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PIX: बेटी की चाहत में जिसे गोद लिया उसे छीन ले गई मौत!

Bhaskar News | Dec 11, 2012, 00:31 IST

  • बिसाऊ.मंडावा मार्ग पर सोमवार सुबह निजी स्कूल की बस पलट गई। हादसे में एक छात्रा की मौत हो गई। सात बच्चे घायल हुए हैं। हादसा साइड देते समय बस का संतुलन बिगड़ने से हुआ। घायलों को यहां सरकारी जटिया अस्पताल में लाया गया।
    बिसाऊ के राजस्थान पब्लिक सीनियर सैकंडरी स्कूल की बस सुबह नौ बजे टांई व पाटोदा से बच्चों को लेकर स्कूल की ओर आ रही थी। टांई के पास सामने से आती जीप को साइड देते समय बस सड़क से नीचे उतर गई। सड़क की साइड टूटी होने के कारण ड्राइवर इस पर संतुलन खो बैठा और बस पलट गई। बस में सवार टांई के रामावतार मीणा की ग्यारह वर्षीय बेटी रितु खिड़की के पास बैठी थी।
    बस पलटने से गर्दन बाहर ही रह गई और दब गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बस में बैठे कृष्णसिंह, मोहम्मद रफीक अहमद, संदीप कुमार, केशु उपाध्याय, तालिब आदि को चोटें आईं। इन्हें राजकीय जटिया अस्पताल में लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
    सूचना मिलते ही एएसपी ओपी कटारिया, डीएसपी भंवरलाल सिसोदिया व तहसीलदार ओमप्रकाश जांगिड़ आदि अस्पताल पहुंच गए। अधिकारियों ने घटना स्थल का भी जायजा लिया। थानाधिकारी महेंद्र चौधरी ने बताया कि मृतका के भाई ने बस चालक कर्णसिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
    हादसे का कारण सड़क
    मंडावा रोड के दोनों किनारे टूटे हुए हैं। साइडों में कई जगह तो डेढ़-डेढ़ फीट तक गहरे और चौड़े खड्डे पड़े हुए हैं। ऐसे में आमने-सामने भारी वाहन आ जाएं तो काफी दिक्कत आती है।
    प्रतापसिंह सिहाग, संचालक राजस्थान शिक्षा समूह
    'मामले की जांच की जा रही है। जिसकी भी लापरवाही सामने आती है, उसेके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'
    महेंद्रसिंह चौधरी, थानाधिकारी
  • बेटी चाहता था रामावतार इसलिए रितु को गोद लिया
    रामावतार ने रितु को गोद ले रखा था। उसका जन्म सरदारशहर में रिश्तेदार के यहां हुआ था। रामावतार के दो बेटे हैं। वे बेटी चाहते थे इसलिए जन्म के तुरंत बाद ही रितु को ले आए थे। रामावतार विदेश में काम करते हैं। वे मंगलवार को गांव पहुंचेंगे। रितु क्रूजर से स्कूल जाया करती थी। सोमवार को ही वह बस से स्कूल जा रही थी और हादसे का शिकार हो गई।

  • विंडो बार होती तो बच सकती थी रितु
    बस की खिड़कियों में विंडोबार (ताड़ियां) होती तो शायद रितु की जान बच सकती थी। परिवहन नियमों के अनुसार बालवाहिनियों में विंडोबार जरूरी हैं। बालवाहिनी में विंडोबार जरूरी हैं। डीटीओ मथुराप्रसाद मीणा के अनुसार खिड़कियों के बाहर की तरफ पाइप अथवा ताड़ियां लगी होना चाहिए।
    इनके बीच दो सौ एमएम से ज्यादा जगह नहीं रहनी चाहिए। विंडाबार के कारण बच्चे खिड़कियों से बाहर सिर नहीं निकाल पाते हैं। हादसे के वक्त रितु बाहर देख रही थी। बस पलटते ही उसकी गर्दन दब गई।

  • सड़क टूटी होने से हादसा
    'साइड देते समय बस सड़क से नीचे उतर गई। सड़क के किनारे टूटे होने से बस का संतुलन बिगड़ गया। बच्ची ने खिड़की से गर्दन बाहर भी निकाल रखी थी।'

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: PIX: adopted daughter to seek the death took him away!
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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