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22 सर्कुलर जारी, फिर भी नहीं लगे फार्मेसी संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे

Bhaskar News Network | Mar 18, 2017, 04:35 IST

मॉनिटरिंग आसान होगी| फार्मेसीशिक्षक प्रवीण कुमार ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे लगाने का मकसद रैगिंग रोकना, संस्थानों में शिक्षकों छात्रों की उपस्थिति और प्रायोगिक थ्योरी क्लासेज की मॉनिटरिंग आसान हो जाएगी। राज्य में वर्तमान में डिप्लोमा वाले 27 संस्थानों में 1600 सीटें, डिग्री वाले 24 कॉलेजों में 1400 तथा एम-फार्मा वाले 19 कॉलेजों में 800 सीटें हैं।

सुरेन्द्र स्वामी|जयपुर

फार्मेसीकाउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की ओर से दस साल में 22 सर्कुलर जारी करने के बावजूद प्रदेश के फार्मेसी संस्थानों ने निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी रोकने, परीक्षा में पारदर्शिता तथा रैंगिग रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए। इस बारे में पीसीआई ने मानव संसाधन मंत्रालय (उच्च शिक्षा) यूजीसी को भी पत्र लिखा है। पिछले माह हुई काउंसिल की एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाने को गंभीर मानते हुए एक बार फिर सभी संस्थानों को 8 मार्च को पत्र लिखा है। इसके अलावा कमेटी ने पीसीआई ने संस्थानों के मान्यता लेने नवीनीकरण फीस जमा कराने के लिए कैशलेस सुविधा प्रारंभ करने की निर्णय लिया है।

काउंसिल की रजिस्ट्रार सचिव अर्चना मुद्गल का कहना है कि 2007 से अब तक सभी राज्यों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए पत्र लिख चुके हैं। वर्ष 2007 में 2, 2008 में 1, 2009 में 4, 2011 में 2, 2012 में 2, 2013 में 1, 2014 में 4, 2015 में 4 और 2016 2017 में एक-एक सर्कुलर जारी किए।

^सर्कुलरजारी करने के बाद सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाना गंभीर मामला है। राज्य में संचालित फार्मेसी संस्थानों में नियमों का पालन सख्ती से कराएंगे। -कालीचरणसराफ, चिकित्सा मंत्री

^संस्थानोंको आदेश का पालन करना चाहिए। सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाने के कारणों का पता करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। -रोलीसिंह, सचिव (मेडिकल शिक्षा)

लापरवाही

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Web Title: 22 सर्कुलर जारी, फिर भी नहीं लगे फार्मेसी संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे
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