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अब ऑनलाइन बनेंगे प्रदेश में दवा विक्रेताओं के लाइसेंस

Bhaskar News Network | Mar 20, 2017, 03:40 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
प्रदेशमें दवा विक्रेताओं को लाइसेंस के लिए अब औषधि नियंत्रण विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ड्रग टेस्टिंग लैब की जांच रिपोर्ट में दवा सैंपल के सब स्टेंडर्ड नकली आने पर कंप्यूटर पर वेबसाइट से जुड़े विभाग, अधिकारी, निर्माता कंपनी, रिटेलर होलसेलर के पास अलर्ट पहुंच जाएगा। इसके अलावा सॉफ्टवेयर के जरिए एक फार्मासिस्ट के दो जगह काम करने पर पकड़ में जाएगा और दवा एनालिस्ट को सैंपल की एक्सपायरी डेट से पहले ही पता लग जाएगा। ये संभव होगा ‘डिजिटल इंडिया’ के तहत 1 करोड़ रु. की लागत में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से तैयार हो रहे सॉफ्टवेयर से। संभावना है कि सरकार इस दो महीने में शुरू कर देगी। उल्लेखनीय है कि राज्य में थोक खुदरा दवा विक्रेताओं की संख्या 42 हजार है।

लाइसेंसिंगमें पारदर्शिता : सॉफ्टवेयरसे केवल विभाग की समस्त जानकारी कंप्यूटर पर ऑनलाइन मिल सकेगी, बल्कि ऑनलाइन लाइसेंस, नवीनीकरण, निरीक्षण की रिपोर्ट, दवा के थोक खुदरा विक्रेता को समय से पहले नवीनीकरण कराने की सूचना देना, कार्यालय में कागज-रहित काम और दवा स्टोर पर काम करने वाले फार्मासिस्ट का भी आसानी से पता चल जाएगा। इसमें राजस्थान फार्मेसी काउंसिल, ड्रग टेस्टिंग लैब आदि भी जुड़ेंगे।

सरकार को बताकर बेचनी होगी दवा

बेअसरहो रही एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने तथा मरीजों को बेहतर दवा उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और दवा नियामक मिलकर एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार कर रहे हैं। इसमें देश के हरेक केमिस्ट और विक्रेता को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। थोक और खुदरा विक्रेताओं को विभिन्न स्रोतों से खरीदी गई दवाओं के भंडार के आंकड़े भी देने होंगे। इसके अलावा निर्माता कंपनी को लौटाने का भी ब्यौरा देना होगा। दवा कंपनियों को वितरक, विक्रेता को कितनी और कौन-सी दवा बेची और उसकी एक्सपायरी डेट क्या है, यह भी बताना होगा। दवा लिखने वाले डॉक्टर मरीज का प्रोफाइल भी उपलब्ध रहेगा। इस पहले के बारे में स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15 अप्रैल तक सुझाव मांगे हैं।

सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है

^सूचनाप्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। राजस्थान ऑनलाइन लाइसेंस लागू करने वाला देश का 17 वां राज्य होगा। दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, झारखंड आदि में ऑनलाइन लाइसेंस दिया जा रहा है। -अजयफाटक, ड्रग कंट्रोलर प्रथम

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Web Title: अब ऑनलाइन बनेंगे प्रदेश में दवा विक्रेताओं के लाइसेंस
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