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चार दिन में 20 करोड़ बंट गए, अभी भी एक अरब की आवश्यकता

Bhaskar News Network | Dec 02, 2016, 06:40 AM IST

नोटबंदी को 24 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी भी बैंकों के पास देने के लिए पर्याप्त कैश नहीं है। राजसमंद में कुल 40 करोड़ कैश का वितरण किया जा चुका है, वहीं अभी 100 करोड़ की और आवश्यकता है। वहीं गुरुवार को माह की पहली तारीख होने से सबसे ज्यादा पेंशनर्स की भीड़ रही। राजनगर चेस्ट ब्रांच के पास चार दिन पूर्व आए 20 करोड़ का कैश अब धीरे-धीरे सिमटकर लाखों में ही रह गया है। अभी आगामी दस दिनों तक बैंकों में पेंशनर्स की भीड़ बढ़ेगी। आगामी दिनों में आरबीआई से कैश आने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है। चेस्ट ब्रांच ने अन्य दूसरी ब्रांचों को मांग के अनुसार कैश बहुत ही कम देना शुरू कर दिया है। निजी बैंकों के पास कैश समाप्त होने से दोपहर बाद केवल कैश जमा करने का ही कार्य किया गया। शहर के आधे से अधिक एटीएम खाली पड़े रहे।

एटीएम से पैसा निकालने के लगी लम्बी कतार।

शहर के बैंकाें में माह के प्रथम दिन पेंशनर्स की भीड़ रही। शहर के मुखर्जी चौराहा स्थित एसबीबीजे उमड़े वृद्ध।

आशंका : आगामीदिनों में और बढ़ेगी समस्या

अगरआरबीआई से जल्दी कैश नहीं आया तो आगामी दिनों में सरकारी बैंकों में समस्या बढ़ सकती है। जिला कोष कार्यालय के अनुसार जिले भर में सामाजिक सुरक्षा के तहत दी जाने वाली पेंशन विधवा, विकलांग, वृद्धावस्था आदि प्रकार की पेंशन के करीब डेढ़ लाख पेंशनर्स हैं। इनको कोष कार्यालय से साढ़े आठ करोड़ की पेंशन विभिन्न बैंकों को भेजी जाती है। पेंशन के बिल भेजने का कार्य महीने की एक से पांच तारीख के बीच होता है।

वहीं यह पेंशनर्स महीने की 5 से 10 तारीख के बीच बैंक से रुपए निकालने के लिए जाते हैं। इससे आगामी दिनों में बैंक में भीड़ बढ़ने वाली है। जिले भर में करीब सात हजार पेंशनर्स है।

परेशानी : नोटबंदीके बाद सिर्फ 20-20 करोड़ की दो खेप मिली

चेस्टब्रांच के अधिकारी ने बताया कि राजसमंद के लिए आरबीआई ने रविवार को 20 करोड़ रुपए दिए थे। जो जिले के लिए ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुए। जरूरत के मुताबिक कैश बांटने के बाद भी 20 करोड़ रुपए पूरे हो गए। राजसमंद चेस्ट ब्रांच के पास भी करोड़ों का कैश सिमटकर लाखों में रह गया। जबकि शुक्रवार को भी कैश बांटना है। अभी आरबीआई से अौर कैश नहीं आया है। अधिकारी ने बताया कि नोटबंदी के बाद से राजसमंद को 20-20 करोड़ की दो खेप ही मिली है। दोनों ही बार यह कैश बहुत ही कम पड़ा। जिले में अब तक 40 करोड़ का वितरण किया गया। पिछले 24 दिनों में जिस अनुपात में सभी बैंकों से कैश का वितरण हुआ है। उसको देखते हुए राजसमंद में बांटने के लिए 100 करोड़ की आवश्यकता है।

शहर के अधिकांश एटीएम अभी खाली| नोटबंदी के बाद से शहर के कई सारे एटीएम अभी तक सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पाए। एसबीबीजे के एटीएम में ही कैश मिल रहा है। जबकि अन्य एटीएम अभी खाली पड़े हुए हैं। बड़े निजी बैंकों की वित्तीय व्यवस्था अभी तक पटरी पर नहीं आई। आईडीबीआई, आईसीआईसीआई, सिंडिकेट, केनरा, देना आदि बैंकों के एटीएम कैश नहीं होने से बंद पड़े हुए हैं।

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Web Title: चार दिन में 20 करोड़ बंट गए, अभी भी एक अरब की आवश्यकता
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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