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सरकार के चार साल :कुछ वादे ही पूरे, बहुत रहे अधूरे

Bhaskar News | Dec 12, 2012, 05:12 IST

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सरकार के चार साल :कुछ वादे ही पूरे, बहुत रहे अधूरे
सीकर/जिलेभर से.सरकार भले ही चार साल पूरे होने पर जश्न मनाने की तैयारी कर रही है लेकिन सीकर में कई योजनाएं अभी शुरू नहीं हुई तो कुछ अभी प्रक्रियाधीन है। जिनका जनता का लाभ नहीं मिल पाया।
सीकर में सीवरेज का चार साल पहले शुरू हुआ कार्य अभी अधर में है तो लक्ष्मणगढ़ में ड्रेनेज सिस्टम नहीं होने से कस्बा पानी में डूब गया था। यहां फ्लोराइड से मुक्ति दिलाने के लिए नहरी पानी की योजना का पानी पहुंचने में बरसों लग जाएंगे।
फतेहपुर में भी सीवरेज प्रोजेक्ट कागजों से बाहर नहीं आया। दैनिक भास्कर टीम ने जिले के आठों विधानसभा क्षेत्रों में नजर दौड़ाई तो कहीं ऐसा कोई बड़ा प्रोजेक्ट नजर नहीं आया, जिससे लोग ज्यादा लाभान्वित हो रहे हैं। विधायकों ने करोड़ों रुपए के काम कराने का दंभ भरा है। एक साल पहले की तरह दावा किया कि विकास कार्य कराएंगे।
सीकर : मॉडर्न सिटी का ख्वाब अभी दूर
हुआ क्या :150 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई है लेकिन अभी तक ज्यादातर प्रोजेक्ट पूरे नहीं हुए। सीवरेज प्रोजेक्ट का कार्य एक साल से बंद है। शहर की प्रमुख सड़कों के हालात भी नहीं बदले। अब कुछ काम शुरू हुआ है। शेखावाटी यूनिवर्सिटी मिली, जमीन भी स्वीकृति हुई। राज्य की अन्य स्वीकृत यूनिवर्सिटी को अभी तक जमीन नहीं मिली है। बिजली निगम के आफिस भी खोले गए हैं। बजाज रोड, धोद रोड, राणी सती रोड व सालासर रोड का काम हुआ है। बाकी पर काम चल रहा है।
'काम जीतने हैं, उन्हें पूरा कराएंगे। सबसे ज्यादा जोर शहर के सौदर्यीकरण पर रहेगा। गलियों में सड़कें डलवाकर ड्रेनेज सिस्टम डवलप करेंगे।'
राजेंद्र पारीक, विधायक कांग्रेस, सीकर
लक्ष्मणगढ़ : ड्रेनेज सिस्टम लागू नहीं
क्या हुआ : ड्रेनेज सिस्टम के लिए 40 करोड़ की योजना धरातल पर नहीं आई। बस स्टैंड भी स्थानांतरण नहीं हुआ, चारदीवारी बनी है। 832 करोड़ की इंदिरा गांधी नहर का पानी लाने की योजना मंजूर हुई। बीज विधान केंद्र भी खुला है। शहर के पेयजल के लिए 12.25 करोड़ की योजना रफ्तार पर है। लक्ष्मणगढ़ शहर में बिजली निगम का एक्सईएन ऑफिस, सड़कें, कई उपस्वास्थ्य केंद्र, नेछवा उपतहसील और स्कूल क्रमोन्नत की सौगातें मिली। खेल स्टेडियम के लिए 20 लाख रुपए स्वीकृत।
'सीवरेज का प्रयास होगा।ढाणियों में बिजली कनेक्शन दिलाए जाएंगे। नहरी पानी का प्रोजेक्ट जल्द शुरू होगा। जल्द ही मुख्यमंत्री से इसका शुभारंभ कराया जाएगा और सीवरेज की घोषणा के लिए भी प्रयास होंगे।'
गोविंद सिंह डोटासरा, विधायक कांग्रेस, लक्ष्मणगढ़
नीमकाथाना : जिला बनाने का प्रयास
हुआ क्या :अभी तक नीमकाथाना जिला नहीं बना। हालांकि प्रस्ताव चल रहा है। महावा औद्योगिक क्षेत्र, नीमकाथाना व पाटन में बाईपास, आरओबी अभी प्रक्रियाधीन है। राजकीय कपिल अस्पताल 100 बैड, सदर पुलिस थाना, पाटन को उप तहसील बनाने, गणेश्वर व सिरोही में बिजली निगम के जेईएन कार्यालय खोले गए हैं। वहीं, सब रजिस्ट्रार कार्यालय, सहायक खनिज अभियंता कार्यालय की स्वीकृति मिल गई है।
