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लेह में हुई फौजी की मौत, परिजनों ने किया शव लेने से इनकार!

Bhaskar News | Dec 05, 2012, 01:06 AM IST

गुढ़ागौडजी/सीकर.रघुनाथपुरा में मंगलवार देर शाम सेना से आए जवान का शव परिजनों ने लेने से इंकार कर दिया। परिजन विनोद को शहीद का दर्जा देने की मांग पर अड़ गए। ऐसे में अंतिम संस्कार को लेकर संशय बना हुआ है। जिस गाड़ी में शव आया, ग्रामीण उसके चारों ओर धरना देकर बैठ गए।

पार्थिव शरीर के साथ आए सूबेदार ओमप्रकाश ने बताया कि हवलदार विनोद पुत्र कुरडाराम रेपस्वाल लेह (जेके) में आर्टलरी 192 मीडियम रेजीमेंट में तैनात था। रविवार सुबह 10 बजे उसके सीने में दर्द उठा। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को दिल्ली होकर जयपुर लाया गया। मंगलवार शाम सेना की टुकड़ी शव लेकर रघुनाथपुरा पहुंची। गांव के चौक में पहले से ही ग्रामीण एकत्रित थे। परिजनों व ग्रामीणों ने शव लेने से इंकार कर दिया।

परिजनों ने शहीद का दर्जा देने की मांग की।विनोद के भाई कमलेश ने बताया कि उसके भाई की मौत देश की रक्षा करते समय हुई है इसलिए उसे शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। शहीद का दर्जा मिलने पर ही शव लिया जाएगा। मौके पर भाजपा नेता रविंद्र भडाना, भूमि विकास बैंक के चेयरमेन शुभकरण चौधरी, पूर्व प्रधान विद्याधर ओलखा, सरपंच सुलतान सिंह, संजय नेहरा आदि मौजूद थे।

चार भाइयों में सबसे छोटा

हवलदार विनोद (40) का जन्म रघुनाथपुरा में कुरडाराम के घर मनभरी की कोख से हुआ था। 1996 में आर्टलरी में विनोद भर्ती हुआ था। चार भाइयों में सूबेदार ओमप्रकाश, समंदरसिंह और कमलेश से विनोद सबसे छोटा है। उसके दो बहन रामकोरी एवं सावित्री हैं। उसकी शादी 14 मई 1998 को खींवासर के खेमचंद की बेटी विमला से हुई थी। उसकी बड़ी बेटी अनुजा (12) सातवीं में पढ़ती है और छोटी मुस्कान (5) पहली कक्षा में पढ़ती है। जून में विनोद छुट्टी काटकर गया था।

घर में कोहराम मचा

विनोद की मौत का मिलने के बाद घर में कोहराम मच गया। माता मनभरी एवं पत्नी विमला चीत्कार मारकर रोने लगी। दोनों पुत्रियां भी मम्मी के लिपट कर रोने लगी। पड़ौस के घरों में शाम को चूल्हे भी नहीं जले।

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Web Title: Military deaths in Leh, the bodies of relatives refuse!
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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