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छात्रा ने किया सुसाइड, डीएसपी बोले- कई मौतें देखीं, लेकिन पहली बार मेरे हाथ कांपे

bhaskar news | Dec 02, 2016, 06:47 AM IST

कोटा.आरकेपुरम में रहकर मेडिकल की काेचिंग कर रही छात्रा ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। वहीं, एक प्राइवेट कॉलेज से इंजीनियरिंग कर रही छात्रा ने भी फांसी लगा ली। दोनों छात्राओं के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस ने परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। दोनों ही घटना में मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इधर, पुलिस ने मामलों में जांच शुरू कर दी है।

आरकेपुरम सीआई शौकत अली खान ने बताया कि रेवाड़ी, हरियाणा निवासी महिमा पुत्री धर्मवीर यादव कोटा में आरकेपुरम स्थित मकान में किराए से रहकर मेडिकल की कोचिंग कर रही थी। सुबह उसकी मां किसी काम से बाहर गई थी और इस दौरान उसने सुसाइड कर लिया। मकान मालिक बूंदी डीएसपी गोपीचंद मीणा ने बताया कि महिमा का परिवार थर्ड फ्लोर पर रहता है और वे सेकंड फ्लोर पर रहते हैं। सुबह वह अपने कमरे में बैठे थे, तभी छत से महिमा के भाई के चिल्लाने की आवाज आई। वे दौड़कर छत पर गए तो उसने नीचे कमरे से आवाज आने पर शोर किया था।
जब मीणा नीचे कमरे में देखने आए तो वो अंदर से लॉक था। महिमा की मां अंजू देवी छोटी बेटी को स्कूल छोड़ने और एटीएम से पैसे निकालने गई थी। कमरे में महिमा पढ़ रही थी, उसने ही भाई को छत पर भेजा था। मीणा तुरंत पास वाले कमरे के अटैच बाथरूम के रास्ते जाकर उन्होंने महिमा के कमरे का लॉक खोला। जैसे ही अंदर जाकर देखा तो महिमा पंखे से लटकी हुई थी। नीचे उतारा तो उसकी नब्ज चल रही थी, पुलिस को सूचना देकर तुरंत उसे तलवंडी स्थित निजी अस्पताल में लेकर गए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। महिमा के पिता सेना में है और फिलहाल गुजरात बॉर्डर पर तैनात हैं।
आखिर कब बंद होंगे कोटा में सुसाइड: मीणा

डीएसपी गोपीचंद मीणा ने बताया कि मैं कई सालों तक सीआई रहा, अब डीएसपी बना हूं। मैंने कई सुसाइड, हत्या, एक्सीडेंट देखे है और उसके बाद पूरी पुलिस जांच और अन्य चीजें की है, लेकिन आज पहली बार महिमा का शव उतारते समय मेरे हाथ कांप गए। भरे गले से मीणा बोले- कोटा में आखिर कोचिंग छात्रों के सुसाइड कब बंद होंगे?
पिछले क्लास टेस्ट में महिमा के 42 फीसदी अंक आए थे

कोचिंग संस्थान में 12 नवंबर को हुए महिमा के आखिरी क्लास टेस्ट में 42 प्रतिशत अंक आए थे। संस्थान के मुताबिक महिमा ने इस सेशन में ही कोचिंग में एडमिशन लिया था। वह पढ़ने में औसत छात्रा थी। क्लास टेस्ट में उसके अंक न तो औसत से अधिक आए और न ही बहुत ज्यादा कम। वह क्लास भी नियमित अटेंड करती थी। आने वाले दिनों में किसी भी प्रकार का क्लास टेस्ट हाेने से कोचिंग संस्थान ने इनकार किया है।
रात को पढ़ाई की और सुबह मिला शव

अनंतपुरा थाना क्षेत्र में एक इंजीनियरिंग छात्रा ने भी फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक क्रेशर रोड, अनंतपुरा निवासी छात्रा शबनम (19) पुत्री मोहम्मद शब्बीर एक प्राइवेट कॉलेज से कम्प्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर रही थी। बुधवार रात वह कमरे में पढ़ाई कर रही थी। पढ़ाई करते-करते वो सो गई। जब गुरुवार सुबह देर तक वो बाहर नहीं आई तो परिजनों ने देखा तो वह पंखे पर फंदे से लटकी हुई थी।
एग्जाम टाइम नजदीक, ग्रुप स्टडीज से दूर होगा स्ट्रेस
जेईई मेन्स की आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब एग्जाम का काउंटडाउन भी शुरू हो गया। अप्रैल में मेन्स देने वाले बच्चों के लिए कोचिंग सेशन भी जल्द ही समाप्त हाेने वाला है। इसके बाद रिविजन और डाउट दूर करने की जद्‌दोजहद शुरू हो जाएगी। कुछ बच्चे फिर से अपने घर चले जाएंगे। वहीं, कुछ कोटा में रहकर रिवीजन और फाइनल टच देंगे। बच्चों के साथ-साथ पैरेंट्स को इस समय क्या ध्यान रखना चाहिए, इसके लिए भास्कर कुछ टिप्स लेकर आया है। यह टिप्स टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की ओर से संचालित आईकॉल के प्रोफेशनल और कोटा की यूथ काउंसलर डॉ. सुरभि गोयल ने बताए हैं। आईकॉल की काउंसिलिंग के लिए छात्र 022-25521111 पर संपर्क कर सकते हैं।
बच्चों के लिए यह जरूरी...

