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STAR: कैसे हुई भुवनेश्वर की टीम इंडिया में एंट्री, जानिए कहानी

Dainikbhaskar.com | Dec 28, 2012, 10:11 IST

  • नई दिल्ली. भारतीय तेज गेंदबाजी के उभरते सितारे भुवनेश्वर कुमार का सपना है कि वह क्रिकेट के बेताज बादशाह सचिन तेंडुलकर के साथ टेस्ट मैचों में खेंले। भुवनेश्वर ने पाकिस्तान के खिलाफ बेंगलुरू में अपने पदार्पण टी-20 मैच में तीन विकेट लेकर अंतरराष्ट्रीय करियर की शानदार शुरुआत की। उन्हें उम्मीद है कि वह सचिन के साथ टेस्ट मैचों में खेल सकेंगे।
    भुवनेश्वर के हवाले से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के आधिकारिक पोर्टल ने कहा, "मुझे जब यह पता लगा कि सचिन ने वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया है तो मैं गहरी निराशा में डूब गया था। उस समय मुझे लगा कि मेरे पास से क्रिकेट के भगवान के साथ खेलने का मौका ही निकल गया है। लेकिन मुझे खुशी है कि सचिन अभी टेस्ट खेलना जारी रखेंगे और मुझे उनके साथ खेलने का मौका मिल सकता है।"
    आगे क्लिक कर जानिए, कैसे इस मुकाम तक पहुंचे भुवनेश्वर और क्या हैं उनके सपने...
  • अपने ही शहर के मध्यम तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार को आदर्श मानने वाले भुवनेश्वर ने कहा, "स्विंग गेंदबाजी मेरा मुख्य हथियार है। मुझे बताया गया था कि मुझे मौका मिल सकता है। विकेट देखने के बाद टीम प्रबंधन ने मुझे खेलाने का फैसला किया। मैं खुश भी था और नर्वस भी। मैं इस बात को लेकर ज्यादा नर्वस था कि मैं अपना पहला मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेल रहा हूं। लेकिन मैदान पर उतरने के बाद मेरे लिए सब कुछ सामान्य हो गया।"
    युवा गेंदबाज ने कहा, "मेरी शुरुआत स्वप्निल पदार्पण में बदल जाती यदि भारत यह नजदीकी मुकाबला जीत जाता। मैंने इस मैच में वही किया जो मैं घरेलू क्रिकेट में करता आ रहा हूं।"
  • कप्तान ने बढ़ाया हौसला
    भुवनेश्वर ने साथ ही कहा कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ बातचीत से भी उनका इस महत्वपूर्ण मैच से पहले आत्मविश्वास मजबूत हुआ।
    धोनी ने उनसे कहा कि भारत के लिए खेलना एक बड़ी बात है लेकिन उन्हें यह मानकर मैदान में उतरना होगा कि यह सिर्फ एक मैच है।
  • कोच ने खोला जुझारुपन का राज
    भुवनेश्वर सिंह के कोच संजय रस्तोगी ने इसका श्रेय उसकी बरसों की मेहनत और लगन को दिया। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि विपक्षी बल्लेबाज कितने काबिल हैं। भुवनेश्वर ने चार ओवर में नौ रन देकर तीन विकेट लिए थे।
    मेरठ के रहने वाले 22 वर्षीय भुवनेश्वर को क्रिकेट की ए-बी-सी-डी विपिन वत्स और संजय रस्तोगी ने सिखाया है। कोच संजय रस्तोगी ने बताया, "भुवनेश्वर 13 साल की उम्र में जब मेरठ कॉलेज के ग्राउंड पर खेलने आए, तभी हमने उसकी प्रतिभा को पहचान लिया था। उसमें गेंद को इनस्विंग और आउटस्विंग कराने की नैसर्गिक क्षमता थी और कड़ी मेहनत से उसने इसे निखारा। अंडर 15 क्रिकेट में पदार्पण करते हुए उसने पांच विकेट चटकाए थे।"
    भुवनेश्वर को एक बेहतरीन हरफनमौला बताते हुए कोच ने कहा, "रणजी ट्रॉफी में भी उसने अच्छी पारियां खेली है। हमने अकादमी की टीम में उससे पारी की शुरूआत कराई। अभी लोगों ने उसकी गेंदबाजी का जलवा देखा है लेकिन वह शानदार बल्लेबाज भी है।"
  • प्रवीण कुमार व सौरव गांगुली से सीखा बहुत कुछ
    गेंदबाजी में उसके प्रेरणास्त्रोत के बारे में पूछने पर रस्तोगी ने कहा कि सीनियर खिलाडिय़ों के साथ ड्रेसिंग रूम में उसने काफी कुछ सीखा लेकिन मेरठ में भारत के पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार से उसे बहुत मदद मिली।
    उन्होंने कहा, "प्रवीण भी इसी अकादमी से है और उसने भुवनेश्वर को बहुत कुछ सिखाया। इसके अलावा आईपीएल में पुणे वारियर्स के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने उसे दबाव से निपटना सिखाया।"
    रातोंरात स्टार बन जाने के बाद खेल पर से ध्यान हटने की आशंका को खारिज करते हुए रस्तोगी ने कहा कि भुवनेश्वर को अपना लक्ष्य पता है और अभी तो उसके सफर की शुरुआत हुई है। मौजूदा रणजी सत्र में भुवनेश्वर ने छह मैचों में 27 विकेट हासिल किए हैं। इस लगातार अच्छे प्रदर्शन का इनाम उन्हें टीम इंडिया में चयन के रूप में मिला।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: bhuvneshwar kumar journey to indian cricket team
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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