Home »Rajasthan »Jhalawar Zila »Bhawani Mandi » मिट्टी जांचने की नई मशीन खराब निकली

मिट्टी जांचने की नई मशीन खराब निकली

Bhaskar News Network | Oct 19, 2016, 02:15 AM IST

मिट्टी जांचने की नई मशीन खराब निकली
भास्कर न्यूज| भवानीमंडी

किसानोंको उनके खेत में पोषक तत्वों की जानकारी देने के लिए सोयल हेल्थ कार्ड बनाए जाने हैं। इसके लिए स्थानीय कृषि विभाग में पीपीपी मोड़ में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला मंगलवार को आधी-अधूरी जांचों के साथ शुरू कर दी गई। इसमें पांच प्रकार की जांचें होनी है, लेकिन मशीनों और अन्य रसायन के अभाव में दो ही प्रकार की जांचे हो सकेगी।

डाटा फीडर नहीं होने से किसानों का मिट्टी जांच का सोयल हेल्थ कार्ड भी नहीं बन सकेगा। पिछले सप्ताह ही कृषि आयुक्तालय के संयुक्त निदेशक पीएन कटियार ने इस प्रयोगशाला का औचक निरीक्षण कर कहा था कि इसमें मिट्टी जांच के सभी सामान मौजूद है। उन्होंने लैब चालू नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। इस पर लैब संचालन का ठेका लेने वाली हैदराबाद की संस्था के स्थानीय संयोजक सुनील कुमार ने इसे अकलेरा से रसायन मंगवाकर मंगलवार से इसे चालू कर देने की बात कही थी।

पीएचमशीन खराब: मिट्‌टीमें पांच प्रकार के तत्वों की जांच होती है, जिसमें वर्तमान में इस प्रयोगशाला में ईसी विद्युत चालकता ओसी जैविक कार्बनिक तत्व की ही जांच हो सकेगी। बाकी तीन में से एक पीएच लवणीयता जांच की मशीन कंपनी से ही खराब आई है। इसी तरह फास्फोरस पोटेशियम जांच की मशीन को लगाने के लिए कंपनी का प्रतिनिधि अभी तक नहीं आया हैं। माइक्रोन्यूट्रीन सूक्ष्म पोषक तत्व की जांच की मशीन भी नहीं आई है। लैब सुपरविजन प्रतिनिधि हरीश कुमार ने बताया कि अभी दो ही जांचें हो सकेगी। इसकी रिपोर्ट भी रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। बाद में तीन जांचें और होने पर जांच पूर्ण हो सकेगी। उन्होंने बताया कि दो और जांचें शुरू करने के लिए अकलेरा से पोटेशियम क्लोराइट मंगवाया गया था। वहां पर भी इसका अभाव होने से नहीं दिया गया। उनका कहना था कि यह तो झालावाड़ से भी मंगवाया जा सकता है, लेकिन जब तक इसकी दोनों मशीनें चालू नहीं हो जाती, यह काम नहीं सकेगा।

किसानोंको उनके खेत में पोषक तत्वों की जानकारी देने के लिए सोयल हेल्थ कार्ड बनाए जाने हैं। इसके लिए स्थानीय कृषि विभाग में पीपीपी मोड़ में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला मंगलवार को आधी-अधूरी जांचों के साथ शुरू कर दी गई। इसमें पांच प्रकार की जांचें होनी है, लेकिन मशीनों और अन्य रसायन के अभाव में दो ही प्रकार की जांचे हो सकेगी।

डाटा फीडर नहीं होने से किसानों का मिट्टी जांच का सोयल हेल्थ कार्ड भी नहीं बन सकेगा। पिछले सप्ताह ही कृषि आयुक्तालय के संयुक्त निदेशक पीएन कटियार ने इस प्रयोगशाला का औचक निरीक्षण कर कहा था कि इसमें मिट्टी जांच के सभी सामान मौजूद है। उन्होंने लैब चालू नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। इस पर लैब संचालन का ठेका लेने वाली हैदराबाद की संस्था के स्थानीय संयोजक सुनील कुमार ने इसे अकलेरा से रसायन मंगवाकर मंगलवार से इसे चालू कर देने की बात कही थी।

पीएचमशीन खराब: मिट्‌टीमें पांच प्रकार के तत्वों की जांच होती है, जिसमें वर्तमान में इस प्रयोगशाला में ईसी विद्युत चालकता ओसी जैविक कार्बनिक तत्व की ही जांच हो सकेगी। बाकी तीन में से एक पीएच लवणीयता जांच की मशीन कंपनी से ही खराब आई है। इसी तरह फास्फोरस पोटेशियम जांच की मशीन को लगाने के लिए कंपनी का प्रतिनिधि अभी तक नहीं आया हैं। माइक्रोन्यूट्रीन सूक्ष्म पोषक तत्व की जांच की मशीन भी नहीं आई है। लैब सुपरविजन प्रतिनिधि हरीश कुमार ने बताया कि अभी दो ही जांचें हो सकेगी। इसकी रिपोर्ट भी रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। बाद में तीन जांचें और होने पर जांच पूर्ण हो सकेगी। उन्होंने बताया कि दो और जांचें शुरू करने के लिए अकलेरा से पोटेशियम क्लोराइट मंगवाया गया था। वहां पर भी इसका अभाव होने से नहीं दिया गया। उनका कहना था कि यह तो झालावाड़ से भी मंगवाया जा सकता है, लेकिन जब तक इसकी दोनों मशीनें चालू नहीं हो जाती, यह काम नहीं सकेगा।

भवानीमंडी। प्रयोगशाला में मिट्टी जांच के लिए रसायन तैयार करते लैबकर्मी।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: मिट्टी जांचने की नई मशीन खराब निकली
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

    More From Bhawani Mandi

      Trending Now

      Top