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गुजरात के सीएम निवास की तर्ज पर अंग्रेजी बबूल को दे रहे पशु-पक्षियों का रूप

Bhaskar News Network | Mar 15, 2017, 04:15 IST

गुजरात के सीएम निवास की तर्ज पर अंग्रेजी बबूल को दे रहे पशु-पक्षियों का रूप
गुजरातमें सीएम निवास की तर्ज पर कोट किराणा के पास अरावली की पहाडिय़ों में पर्वत पर स्थित आशापुरा माता मंदिर जाने वाले रास्ते पर लगे अंग्रेजी बबूल को मोर, बत्तख, हाथी आदि का आकार दिया जा रहा है। दिखने में सुहाने नहीं लगने वाले अंग्रेजी बबूल का ये अलग रूप देखकर लोग भी दांतों तले अंगुली दबा रहे है। ये कलाकृतियां कोट किराणा के समीप समेल बाडिया के सेवानिवृत बागवान मोहनसिंह रावत द्वारा बनाई जा रही है। रावत गुजरात में सरकारी सेवा में रहते हुए बागवानी कर चुके है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीएम रहते गुजरात में उनके निवास पर ऐसे ही पेड़ों को विभिन्न पक्षी पक्षियों की शक्ल दे चुके है।

हर रविवार दो घंटे श्रमदान

आशापुरामंदिर जाने वाले रास्ते में खड़े बबूल को एक बार उन्हें फुर्सत के क्षणों में कोई पक्षी का रूप दे दिया। जब ये अच्छा लगा तो वे इस रास्ते आने वाले सभी पेड़ को ऐसा रूप देने के लिए तैयार हो गए। अब हर रविवार को वे दो घंटे श्रमदान कर बबूल को मोर, बतख, हाथी, त्रिशूल सहित अन्य पशु पक्षियों का आकार दे रहे है।

सेवानिवृतके बाद लगातार दे रहे सेवाएं हैं मोहनसिंह

कोटकिराणा के पास स्थित समेल बाडिय़ा के रहने वाले मोहनसिंह पूर्व में गुजरात में नगरपालिका में बागवानी करते थे। 2013 मे सेवानिवृति के बाद पुन: अपने पैतृक गांव में आकर बसे गये। तभी से मंदिर में अपनी सेवाएं दे रहे है। मोहनसिंह रावत बताते हैं कि पूर्व में गुजरात नौकरी के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते समय उन्होंने उनके आवास पर बागवानी कर एेसी कलाआें को आकार दिया था। उन्होंने गुजरात नगरपालिका में सरकारी सेवा के पद पर रहते समय पेड़ पौधों से ऊंट, हाथी, आदमी, औरत आदि का आकार दिया था।

कोट किराणा के पास आशापुरा माता मंदिर जाने वाले रास्ते में पेड़ को दिया गया पशु-पक्षियों का आकार।

समेल बाड़िया निवासी बागवान मोहनसिंह रावत बताते हैं कि अंग्रेजी बबूल की ज्यादा देखभाल करने की जरूरत नहीं रहती। अंग्रेजी बबूल की झाडिय़ों को रूप देते वक्त उनकी टहनियों को लकड़ी तार से आकार देते हैं ज्यादा होने वाली झाडिय़ों को काट देते हैं। धीरे धीरे उनका आकार बदलने पर कैंची से उनको काटते रहते है। उनका कहना है कि वे ये सब पर्यावरण के साथ पशु प्रेम का संदेश देने के लिए भी करते है।

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Web Title: गुजरात के सीएम निवास की तर्ज पर अंग्रेजी बबूल को दे रहे पशु-पक्षियों का रूप
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