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कैसे होता है स्पॉट फिक्सिंग कांड, जानिए पर्दे के पीछे का पूरा खेल

Dainikbhaskar.com | Sep 13, 2013, 17:15 IST

  • क्रिकेट के धंधे को गंदा करने वाला खेल है फिक्सिंग या स्‍पॉट फिक्सिंग। हर कोई जानना चाहता है कि यह खेल आखिर चलता कैसे है? यह खेल पूरे व्‍यवस्थित तरीके से एक विकेंद्रीकृत व्‍यवस्‍था के तहत अंजाम दिया जाता है।
    हर मैच की फ्यूचर प्लानिंग दुबई में होती है। 'कारोबारी' जुबान में कहें तो यहीं से भाव यानी रेट खुलता है। यहां बड़े -बड़े बुकी मिलते हैं हर खिलाड़ी और हर बॉल का रेट सेट किया जाता है। रेट इस तरह सेट होते हैं कि किसी फेरबदल की स्थिति में उन्हें बदला जा सके।
    साथ ही रेट सेट होने के दौरान की बातचीत रिकॉर्ड रखी जाती है, ताकि बाद में किसी विवाद की स्थिति में सुबूत रहे। एक बड़ा बुकी सिर्फ अपने बराबर वाले दूसरे बड़े बुकी से ही बात करता है।
    दुबई में जब सबसे बड़ी डील (जिसे बुकीज सौदा कटना कहते हैं) हो जाती है तो रेट मुंबई और फिर दिल्ली भेजा जाता है। इसके बाद बुकीज अपने नेटवर्क के जरिए हर जगह यह भाव पहुंचवा देते हैं।
    आगे क्लिक कर जानिए, स्पॉट फिक्सिंग से जुड़ी खास जानकारी
  • वीआईपी लाउंज से ड्रिंक्स टीम तक होती है बुकीज की पकड़
    रेट तय हो गया तो बुकीज के नेटवर्क में शामिल लोग हर स्‍तर पर सक्रिय हो जाते हैं। निचले स्‍तर के लोग जहां सट्टेबाज लोगों को लुभाने में लगे होते हैं, वहीं धंधे के आकाओं का नेटवर्क उस स्टेडियम में मौजूद होता है जहां मैच खेले जाते हैं। नेटवर्क के लोग वीआईपी लाउंज से लेकर ड्रिंक्स देने वाली टीम और ड्रेसिंग रूम तक में मौजूद होते हैं। मैच देखने वाले एजेंट को वीआईपी लाउंज जैसी जगहों पर सेट किया जाता है, ताकि सुरक्षाकर्मियों की दखलंदाजी न के बराबर हो। वह बीबीएम, व्‍हाट्सऐप आदि के जरिए हर एक गेंद का हिसाब आकाओं को मुहैया कराता है। हर बॉल के साथ रेट भी बदल जाता है। इस बदले हुए रेट की जानकारी तल्‍काल नेटवर्क में निचले स्‍तर तक पहुंच जाती है।
    आगे पढें- कैसे चलते हैं रेट कार्ड, 9 मई के मैच में कैसे मालामाल हुए थे बुकी
  • 9 मई को ऐसे मालामाल हुए थे बुकी
    बुकीज टीम की जीत और हार, दोनों पर पैसा लगाते हैं। जीत पर पैसा लगाने को भाव काटना और टीम की हार पर पैसा लगाने को भाव खा जाना कहा जाता है। 9 मई को राजस्थान रॉयल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के मैच का बुकी का चलाया रेट कार्ड आपके सामने है।
    पहला ओवर स्पिनर करेगा या पेसर। सट्टा लगा पेसर पर, ओवर किया अजीत चंदीला ने। यानि बुकी जीते।
    पहला सेशन - 5 ओवर में बनेंगे 39/40 रन। बुकी च्वॉइस 40। पैसा 40 पर लगा, हारे सट्टेबाज। जीते बुकी, 5 ओवर में स्कोर बना 28 रन।
    तीसरे ओवर में चली लाइन। श्रीसंत को चौथे ओवर में पड़ेंगे 8 से 10 रन। फिर जीते बुकी, श्रीसंत को पड़े 13 रन।
    5 वां ओवर शुरू होते ही चली लाइन। चंदीला को आएंगे 8 रन। खैर बुकी हारे, चंदीला को आए 4 ही रन।
    पावर प्ले में बनेंगे ज्यादा से ज्यादा 35 रन,यानि 6वें ओवर में 7 रन। आए 9 रन। बुकी जीते।
    7वां ओवर, चंदीला के ओवर में आएंगे ज्यादा से ज्यादा 10-11 रन। बुकी जीते, रन आए 14।
    दूसरा सेशन- 10 ओवर में होंगे 70/72 रन। जीते बुकी स्कोर बना 74।
    तीसरा सेशन-15 ओवर में बनेंगे 120 रन। हारे बुकी,स्कोर बना 107 रन।
    चौथा सेशन-कुल स्कोर होगा 150 से ज्यादा। जीते बुकी स्कोर बना 145 रन।
  • श्रीसंथ की बदौलत 7वें ओवर में जीते बुकी....
