Home »Rajasthan »Pali Zila »Sojat » नोटबंदी का 23वां दिन : वेतन-पेंशन बैंक खातों में जमा, फिर भी जेब खाली

नोटबंदी का 23वां दिन : वेतन-पेंशन बैंक खातों में जमा, फिर भी जेब खाली

Bhaskar News Network | Dec 02, 2016, 07:30 AM IST

नोटबंदी का 23वां दिन : वेतन-पेंशन बैंक खातों में जमा, फिर भी जेब खाली
{पहले दिन जिले के 90 प्रतिशत यानि 14 हजार 220 के खातों में जमा हुआ वेतन

{बाकी1580 कर्मचारियों के खाते में दो दिन में जमा होगी सेलेरी

भास्करन्यूज | पाली/सोजत/जैतारण/बाली/रानी/फालना/मारवाड़ जंक्शन

एकदिसंबर को जिले के 90 प्रतिशत राज्य के सरकारी कर्मचारियों और सभी पेंशनर्स की सेलेरी खाते में जमा तो करा दी गई, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह हुई कि खाते में रुपए नहीं निकाल सकें। जिसकी मुख्य वजह भी कई बैंको में तो कैश खत्म हो गया। वहीं कई एटीएम तो गुरुवार को खाली ही पड़े थे। जिसकी वजह से पेंशनर्स सरकारी कर्मचारियों को परेशानी हुई। जिले में करीब 15 हजार 800 राज्य सरकारी कर्मचारी है। जिला कोषाधिकारी के अनुसार इनमें से 90 प्रतिशत यानि 14 हजार 220 सरकारी कर्मचारियों की सेलेरी 1 दिसंबर को ही जमा करा दी गई। लेकिन अब यह समस्या रही है कि जितनी सेलेरी जमा हुई है उतना बैंकों के पास रुपए भी नहीं है। इतना ही नहीं शाम के बाद तो एटीएम भी खाली हो जाते हैं, जिसके बाद तो वह बैंक से रुपए निकाल सकते हैं और ही एटीएम से।

पेंशनर्सको खड़ा होना पड़ा लाइन में, नहीं मिले रुपए : जिलेमें करीब 9 हजार 500 पेंशनर्स है। जिनके खाते में गुरुवार को ही 16 करोड़ रुपए जमा करा दिए गए हैं। कई पेंशनर्स को भी रुपए निकालने के लिए सुबह से ही लाइन में खड़ा होना पड़ा। वहीं दूसरी बड़ी समस्या यह थी कि पेंशनर्स के लिए 36 बैंकों में खाते हैं। कई बैंको में तो सुबह रुपए ही नहीं थे, जिसकी वजह से उन्हें रुपए तक नहीं मिले। शेष|पेज13





बाकी1580 की दो दिन में जमा होगी सेलेरी, उनके लिए भी समस्या

बाकीरहे 1580 कर्मचारियों का वेतन दो दिन में एकाउंट में जमा होगा। लेकिन उनके लिए भी समस्या कम नहीं है। यदि शुक्रवार या फिर शनिवार तक उनके खाते में रुपए आते हैं तो वह भी निकाल नहीं सकेंगे। क्योकि आने वाले दो दिन में अवकाश रहेगा। ऐसे में सोमवार तक उन्हें रुपए मिलने की उम्मीद है।

कैसे चलेगा घर खर्च

महीनाशुरू होते ही घर खर्च बढ़ जाता है। मोबाइल, पेट्रोल, किराणा, स्कूल फीस, ट्यूशन फीस, सब्जी समेत मकान किराया और प्रतिदिन जरूरतों में काम आने के लिए कम से कम 8 से 10 हजार रुपए कैश चाहिए, लेकिन बैंक से वह भी नहीं मिल रहा।

लाइन लगने के लिए चाहिए समय

बैंकऔर एटीएम दोनों के बाहर लंबी कतारें लगी हुई है। कर्मचारियों के सामने यह भी परेशानी है कि रुपए निकालने के लिए उन्हें लाइन में लगने के लिए समय चाहिए। जो केवल शनिवार और रविवार को मिल पाएगा। जिसमें अवकाश के दौरान बैंक और अधिकांश एटीएम बंद रहेंगे।

कैसे निकलेंगे रुपए

सरकारीनिजी कंपनी के कर्मचारियों समेत जिले के सभी पेंशनर्स के खाते में वेतन जमा हो चुका है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि वह रुपए कैसे निकाले।

आंकडे: जिला कोषाधिकारी कार्यालय के अनुसार

जिले में 15800राज्यसरकारी कर्मचारी

वेतन: 55करोड़30लाख

पेंशनर्स : 9हजार500

वेतन: 15से16करोड़रुपए

घर खर्च चलाने के लिए कम से कम 8 से 10 हजार रुपए की जरूरत है। लेकिन बड़ी समस्या यह है कि एटीएम से लाइन में लगने के बाद भी 2 हजार रुपए निकल रहे हैं। वहीं बैंक में भी कैश नहीं होने की वजह से चेक से भी 3 से 4 हजार रुपए ही निकल रहे हैं। ऐसे में घर खर्च चलाना भी मुश्किल है।

पाली. गुरुवार को यूनियन बैंक के बाहर लगी कतार।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: नोटबंदी का 23वां दिन : वेतन-पेंशन बैंक खातों में जमा, फिर भी जेब खाली
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

    More From Sojat

      Trending Now

      Top