- हर दिन कम से कम एक घंटा ग्रुप स्टडीज और ग्रुप डिस्कशन करें। इससे टॉपिक अधिक क्लियर होंगे।
- ग्रुप डिस्कशन के दौरान आपकी क्वेरी को अापके दोस्त नहीं तो शिक्षक दूर करेंगे।
- जितनी क्वेरी होगी, उतना ही टॉपिक क्लियर होगा। इससे सवाल का उत्तर समझ में आएगा।
- अपनी पसंदीदा एक्टिविटी को इस समय बिल्कुल भी बंद नहीं करें। पढ़ाई का ओवर स्ट्रेस नहीं लें।
- रिजल्ट के बारे में बिल्कुल मत सोचें और एग्जाम पर फोकस करें।
- म्यूजिक सुने और कोर्स की किताबों के अलावा भी अन्य किताबें पढ़ें।
- कुछ देर के लिए ही सही आउटिंग जरूर करें।
- पढ़ाई के बीच ब्रेक जरूर लें, इस ब्रेक के दौरान पढ़ाई के बारे में कोई बात नहीं करे और यहां तक की सोचे भी नहीं
पैरेंट्स यह करें...

- इस समय बार-बार बच्चे को फोन करके एग्जाम की तैयारियों के बारे में मत पूछें।
- बच्चे को सिर्फ एग्जाम के लिए मोटिवेट करें।
- बच्चे की फिजिकल हैल्थ के साथ-साथ मेंटल हैल्थ का खास ध्यान रखे।
- बच्चे से पूछने के साथ-साथ उसके दोस्तों और टीचर्स के साथ इस समय संपर्क में रहें।
- कॅरिअर, पैसा, घर के हालातों के बारे में कोई भी नेगेटिव बात नहीं करें।
- बच्चे को अन्य एक्टिविटी में भी सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करें।
- इस समय पॉजीटिव बातें ही बच्चे के साथ शेयर करें।
- खुशनुमा और हंसी मजाक भी बच्चे के साथ करें।
मूल्यांकन के जरिए छात्र ही बताएंगे उनके साथियों की फिलिंग
कोटा| कोटा कोचिंग छात्रों में बढ़ते स्ट्रेस के निपटने के लिए जिला प्रशासन अब सभी कोचिंगों में पियर ग्रुप इवेल्यूशन शुरू करने जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक कोचिंग में 15 से 20 छात्रों का ग्रुप बनाया जाएगा। यह बच्चे वापस में बात करके एक दूसरे का मूल्यांकन एक निर्धारित फॉर्मेंट के जरिए करेंगे। कलेक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर ने बताया कि नियमित इस एक्टिविटी से यह पता चल जाएगा कि कौनसे छात्र के व्यवहार में बदलाव आया है और किस छात्र को काउंसलिंग की जरूरत है।

एक शीट पर करीब 15 छात्र के नाम है। इसमें एक छात्र का नाम राजेश (काल्पनिक नाम) है। पहले मूल्यांकन में राजेश ने डिस्कशन में बहुत ही एक्टिव होकर भाग लिया। अन्य 14 छात्रों ने उसके नाम के आगे मूल्यांकन करते हुए लिखा एक्टिव। अब फिर से 15 दिन के बाद यह मूल्यांकन हुआ, लेकिन इस बार राजेश बहुत कम बोला। इस पर अन्य 14 छात्र उसके व्यवहार के देखते हुए उसका मूल्यांकन इन-एक्टिव, परेशान व अन्य शब्दों से करेंगे। यह शीट पर जब कोचिंग संस्थानों के पास जाएगी तो उनको पता चल जाएगा कि छात्र के व्यवहार में बदलाव आया है और उसको काउंसलिंग की जरूरत है।

पहचान करने का प्रयास

अब तक कोटा में छात्रों के स्ट्रेस करने के लिए सुविधाएं और एक्टिविटी हो रही है। लेकिन, इसके बावजूद एक के बाद एक सुसाइड के मामले सामने आते जा रहे हैं। अब प्रशासन का मकसद है कि ऐसे छात्रों की पहचान हो सकें, जिनको काउंसलिंग की जरूरत है। इसकी पहचान करने के लिए यह एक्टिविटी अब कोचिंग संस्थानों में शुरू की जाएगी।
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Web Title: छात्रा ने किया सुसाइड, डीएसपी बोले- कई मौतें देखीं, लेकिन पहली बार मेरे हाथ कांपे
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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