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58 की उम्र में साइकिल से 25 स्टेट घूम चुके ये Ex आर्मी मैन, पत्नी भी साथ

bhaskar news | Mar 18, 2017, 04:59 IST

झुंझुनूं. पिछले साल अक्टूबर में सेना में अपनी सेवाएं पूरी कर निवृत्त हुए मेजर जनरल सोमनाथ झा चाहते तो जीवन के शेष दिन बड़े आराम से गुजार सकते थे, अच्छी खासी पेंशन, ओहदा, मान-सम्मान सब कुछ तो था उनके पास, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। निकल पड़े उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने, जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए प्राण न्यौछावर कर दिए।
झा शुक्रवार सुबह ग्यारह बजे झुंझुनूं पहुंचे। यहां उन्होंने कलेक्ट्रेट सर्किल स्थित शहीद स्मारक पहुंच कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान बड़ी संख्या में आई वीर नारियों तथा गौरव सेनानियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। झा के साथ उनकी पत्नी चित्रा झा भी थीं। सीमा पर 32 एनसीसी कैडेट्स ने एस्कॉर्ट किया।
25 राज्यों की कर चुके हैं यात्रा
झा बताते हैं कि अब तक 24 राज्यों की यात्रा कर चुका हूं। राजस्थान 25वां राज्य है। यहां से शनिवार को चूरू होते हुए हरियाणा, पंजाब, हिमाचल होते हुए अप्रैल में दिल्ली पहुंचने का लक्ष्य है। वहां अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि दूंगा। इस यात्रा में मेरी पत्नी कार में साथ चलती हैं। रास्ते में किसी प्रकार के सहयोग के लिहाज से जरूरी भी है। चित्रा (धर्म पत्नी) मेरे साथ 33 साल से है। इसके सहयोग बिना यह यात्रा संभव नहीं हो पाती। इस यात्रा के बाद क्या, इस सवाल पर उनका कहना था, देखिए, अभी तो कुछ कहना ठीक नहीं है, लेकिन फिर दुनिया के भ्रमण पर निकल सकता हूं।
60 से 100 किलोमीटर रोज चलाते हैं साइकिल
भास्कर से खास बातचीत में झा ने बताया कि रिटायरमेंट के तत्काल बाद मन में ख्याल आया कि देश की रक्षा करने वाले शहीदों के परिवारों के गांव-शहर तक जाऊं और उन्हें श्रद्धांजलि दूं। बस, फिर क्या था। बना लिया देश भ्रमण का कार्यक्रम। दो बेटे हैं, दोनों सैटल हैं। मुझे अपने लिए अब कुछ बचाना नहीं है। वे इस यात्रा पर भी होने वाला अधिकांश खर्च अपनी जेब से कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि साइकिल यात्रा का मन में विचार आते ही मैंने झुंझुनूं के राहुल जाखड़ से संपर्क किया। उसकी कार किराए पर की। झुंझुनूं का महत्व इसी बात से जाहिर है कि देश को सर्वाधिक सैनिक देने वाला जिला है। शहादत में इस जिले का नाम सबसे ऊपर है। सबसे पहली शहादत प्रथम विश्व युद्ध के दौरान 1914 में हुई बताई जाती है। उस वीर सैनिक का नाम शहीद स्मारक पर लगी सूची में सबसे ऊपर है। हर शहीद को दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दूं तो करीब 46000 मिनट होते हैं, अभी तक करीब 37000 मिनट साइकिल चला चुका हूं।
150वें दिन पहुंचे झुंझुनूं
शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित करने के दौरान वहां मौजूद लोगों ने भारत माता की जय, वीरों का बलिदान, नहीं भूलेगा हिन्दुस्तान, जैसे नारे लगाए। झा ने बताया कि 37 साल सेना की सेवा के दौरान उन्होंने अनेक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। वे कई बार झुंझुनूं भी आए। उन्हें यहां सर्किट हाउस में उनकी पिछली यात्रा के दौरान लिखी गई टिप्पणी भी दिखाई गई। गौरव सेनानियों ने उनके अनेक सवाल भी किए, जिनका झा ने बहुत ही सधे हुए तरीके से जवाब दिया।
मेजर जनरल की चुनिंदा बातें
सोशल मीडिया पर रहते हैं अपडेट
मिलते हैं शहीदों के परिवारों से
कभी दोस्तों के यहां बिताते हैं रात
कई बार थानों के गेस्ट हाउस में भी रहे, परेशानियां भी हुई, पर थके नहीं
झुंझुनूं का युवक है पत्नी का सारथी
अमर जवान जवान ज्योति पर होगी यात्रा पूरी
आगे की स्लाइड्स में देखिए, साइकिल यात्रा के फोटोज...
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Web Title: Major General on the tour of the country by bicycle
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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