही नहीं, एस्कॉर्ट करने वाले कुछ अफसर तो नेताओं को भी ढूंढते रहे। कई नेताओं को पास भूल जाने के कारण दुबारा से पास बनवाने की मशक्कत करनी पड़ी।
  • इस तरह की परेशानी
    केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ चिंतन शिविर में जाने के लिए होटल की पोर्च में आई, लेकिन एस्कॉर्ट ही नहीं आई। उनका पीए काफी देर तक फोन मिलाता रहा। वे कुछ देर इंतजार के बाद रवाना हो पाईं।
    उत्तराखंड के सीएम विजय बहुगुणा होटल से बाहर आ गए थे। उन्हें टैक्सी गाड़ी से जाना पड़ा।
    होटल खासा कोठी के मुख्य द्वार पर पिछली रात को हुई बारिश के कारण पानी भर गया था। इससे आने-जाने वालों को परेशानी होती रही।
    स्टेच्यू सर्किल के नजदीक एक होटल में ठहरे कुछ नेता पास के लिए परेशान होते रहे। पता चला कि कुछ अपने पास दिल्ली भूल गए। दुबारा बनाने की मांग के बाद पीसीसी के मार्फत आनन-फानन में पास बनाए गए।
    ज्योतिरादित्य सिंधिया कुछ देर इंतजार के बाद लालबत्ती की गाड़ी से चिंतन शिविर स्थल गए।
    बिड़ला सभागार में नेताओं को ले जाने के लिए बसों के ही पास बनाए गए थे, लेकिन कई नेता बसों के बजाय कारों से आए। ऐसे में उन्हें मुख्य द्वार से पैदल जाना पड़ा।
    कारकेड गुजरने के कारण शाम को अंबेडकर सर्किल से बिड़ला ऑडिटोरियम तक के रास्ते में पैदल जाने पर भी रोक लगा दी गई। इससे जनता भारी परेशान रही।
  • सवेरे सात बजे से ही सचिवालय में आवाजाही
    सरकारी छुट्टी के बावजूद चिंतन शिविर की गहमागहमी के चलते सचिवालय में शुक्रवार को सवेरे सात बजे से ही मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारियों, अन्य विभागों के अफसरों, कर्मचारियों की आवाजाही शुरू हो गई। मुख्य द्वार पर वाहनों के आने-जाने का दौर दिनभर रहा और अफसर-कर्मचारी शिविर से जुड़ी व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग करते रहे। सचिवालय के सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि उन्हें शिविर को देखते हुए तीन दिन तक अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
    आम दिनों में सचिवालय में सवेरे गहमागहमी कम रहती है, लेकिन शिविर के कारण आज अशोक क्लब के सामने वाले मुख्य द्वार के साथ ही सीएमओ के पीछे वाले दरवाजे से आवाजाही शुरू हो गई। यह सिलसिला देर शाम तक बना रहा। दिन में मुख्य भवन के बाहर पोर्च में सूनापन रहा, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर गाड़ियां लगातार आती-जाती रहीं। शिविर की व्यवस्थाओं को लेकर भी अफसर फीडबैक लेते रहे।
  • वासनिक का ब्लैकबेरी चार्जर
    कांग्रेस के महासचिव मुकुल वासनिक अपना ब्लैकबेरी मोबाइल का चार्जर लाना भूल गए। जब होटल में चार्जर की तलाश शुरू हुई तो वहां मौजूद युवा कांग्रेसी कार्यकर्ता सक्रिय हुए। एक कार्यकर्ता दौड़कर बाहर आया, गाड़ी उठाई और कुछ देर बाद लौटा तो नया चार्जर उसके हाथ में था। चार्जर ले तो आया, पर चिंता हुई पैसा मिलेगा या नहीं। बाद में युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे एक नेता ने कार्यकर्ता को 600 रुपए अपनी जेब से निकालकर दिए।
    घर से तो आ गए, जाएं कहां :
    घरवालों को चिंतन शिविर में जाने की बात कहकर आए कांग्रेस के कई दिग्गज बिड़ला ऑडिटोरियम के बाहर घूमते नजर आए। इनमें प्रदेश स्तर के पदाधिकारी और बोर्ड-निगमों के चेयरमैन स्तर के नेता भी थे। एनएसयूआई, युवक कांग्रेस और यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ के पूर्व में अध्यक्ष रह चुके कुछ नेता तो ऐसे थे जो कैफेटेरिया और पार्को में खुद को बचते-बचाते दिखे।
    ये लोग यह कह कर आए थे कि वे चिंतन शिविर में जा रहे हैं, जबकि शिविर के लिए इनके नाम तय ही नहीं थे। सी-स्कीम के एक कैफे में बैठे मिले एक युकां नेता के मोबाइल पर जो भी फोन आ रहा था, पहले तो वे फोन काटते फिर खुद के चिंतन शिविर में होने का मैसेज टाइप कर भेजते।
