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इससाल टेनिस में मह

Bhaskar News Network | Dec 02, 2016, 07:15 AM IST

इससाल टेनिस में मह
सेरेना ने कहा, मैं तीन साल की उम्र से भेदभाव के खिलाफ लड़ रही हूं, नहीं चाहूंगी कि समान काम के लिए मेरी बेटी को बेटे से कम पैसे मिलें


इससाल टेनिस में महिलाओं को भी पुरुषों के समान प्राइज मनी दिए जाने का मामला छाया रहा। अमेरिकी टेनिस स्टार सेरेना विलियम्स ने एक बार फिर टेनिस में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव पर सवाल उठाए हैं। सेरेना ने एक मैगजीन में लेटर लिखा है। इस लेटर में उन्होंने महिलाओं को पुरुषों के बराबर प्राइजमनी दी जाने की बात की है। साथ ही यह भी कहा है कि वे दुनिया की बेस्ट फीमेल एथलीट नहीं बल्कि बेस्ट एथलीट कहलाया जाना पसंद करती हैं। सेरेना ने कहा, ‘यह लेटर उन सभी महिलाओं के लिए है, जो अपनी श्रेष्ठता के लिए संघर्ष कर रही हैं।’ उन्होंने लिखा-

^मैं जैसे-जैसे बड़ी हो रही थी, सपने भी बड़े होते जा रहे थे। मेरे सपने सामान्य बच्चों की तरह नहीं थे। बल्कि मैं तो दुनिया की बेस्ट टेनिस प्लेयर बनना चाहती थी। कि दुनिया की बेस्ट फीमेल प्लेयर। मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मेरे परिवार ने मेरा सपना पूरा करने में हमेशा मुझे सपोर्ट किया और प्रोत्साहित किया। उन्होंने सिखाया कि कभी किसी चीज से डरना नहीं। हमेशा सपने के लिए लड़ना सिखाया। हमेशा बड़ा सपना देखना सिखाया। मेरी लड़ाई तीन साल की उम्र में ही शुरू हो गई थी।

लेकिन हम सब जानते हैं कि महिलाओं को हमेशा सपोर्ट नहीं मिलता। उन्हें हर मोड़ पर हतोत्साहित किया जाता है। लोग हमेशा आपके जेंडर की वजह से भेदभाव करते हैं। लेकिन मैंने किसी को यह अधिकार नहीं दिया कि वे मेरे जेंडर या वर्ण या रंग की वजह से मुझ पर सवाल उठाएं।

जब भी समान वेतन की बात होती है, तो मुझे बहुत दुख होता है। मैं जानती हूं कि हम भी साथी पुरुष खिलाड़ियों के समान ही मेहनत करते हैं। उनके तरह ही सेक्रिफाइज भी करते हैं। तो फिर हमें उनके समान सैलरी या प्राइज मनी क्यों नहीं मिलती? मैं कभी अपनी बेटी और बेटे में फर्क नहीं करूंगी। ही कभी चाहूंगी कि समान काम के लिए बेटी को बेटे से कम पैसे मिलें।

हम सब जानते हैं महिलाओं को सफलता हासिल करने के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सबसे कठिन यह है कि महिलाओं को हमेशा यह याद दिलाया जाता है कि हम पुरुष नहीं हैं। हमेशा यह याद दिलाया जाना कलंक की तरह लगता है। लोग मुझसे कहते हैं कि मैं दुनिया की बेस्ट फीमेल एथलीट हूं। क्या वे बास्केटबॉलर लीब्रोन जेम्स को बेस्ट मेल एथलीट कहते हैं? या फिर टाइगर वुड्स, फेडरर या नडाल को। वे पुुरुष खिलाड़ियों को तो ऐसा कभी नहीं कहते। मैं चाहती हूं कि मेरे अचीवमेंट को देखकर ही मेरे बारे में राय बनाई जाए कि जेंडर की वजह से।

मुझे उम्मीद है कि मेरी कहानी सभी युवा महिलाओं को इंस्पायर करेगी। साथ ही महिलाओं को उनके सपनों का पीछा करने में मदद करेगी। आखिर में मैं सिर्फ यह कहना चाहूंगी कि बड़े सपने देखो और उन्हें पूरा करने में जी-जान लगा दो।'

-सेरेना विलियम्स

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Web Title: इससाल टेनिस में मह
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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