    बुकी ने रेट कार्ड खोला था 7 वें ओवर का 7-8। यानि चंदेला के इस ओवर में सट्टे के बाजार के अनुसार 7 से 8 रन ही आएंगे। इससे ज्यादा नहीं। बुकी पर ही सट्टे का दांव लगा। जबकि मुनाफे के लिए पहले ही बुकी की डील हो रखी थी चंदीला11 से ज्यादा रन खाएगा। हालांकि स्कोर ज्यादा से अधिक नहीं हो रहा था।
    चंदेला के इस ओवर की चौथी बॉल शान मार्श ने खेली, बॉल को कट मारकर मार्श सिंगल ले रहे थे, जबकि श्रीसंथ ने बेहद खराब फील्डिंग की, बॉल को अपने पैरों के नीचे से निकाल दिया और इससे तीन रन आए। यानि स्कोर 11 से अधिक हो गया और बुकी मालामाल।
    दि‍ल्‍ली पुलि‍स की स्‍पेशल सेल के एसएन श्रीवास्‍तव ने बताया कि इन लोगों के काम करने का तरीका कोडवर्ड आधारि‍त था। कोडवर्ड हमेशा खि‍लाड़ि‍यों के सामान (घड़ी, चेन, तौलि‍या) होते थे। खि‍लाड़ि‍यों से पहले ही कह दि‍या जाता था कि उन्‍हें कम से कम कि‍तने रन देने हैं। जब खि‍लाड़ी कोडवर्ड का इस्‍तेमाल करता था, उस वक्‍त बुकीज सट्टा लगाना शुरू करते थे और मोटा मुनाफा कमाते थे।
    खि‍लाड़ी कमर्शियल ब्रेक के दौरान सिग्‍नल देते थे। जब खि‍लाड़ी बुकीज के हि‍साब से बॉलिंग कर लेते तो पैसा उन्‍हें पहुंचा दि‍या जाता।
    अगर खि‍लाड़ी सि‍ग्‍नल देने में फेल हो जाते थे तो सारा पैसा वापस करना पड़ता था। ऐसा ही कुछ अजीत चंडीला के मामले में हुआ था। चंडीला को कोडवर्ड के रूप में अपनी टीशर्ट ऊपर करके सि‍ग्‍नल देना था कि वह अगले ओवर में खि‍लवाड़ करेगा, लेकि‍न वह अपनी टीशर्ट ऊपर करना ही भूल गया। हालांकि उसने पहले से ही तय 14 रन दि‍ए, लेकि‍न सि‍ग्‍नल न मि‍लने के कारण बुकीज उस ओवर में सट्टा नहीं लगा पाए।
    आगे पढ़ें- बुकीज द्वारा इस्‍तेमाल किए जाने वाले कुछ कोड वर्ड्स और उनके मायने।
  • खिलाड़ी और सटोरियों के बीच की बातचीत संकेतों के जरिये होती है।
    एक्‍शन 1 : जूते के फीते बांधना
    इसका मतलब हुआ कि गेंदबाज ऐसी बॉल डालने जा रहा है जिसे मारना आसान होगा।
    रिएक्‍शन 1:
    फिक्‍सर सट्टा लगाता है कि गेंद बाउंड्री पार जाएगी।
    एक्‍शन 2:
    लॉकेट को चूमना
    इसकता मतलब हुआ कि गेंदबाज नो बॉल फेंकने जा रहा है।
    रिएक्‍शन 2 :
    फिक्‍सर सट्टा लगाता है कि अगली गेंद भी नो बॉल होगी।
    एक्‍शन 3 :
    बैट बदलना
    इसका मतलब हुआ कि विकेट गिरने वाला है।
    रिएक्‍शन 3:
    फिक्‍सर सट्टा लगाता है कि अगली छह गेंदों में विकेट गिर जाएगा।
    एक्‍शन 4:
    सनग्‍लासेज पहनना
    कुछ खिलाड़ी कलरफुल सनग्‍लासेज पहनते हैं।
    रिएक्‍शन
    इसका मतलब हुआ कि फिक्सिंग शुरू हो गया है। अब सटोरिए एक दूसरे के संपर्क में आ जाते हैं।
    एक्‍शन 5:
    बल्‍लेबाज दस्‍ताने बदलने के लिए कहता है।
    रिएक्‍शन:
    इसका मतलब कि वह पहले से तय बात के मुताबिक खेलने के लिए तैयार है।
  • सटोरियों से संवाद
    पुलिस के मुताबिक सटोरियों और चांडिला के बीच इस प्रकार बातचीत हुई :
    - सटोरिया : हां बताओ भाई।
    - चांडिला : पहला ओवर जाने दो। दूसरे ओवर से संभाल लूंगा।
    - सटोरिया : सिगनल क्या होगा?
    - चांडिला : दोनों टी-शर्ट ऊपर उठाऊंगा और फिर नीचे करके ओवर चालू करूंगा।
    वहीं चांडिला ने अंकित चव्हाण का ओवर फिक्स करने के लिए भी सटोरियों से बातचीत की थी।
    जब चव्हाण का ओवर हो गया तो उनके बीच हुई बातचीत में चांडिला ने सटोरिये से पूछा : सेठजी खुश हैं ना?
    इसके बाद उन्होंने कहा : पैसे अंकित को मत देना। आपकी बात मुझसे हुई है तो पैसे भी मेरे थ्रू भेजने चाहिए।
    यह 'सेठ जी' ही स्‍पॉट फि‍क्‍सिंग के इस स्‍कैंडल का मास्‍टरमाइंड बताया जाता है, जो पुलिस के मुताबिक विदेश में है। हालांकि पुलिस का दावा है कि उसकी पहचान कर ली गई है।
    खि‍लाड़ी उसी कोडवर्ड का इस्‍तेमाल करते थे, जो उन्‍हें यह शख्‍स बताता था। इस शख्‍स के तार डी कंपनी से जुड़े बताए जा रहे हैं।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: sreesanth ban spot fixing in IPL
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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