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सार संभाल नहीं होने के कारण नष्ट हो रही पोकरण की ऐेतिहासिक धरोहर

Bhaskar News Network | Dec 02, 2016, 06:35 AM IST

सार संभाल नहीं होने के कारण नष्ट हो रही पोकरण की ऐेतिहासिक धरोहर
भास्कर संवाददाता | पोकरण (आंचलिक)

विश्वमानचित्र पर अपनी पहचान छोड़ चुका उपखंड पोकरण के कई क्षेत्रों में अपने ऐतिहासिक स्थलों को सहेजने में नाकाम साबित हो रहा है। ऐसे में जहां प्रशासन द्वारा ऐतिहासिक स्थलों की अनदेखी की जा रही है वहीं दूसरी ओर स्थानीय शहरवासी भी पोकरण के ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के संबंध में गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। जिसके कारण यह ऐतिहासिक स्थल अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं। ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षित नहीं होने के कारण यह स्थल इन दिनों तो लोगों को लुभा रहे हैं और ही पर्यटकों को।

उपखंड क्षेत्र पोकरण भणियाणा के धार्मिक तथा ऐतिहासिक स्थलों को लेकर पर्यटन विभाग तथा पुरातत्व विभाग भी कोई उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसके कारण यह स्थल वीरान पड़े हैं। बाबा रामदेव के मेले के दौरान आने वाले दर्शनार्थियों को भी इन पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती है। जिसके कारण तो इन स्थलों का विकास हो पा रहा है और ही लोगों को इन स्थलों के बारे में सूचना मिल पा रही है। संरक्षण के अभाव में यह स्थल भी इन दिनों जमींदोज होते जा रहे हैं।

ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण को लेकर तो पर्यटन विभाग गंभीर दिखाई दे रहा है और ही पुरातत्व विभाग। जिसके कारण यह स्थल जर्जर होते जा रहे हैं। पर्यटकों के साथ साथ पोकरण के इतिहास को सहेजकर रखने वाले इन स्थलों की समय समय पर सार संभाल नहीं होने के कारण यह स्थल इन दिनों जर्जर होते जा रहे हैं।

^उपखंड पोकरण भणियाणा क्षेत्र में ऐेतिहासिक धरोहरों के संबंध में पर्यटक विभाग पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी तथा ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए जल्द से जल्द प्रयास किया जाएगा। मूलसिंहराजावत, एसडीएम पोकरण

पोकरण (आंचलिक) सार संभाल नहीं होने के कारण एेतिहासिक धरोहर हो रही हैं नष्ट

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Web Title: सार संभाल नहीं होने के कारण नष्ट हो रही पोकरण की ऐेतिहासिक धरोहर
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