Home »Rajasthan »Jaipur »News » मुख्यमंत्री आफिस ने लौटाई फाइल

मुख्यमंत्री आफिस ने लौटाई फाइल

Bhaskar News Network | Oct 19, 2016, 02:35 AM IST

एक ही अपराध पर आईएएस को 60 दिन, आरएएस को 1095 दिन का सस्पेंशन

जयपुर। कार्मिकविभाग में एक ही तरह की अपराध के लिए अलग-अलग दंड देने का प्रावधान है। भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग के मामले में विभाग कई सालों से कुछ ऐसा ही कर रहा है। निलंबित होने वाले अखिल भारतीय सेवा के अफसरों को महज 60 दिन और चार महीने के भीतर बहाली पर विचार किया जाता है। इसके ठीक उलट राज्य सेवा के अफसरों की फाइलें तीन साल से पहले खोली ही नहीं जाती। इसको लेकर सवाल खड़ा हो रहा है। भ्रष्टाचार के मामले में अखिल भारतीय सेवा के अफसरों को निलंबित होने की तिथि से 60 दिन पहले मुख्यसचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी को बहाली पर विचार करना होता है। कमेटी अफसर के निलंबन अवधि बढ़ाने की सिफारिश कर सकती है।

बहाली पर विचार करने की स्थिति में उस अफसर की डीम्ड बहाली मानी जाती है। एक बार निलंबन अवधि बढ़ने पर दूसरी, तीसरी या चौथी बार निलंबन की अवधि चार महीने के लिए बढ़ाई जाती है।

जेल से छूटने के एक साल के भीतर ऐसे ज्यादातर अफसरों को बहाल भी कर दिया जाता है। इसके ठीक उलट वैसे ही भ्रष्टाचार के मामले में आरएएस सहित राज्य सेवा के अफसरों की बहाली की फाइलें तीन साल से पहले नहीं खोली जाती है। गहलोत सरकार के कार्यकाल में सात जुलाई 2010 में सकुर्लर जारी किया गया था, जिसमें उल्लेख किया गया था कि तीन साल का कार्यकाल गुजरने और कोर्ट में चालान पेश करने पर ही बहाली कमेटी के सामने मामले रखे जाएंगे। हालांकि रसूख वाले अफसर तीन साल से पहले भी बहाल हो जाते हैं। पिछले महीने ही एक आरएएस अफसर की बहाली पर ऐसा देखा गया।

राज्य सेवा के 100 अफसर चल रहे निलंबित

14आरएएस सहित राज्य सेवा के 100 से अधिक अफसर निलंबित चल रहे हैं। इनमें अनिल अग्रवाल, निष्काम दिवाकर, सोहन लाल पालीवाल, कजोर मल, ओंकारमल, पंकज प्रभाकर, प्रदीप, राम चंद, केके गोयल, रमेश चंद्र , हर्षवर्धन सिंह राठौड़, रामेश्वर दयाल मीणा, शेर सिंह और भारत भूषण गोयल नाम शामिल है। दर्जन भर से अधिक ऐसे अफसर है, जिनकी बहाली पर चार या पांच साल बाद भी विचार नहीं किया गया।

कार्मिक विभाग ने भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और अन्य मामलों में निलंबित चल रहे राज्य सेवा के अफसरों को तीन के बजाए एक साल के भीतर बहाली पर विचार करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया था। पिछले साल प्रस्ताव तैयार करके मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा गया था, जिसे पिछले माह बिना किसी कमेंट के फाइल वापस लौटा दी गई है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: मुख्यमंत्री आफिस ने लौटाई फाइल
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

    More From News

      Trending Now

      Top