'चुनावों के दौरान की गई घोषणाओं में अधिकांश को पूरा किया है। चुनावों के दौरान नीमकाथाना को जिला बनाने की घोषणा को पूरा कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं।'
रमेशचंद खंडेलवाल, विधायक कांग्रेस, नीमकाथाना
फतेहपुर : फ्लोराइड की समस्या
क्या हुआ: 41 करोड़ का सीवरेज प्रोजेक्ट कागजों से बाहर नहीं निकला। फ्लोराइड की समस्या भी वहीं है। लेटलतीफी के चलते प्रोजेक्ट की कीमत 230 करोड़ से बढ़कर 800 करोड़ हो गई है। बस स्टैंड पर गंदा पानी की समस्या अभी भी बरकरार।
'सीवरेज लाइन की टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। फ्लोराइड की योजना का सर्वे हो गया है, जल्द काम शुरू कराएंगे।'
भंवरु खां, विधायक कांग्रेस, फतेहपुर
दांतारामगढ़ : बड़ी घोषणा नहीं की
क्या हुआ :सरकारी कॉलेज, लड़कियों के लिए सीनियर स्कूल नहीं खुल पाया। सड़कों का अभाव। नरेगा में मजूदरों को सुबह छह से शाम तक टास्क पूरा करने के बाद भी रखा जाता था। आंदोलन कर मजदूर को टास्क पूरा कर घर जाने का नियम बनवाया। 90 गांवों के लिए 20 करोड़ की पेयजल योजना स्वीकृत हुई।
'सरकारी कॉलेज व लड़कियों के लिए सीसै स्कूल खुलवाने के लिए प्रयासरत हैं। फ्लोराइड पानी से निजात दिलाने के लिए नहर से जोड़ने के लिए जलदाय विभाग से कार्ययोजना तैयार कर भिजवाई गई है।'
अमराराम, विधायक माकपा, दांतारामगढ
धोद : रोड बनी
क्या हुआ :धोद रोड बनी। पंचायत समिति भी अलग से बनी। मगर धोद में शिफ्ट नहीं हो सकी। कृषि मंडी अभी तक नहीं बनी। बस डिपो बनवाने के प्रयास भी कहीं नजर नहीं आए। पेयजल की समस्या कम हो गई है। लोगों को नरेगा से जोड़कर उन्हें रोजगार भी दिलाया।
'कांग्रेस की सरकार होने से हमारे साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। प्रयास होगा कि कृषि मंडी बने।'
पेमाराम, विधायक, माकपा, धोद
श्रीमाधोपुर : कई कार्य हुए
क्या हुआ : केंद्रीय रोडवेज बस स्टैंड की स्थापना, एक करोड़ की लागत से कचियागढ़ स्टेडियम निर्माणाधीन,10 करोड़ की पेयजल योजना, 33/11 केवी के दर्जनभर विद्युत स्टेशन तथा 132 केवी के जीएसएस सहित कई सौगातें मिली। राजकीय कॉलेज अभी तक नहीं मिली। सीवरेज योजना नहीं बन पाई।
खंडेला : विकास कराने का वादा
हुआ क्या : विकास की रफ्तार गति नहीं पकड़ पाई। पेयजल, बिजली के लिए कुछ काम हुए हैं। सड़क का काम शुरू हुआ लेकिन अभी अधूरा है।
'मैंने नहरी पानी लाने, ग्राम पंचायतों को पंचायत समिति मुख्यालय से जोड़ने के लिए परिवहन सुविधा सहित कई मांगे उठाई लेकिन सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। विकास के लिए आगे भी प्रयास जारी रहेंगे।'
बंशीधर बाजिया, विधायक भाजपा, खंडेला
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Web Title: Four years of government: some promise as the whole, are very incomplete
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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