  • सीएम के रात्रि भोज में इटालियन स्टाल भी
    यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी समेत चिंतन शिविर में मंत्रियों और कांग्रेस पदाधिकारियों के सम्मान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से रात्रि भोज दिया गया। इस भोज में राजस्थानी, पंजाबी और भारतीय व्यंजनों के साथ इटालियन स्टाल भी विशेष रूप से सजाई गई थी।
    सोनिया, मनमोहनसिंह और राहुल गांधी रात्रि 8.30 बजे सीएम हाउस गए। वहां गहलोत और उनके परिजनों के साथ राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, निगम, बोर्ड के चेयरमैन आदि लोगों से मिले। बाद में सीएम ने सोनिया गांधी, मनमोहनसिंह और राहुल गांधी के साथ भोजन किया।
    राज्यपाल नहीं दिखीं रात्रि भोज में: सीएम के यहां रात्रि भोज में राज्यपाल मारग्रेट अल्वा नहीं दिखीं। बाद में इस बारे में सीएम हाउस से बताया गया कि प्रोटोकॉल के कारण राज्यपाल इस भोज में शामिल नहीं हुईं।
    लंच में 55 व्यंजन
    होटल पार्क प्राइम में आए कांग्रेस अतिथियों के लंच के लिए 55 से अधिक व्यंजन पेश किए गए। इनके साथ मिठाई में गुलाब जामुन, गाजर का हलवा, रसगुल्ले और आइसक्रीम शामिल थे। ये व्यंजन बूफे में पेश किए गए। रात में आए नेताओं के लिए सुबह नाश्ता पेश किया गया।
    कमरों में नहीं ठहरे, नेताओं ने की अपनी व्यवस्था
    शिविर में शामिल होने के लिए आए नेताओं ने तयशुदा होटलों के अलावा अन्य स्थानों पर भी ठहरने की व्यवस्था की। होटल पार्क प्राइम में 25 राज्य मंत्री, 16 सीएलपी लीडर और 4 प्रवक्ताओं के लिए ठहरने की व्यवस्था की गई थी। इनमें 15 राज्यमंत्री, 11 सीएलपी लीडर और 4 प्रवक्ता रुके। शिविर शुरू होने से पहले होटल में मौजूद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के पास अन्य नेताओं के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। बताया जाता है कि ये नेता अपने स्तर पर ही व्यवस्था कर रुके हैं।
  • वीवीआईपी गेट से एंट्री का पास बनवाने में बीना काक असफल
    पर्यटन मंत्री बीना काक का स्टाफ अपने मंत्री की कार बिड़ला ऑडिटोरियम के वीवीआईपी गेट से एंट्री के लिए प्रयास में लगे रहे। इस गेट की सुरक्षा व्यवस्था एसपीजी ने संभाल रखी थी। एसपीजी ने लोकल मंत्री के लिए उस गेट से एंट्री पास जारी करने से स्पष्ट मना कर दिया। इस गेट से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी की कारों को ही प्रवेश दिया गया।
    (नोट: फ़ाइल फोटो का प्रयोग)
  • राहुल की टीम के लिए कलेक्ट्रेट के सहयोग से बना पास
    कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी के दिल्ली से आए स्टॉफ के पास शुक्रवार दोपहर बाद जाकर बने। जीएडी से चिट्ठी आने के बाद ही पीएचक्यू से पास जारी हो रहे थे। स्टॉफ लेट आया था, इसलिए जीएडी से चिट्ठी नहीं बनी। सीएमओ से आला अधिकारी ने फोन किया। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तहत एडीएम जसवंत सिंह से चिट्ठी बनवाकर पीएचक्यू से राहुल के स्टॉफ के लिए पास बनवाया गया।
    एयरपोर्ट का सेंसर कवर ठीक नहीं
    सबको पता था कि एयरपोर्ट पर गुरुवार से चिंतन शिविर के कारण वीवीआईपी मूवमेंट होने वाला है। इसके बावजूद कई दिन से यहां अराइवल गेट पर बिछा सेंसर मशीनों का रबर का कवर बार-बार उखड़ रहा था। शुक्रवार को भी यही स्थिति थी। कवर के दोनों कॉर्नर ऊंचे उठे होने के कारण अतिथियों के पांव में टकरा रहे थे। इसी दौरान ही एयरपोर्ट प्रबंधन को ध्यान आया और तकनीकी कर्मचारियों को बुलाकर उसे ठीक कराने का प्रयास भी किया, लेकिन 15 मिनट की मशक्कत के बाद भी ठीक नहीं हुआ और वीवीआईपी मूवमेंट फिर बढ़ गया।
    (नोट: फ़ाइल फोटो का प्रयोग)
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: 7 states Chief Minister arrived by bus
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From News

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top