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सूरज की पहली किरण पड़ते ही चमक उठेगा इस मंदिर का शिखर!

Bhaskar News | Dec 06, 2012, 02:16 IST

  • मनीष बोहरा.जोधपुर.आने वाले कुछ सालों में सूर्यनगरी अपणायत व अन्य विशिष्टता के साथ खास मंदिरों के लिए भी पहचानी जाएगी। यूं तो शहर की हर गली और मोहल्ले में मंदिर हैं, लेकिन कुछ मंदिर अपनी आस्था व भव्यता के कारण शहर और देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपनी अमिट छाप छोड़ेंगे।
    शहर में धार्मिक परंपरा की प्रगाढ़ता को आगे बढ़ाते हुए नए मंदिरों के निर्माण के साथ पुराने मंदिरों का भी जीर्णोद्धार किया जा रहा है। मसूरिया के बाबा रामदेव मंदिर का करोड़ों रुपए की लागत से सौंदर्य निखारा जा रहा है, वहीं सालावास रोड पर लोटस टेंपल को कमल के फूल की भांति आकर्षक रूप दिया जा रहा है। पाल बाइपास रोड पर सूर्यनारायण मंदिर को सूर्य की रोशनी से रोशन करने का काम शुरू हो चुका है।
  • कमल की पंखुड़ियों में विराज रही मां
    सालावास रोड पर बना 109 पाश्र्व पद्मावती तीर्थ में बन रहा लोटस टेंपल अपनी तरह का अनूठा मंदिर होगा। वर्ष 1999 में स्थापित यह मंदिर अब वास्तविक आकार ले रहा है। मंदिर का बाहरी स्वरूप पूरी तरह से कमल के फूल के आकार का होगा। प्रथम चरण में गोलाकार भवन के अंदर 109 कमल के फूलों में मां पद्मावती के इतने ही रूपों की मूर्तियां लगाई गई हैं। जहां मां की मूर्तियां विराजित हैं, उन्हें भी कमल की पंखुड़ियों का रूप दिया गया है। संपूर्ण मंदिर कमल के फूल की भांति नजर आएगा। गुरुमैया साध्वी चंदनप्रभा के सान्निध्य में मंदिर का निर्माण करवाया जा रहा है।
  • पहली किरण से रोशन होगा मंदिर
    चौपासनी पाल बाइपास रोड पर सूर्यनारायण मंदिर का निर्माण जोरों पर है। आरसीसी व लोहे के बगैर हो रहे इस मंदिर के निर्माण में कलात्मकता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मजबूती के लिए तांबे का इस्तेमाल किया जा रहा है। मंदिर दिशाओं को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है ताकि इस मंदिर पर सीधे सूर्य की पहली किरण पड़े। यहां सूर्य सहित विष्णु, शक्ति, शिव और गणोश के मंदिर बनाए जाएंगे। मंदिर का निर्माण सूर्यनारायण विकास समिति और संरक्षण भंवरलाल सांखला के निर्देशन में किया जा रहा है।
  • साईं बाबा मंदिर का शिखर सबसे ऊंचा
    पाल से बोरानाडा जाने वाले मार्ग के दांयीं ओर साईं बाबा का भव्य मंदिर बनाया गया है। जोधपुरी पत्थर से बनाए गए इस मंदिर ने भव्यता व कलात्मकता के चलते अल्प समय में ही खास पहचान बना ली है। बिना किसी खंभे के सहारे बनाया गया 70 गुणा 90 फीट आकार का हॉल आकर्षण का केंद्र है। इसमें 38 फीट ऊंचा शिखर है, जो शहर का सबसे ऊंचा मंदिर शिखर है। सड़क से ऊंचाई करीब 73 फीट है। श्री मोतीलाल अग्रवाल चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से बनाए गए इस मंदिर में विराजमान साईं बाबा की मूर्ति भी मनमोहक है। सिंहासन की जगह मार्बल की चट्टान पर ही साईं बाबा को विराजित किया गया है। मंदिर में शिव परिवार और नवग्रह मंदिर भी हैं।
  • चांदी के दरवाजों व 5 हजार लाइटों से निखरेगा सौंदर्य
    मसूरिया स्थित बाबा रामदेव मंदिर की दो साल में काया बदल जाएगी। करोड़ों रुपए की लागत से मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ हो चुका है। यह प्रदेश का पहला ऐसा मंदिर होगा जो पूरी तरह से वातानुकूलित होगा। पोल का रूप लिए मंदिर के तीन प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। चांदी से दरवाजों का निर्माण किया जाएगा जो भव्यता लिए होंगे। पांच हजार लाइटों से मंदिर परिसर को जगमग किया जाएगा। 35 फीट ऊंचाई तक के मंदिर का सौंदर्य निखारने के लिए नक्काशी की जाएगी। देश के प्रमुख मंदिरों तिरुपति, साईं बाबा, सिद्धि विनायक, जगन्नाथ पुरी, ओसियां सच्चियाय माता मंदिर आदि की विशेषताओं को ध्यान में रखकर मंदिर को भव्य और मनमोहक रूप दिया जा रहा है।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: Get the first rays of the sun shall shine as the pinnacle of the temple!
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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