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पिताजी थे तो चहल-पहल थी, मैं तो अखड़ हूं अब तो घर सूना हो गया: भरत सिंह

bhaskar news | Dec 02, 2016, 06:58 AM IST

पिताजी थे तो चहल-पहल थी, मैं तो अखड़ हूं अब तो घर सूना हो गया: भरत सिंह
कोटा. पूर्व मंत्री जुझारसिंह के निधन पर उनके बेटे भरतसिंह ने गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि मेरा तो घर ही सूना हो गया। उनसे मिलने-जुलने लोग आते रहते थे, यहां चहल-पहल रहती थी, अब कौन आएगा। मेरा स्वभाव तो ऐसा है कि कोई आता नहीं, मैं तो लोगों को फटकार कर भगा देता हूं।

पचास साल से पत्र व डायरी लिखते थे: स्व. सिंह की पत्नी का निधन 1987 में हो गया था, इसके बाद उन्होंने अपना पूरा समय लोगों से मिलने-जुलने, डायरी लिखने तथा पत्र लिखने में लगा दिया। हालांकि वे पचास साल से डायरी लिखते थे। वे देश की राजनीति इसमें कैसे सुधार किया जाए पर इंदिरागांधी, राजीव गांधी, अब सोनिया गांधी, अशोक गहलोत, वसुंधरा राजे तक को पत्र लिखते रहते थे। अशोक गहलोत व वसुंधरा राजे तो जब भी कोटा आते उनसे मिलने अवश्य जाते थे। उनके सभी दलों के नेताओं से अच्छे संबंध थे।

राजनीतिक सूझबूझ भी कमाल की थी: वे राजनीतिक सूझबूझ के धनी थे, कांग्रेसी नेता डॉ. इकराम के अनुसार वर्ष 1972 में उन्हें हाड़ौती की सभी सीटों पर टिकट बांटने की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने ऐसे टिकट दिए कि उसमें सभी 17 सीटों पर कांग्रेस जीती, इसमें भुवनेश चतुर्वेदी भी शामिल थे।
कांग्रेस व भाजपा नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

जुझारसिंह ने सुबह 11.15 बजे अपने आवास पर अंतिम सांस ली। जैसे ही उनके निधन की सूचना शहर में फैली, लोग उनके घर पर शोक प्रकट करने पहुंचने लगे। पूर्व मंत्री शांति धारीवाल के अलावा कई कांग्रेसी व भाजपा नेता वहां पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलाेत, पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट, राष्ट्रीय महामंत्री गुरुदास कामथ, सांसद ओम बिरला, भवानीसिंह राजावत, संदीप शर्मा, प्रहलाद गुंजल, कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद शर्मा, पूर्व यूआईटी अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी, पंकज मेहता, पूनम गोयल, डॉ. इकराम खान, अनूप ठाकुर, दिलीप पाठक, किरण पारेता, मंजू मेहरा, डॉ. विजय सोनी सहित अन्य नेताओं ने दुख प्रकट किया है।
दोपहर में आएंगी मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे दोपहर 1.40 बजे कोटा आएंगी। वे एक घंटे कोटा में रुकने के बाद दोपहर 2.40 बजे रवाना हो जाएंगी। वेे इस दौरान भरतसिंह के यहां उनके पिता के निधन पर शोक प्रकट करने जाएंगी। अस्पताल में भर्ती आरपीएससी के सदस्य श्याम शर्मा से मिलने भी मुख्यमंत्री जाएंगी। भरतसिंह के मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से पारिवारिक संबंध रहे हैं। उनके पिछले कार्यकाल के दौरान जब भी वे कोटा आती थी, भरतसिंह उनसे मिलने एयरपोर्ट जाया करते थे।
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Web Title: पिताजी थे तो चहल-पहल थी, मैं तो अखड़ हूं अब तो घर सूना हो गया: भरत सिंह
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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