Home »Rajasthan »Rajsamand » ढलती सांझ में गीत-संगीत से जगमग हुआ महाराणा कुंभा का गढ़

ढलती सांझ में गीत-संगीत से जगमग हुआ महाराणा कुंभा का गढ़

Bhaskar News Network | Dec 02, 2016, 06:40 AM IST

कुंभलगढ़ | तीनदिवसीय कुंभलगढ़ फेस्टीवल की शुरुआत पर्यटन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने दिव्य प्रज्ज्वलन से की। गुरुवार को कुंभा के गढ़ में राजस्थानी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से यज्ञ वेदी चौक में समा बांधे दिया। इससे पूर्व जिला परिषद सीईओ और कार्यवाहक कलेक्टर सी़आर मीणा, एडीएम बृजमोहन बैरवा, पर्यटन विभाग की डिप्टी डायरेक्टर सुमिता सरोच, उपखंड अधिकारी गोविंद सिंह र|ू, तहसीलदार राजलक्ष्मी ने प्रताप की छवि पर पुष्प अर्पित कर और पुष्कर के नंगाड़े बजाकर शुरुआत की। शुभारंभ बारां के कच्छी घोड़ी कालाकारों ने नृत्य से हुआ। वहीं दिनभर कई कार्यक्रम यज्ञ वेदी चौक में चलते रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजसमंद पुलिस लाइन से थाना अधिकारी योगेश चौहान के नेतृत्व में जाप्ता तैनात रहा। उदयपुर लोक कला मंडल के कठपुतली डांस को देखने लिए भी लोग पहुंचे। कार्यक्रम का संचालन महेन्द्र सिंह लालस ने किया।

कालबेलियानृत्यों पर थिरके पर्यटक : कार्यक्रममें मुख्य आकर्षक जोधपुर से आए कालबेलिया कलाकारों का नृत्य रहा। उनके साथ देशी पर्यटकों ने जमकर नाचने का आनंद उठाया। इसके साथ ही बाड़मेर की लाल आंगी गैर, बारा का चकरी नृत्य, कच्छी घोड़ी, पुष्कर के नंगाड़ा ढोल, शहरिया स्वांग, चंग की प्रस्तुति भी काफी रोमांचक रही।

आज शास्त्रीय की समकालीन नटराज की प्रस्तुति : शुक्रवारको दिन में यज्ञ वेदी चौक में राजस्थानी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ रस्सा कस्सी प्रतियोगिता होगी। वहीं शाम को संध्या दिल्ली के कलाकार शास्त्रीय नृत्य में समकालीन नटराज की प्रस्तुति देंगे।



नहीं पहुंचा कोई भी जनप्रतिनिधि

फेस्टीवलको लेकर जहां एक ओर पर्यटन विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैद दिखे तो स्थानीय सरपंच के साथ कोई भी जनप्रतिनिधि स्थल पर नहीं दिखा। जो लोगों के लिए चर्चा का विषय बना रहा।

डाकू ने बच्चों को दिखाई बंदूक, नारद करते रहे इधर की उधर

फेस्टीवलमें पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटकों को रोमांचित करने के लिए बहरूपिया कालाकारों को भी बुलाया। जिसमें बांदी कुई से आए फिरोज ने चिरागिया जिन के भेष में बच्चों को लोटपोट कराया। वहीं डाकू के किरदार में पहुंचे फरीद ने भी कभी बच्चों को बंदूक दिखाई तो कभी पुलिस वालों को डराया। इसके साथ ही नारद बने शमसाद, कुर सिंह के किरदार में नोशाद, आदिवासी भील बने सलीम और अकरम ने भी पर्यटकों को उत्साहित किया।

यज्ञ वेदी चौक में हर बार की तरह इस बार भी साफा बांधों प्रतियोगिता रखी गई। जिसमें महिला और पुरुष प्रतियोगियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। जिसमें महिला वर्ग में प्रथम रीतू गर्ग और पुरुष में सुनिल विश्वकर्मा विजेता रहे। जिन्हें पर्यटन अधिकारी विवेक जोशी, जितेन्द्र माली, कमल चौहान, राकेश खोखावत, विजय सरसिया ने पारितोषिक दिए।

कुंभलगढ़। कुंभलगढ़ फेस्टीवल में शाम को हुए कार्यक्रम में जैसलमेर से आए चुग्गे खां ने केसरिया बालम आवोनी पधारो म्हारे देश से शुरुआत की। इसके बाद ग्रुप में छाप तिलक सब छीन ली मोह से नैना मिलाएके की प्रस्तुति दी। वहीं महिला कलाकारों ने राजस्थानी परिवेश में नृत्य किया। चुग्गे खां ने नुसरत फतेह अली खां का गाना आफरीन प्रस्तुत किया। अंत में खड़ताल और ढोलक की जुगल बंदी पर भी पर्यटकों को भाव विभोर किया। चुग्गे खां के ग्रुप का नाम राजस्थान जोश है।

कुंभलगढ़. कुंभलगढ़ फेस्टीवल में चवरी नृत्य करती कलाकार।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: ढलती सांझ में गीत-संगीत से जगमग हुआ महाराणा कुंभा का गढ़
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From Rajsamand

        Trending Now

        Top