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सूखे इलाके में हाइटेक खेती, यहां दोगुनी कमाई कर रहे 250 किसान

bhaskar news | Mar 20, 2017, 07:18 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
सूखे इलाके में हाइटेक खेती, यहां दोगुनी कमाई कर रहे 250 किसान
उदयपुर.शहर से 50 किमी दूर भींडर क्षेत्र के 250 किसान पिछले 5 सालों से भू-जल स्तर का संरक्षण करने का काम कर रहे हैं। पहले वहां रबी की खेती के समय पानी की समस्याएं से जूझना पड़ रहा था और खेती में नुकसान उठाना पड़ रहा था। अब 2 गुना ज्यादा आय प्राप्त हो रही है। किसानों ने कम पानी में प्रबंध कर खेतों को हरा-भरा बना दिया है। यह सब हुआ है आस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों और एमपीयूएटी के साझे से 4 साल पहले शुरू की गई भू-जल संरक्षण की मार्वी योजना से।
इस योजना में लगातार काम करने और प्रशिक्षण लेने से वहां के किसान खुद कृषि वैज्ञानिक बन गए हैं। किसानों कम पानी की स्थिति में आय प्राप्ति और उत्पादन को बढ़ाने में पारंगत है। किसान खुद जागरूक होने के साथ-साथ 5 गांव के 6 हजार लोगों को भी जागरूक किया है।
यह है (मार्वी) योजना
मैनेजिंग एक्वीफर रिचार्ज एंड ग्राउंड वाटर यूज थ्रो विलेज लेवल इंटरवेंशन (मार्वी) योजना की शुरुआत 2012 में भींडर के हींता, बड़गांव , सुंदरपुरा, वर्नी और धारता गांव में की थी। यहां पर आस्ट्रेलिया के 32 वैज्ञानिकों की टीम ने ग्राउंड वाटर लेवल की जांच की थी। योजना के तहत यहां पर 5-5 किसानों का चयन किया। जिनको भू-जल जानकार (बीजे) नाम दिया। जो कि 8-10 कक्षा तक ही पढ़े हैं। इसमें 250 बीजे को अपने-अपने क्षेत्र में एक-एक कुएं की मॉनिटरिंग का जिम्मा दिया। इनको वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षण भी दिया। कुएं के जल स्तर को हर हफ्ते नापने और कम पानी वाली फसलों को उपयोग में लेने का काम दिया गया।
गत वर्ष हुई थी पानी की समस्या, प्रबंध कर प्राप्त की दोगुनी से ज्यादा आय
धारता गांव के किसान और बीजे हरी राम ने बताया कि दो साल पहले क्षेत्र में मात्र 321 एमएम बारिश ही हुई थी। जिससे रबी की फसल के समय पानी की समस्या पैदा हो गई थी। उस समय कुएं में पानी खत्म होने वाला था और 12 बीघा जमीन में खेती करनी थी। फिर गेहूं की फसल से लेकर इसबगोल 30 प्रतिशत, सरसों 50 प्रतिशत और गेहूं की 20 प्रतिशत क्षेत्र में बुआई की। इसमें सिर्फ 3 सिंचाई की जरूरत पड़ी। इससे जितनी आय गेहूं होती थी उससे दो गुना ज्यादा हुई। शंकर पटेल बताते हैं कि एक बीघा गेहूं की खेती में 3 क्विंटल उत्पादन होता था।
एप पर अपलोड करते जल स्तर
आस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने सभी कुओं की मॉनिटरिंग करने के लिए एक एप बनाया है। इसके बारे में सभी किसानों को जानकारी दी है। अब किसान हर हफ्ते कुएं के जल स्तर की जानकारी इस एप पर डाल रहे हैं।
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Web Title: High tech farming in a dry area
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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