Home »Sports »Cricket »Cricket Classic» Pujara Murali Vijay Best For Dhoni Vs Australia Chennai Test

CLASSIC: जब तेंडुलकर के साथ मिल कर पुजारा ने चटाई कंगारुओं को धूल

Dainikbhaskar.com | Feb 20, 2013, 10:42 IST

  • खेल डेस्क. बस दो दिन का इंतजार और। 22 तारीख की सुबह शुरू होगी टीम इंडिया की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट की जंग। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का टार्गेट होगा टेस्ट फॉर्मेट में आए टीम के खराब फॉर्म को दुरुस्त करना, वहीं मेहमान कप्तान क्लार्क टेस्ट में दोबारा नंबर 1 बनने की कवायद में जुटेंगे।
    चेन्नई की टर्न होती पिच पर किस टीम कॉम्बिनेशन के साथ धोनी उतरेंगे इस पर माथापच्ची जारी है। कौन सा खिलाड़ी कंगारुओं को धूल चटा सकता है, इसके सेलेक्शन में अक्टूबर 2010 को बेंगलुरु में हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले का स्कोरकार्ड धोनी के लिए मददगार हो सकता है।
    9 अक्टूबर 2010 को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए उस मुकाबले में मेजबान टीम ने 7 विकेट से जीत दर्ज की थी। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर उस जीत के हीरो रहे थे।
    तेंडुलकर ने दबाव में हाफ सेंचुरी लगा कर टीम को सीरीज जीत दिलाई थी। इस मिशन में उनका साथ दिया था युवा बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने।
    सौराष्ट्र के इस उभरते सितारे ने तेंडुलकर जैसे सीनियर का बखूबी साथ देते हुए चौथी पारी में हाफ सेंचुरी ठोकी थी।
    आगे क्लिक कर जानिए, बेंगलुरु में तीन साल पहले हुए टेस्ट से क्या ले सकते हैं कप्तान धोनी सबक...
  • मुरली विजय
    टीम इंडिया की इस समय सबसे बड़ी परेशानी है ओपनिंग जोड़ी। वीरेंद्र सहवाग के साथ ओपनिंग कौन करेगा, इस पर अब तक प्रश्नचिह्न लगा हुआ है।
    बेंगलुरु टेस्ट का स्कोरकार्ड यदि देखें, तो उस मैच में सहवाग के पार्टनर बने थे मुरली विजय। मुरली ने पहली पारी में बेहतरीन बैटिंग करते हुए 139 रन की पारी खेली थी। उन्होंने सहवाग के साथ ओपनिंग की जिम्मेदारी लेते हुए 433 मिनट तक संघर्ष दिखाते हुए 14 चौकों और 2 छक्कों की मदद से वह शतकीय पारी खेली थी।
    युवा बल्लेबाज मार्कस नॉर्थ के शतक और टिम पेन, कप्तान पोंटिंग और शेन वाटसन के अर्धशतकीय योगदान के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 478 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया था।
    जवाब में टीम इंडिया के पहले दो विकेट 10 ओवरों में 38 रन के स्कोर पर गिर गए थे। सहवाग 30 और राहुल द्रविड़ 1 रन बना कर पवेलियन में आराम फरमा रहे थे।
    ऐसे मुश्किल समय में मुरली विजय ने सचिन तेंडुलकर के साथ मिल कर टीम इंडिया को पहली इनिंग में लीड दिलाने में मदद की थी। उन्होंने सचिन के साथ तीसरे विकेट के लिए 308 रन जोड़े थे।
  • सचिन तेंडुलकर
    मास्टर ब्लास्टर ने बेंगलुरु टेस्ट में मैच विनिंग परफॉर्मेंस दिया था। मिचेल जॉनसन की रफ्तार से लेकर नाथन हॉरित्ज की स्पिन तक को उन्होंने अपने बल्ले से बेदम किया था।
    पहले दो विकेट सस्ते में गिरने के बाद क्रीज पर आए तेंडुलकर ने एक सीनियर होने का फर्ज निभाते हुए डबल सेंचुरी लगाई थी।
    तेंडुलकर 547 मिनट तक मैदान पर डटे रहे थे। 363 गेंदों का सामना करते हुए उन्होंने 22 चौकों और 2 छक्कों की मदद से उन्होंने बेहतरीन 214 रन बनाए थे।
    एक छोर पर तेंडुलकर का बल्ला था और दूसरे छोर पर कंगारुओं का बहता पसीना। मास्टर के ब्लास्टिंग तेवर देख कर मेहमान कप्तान रिकी पोंटिंग टेंशन में आ गए थे। वे लगातार अपने फील्डर्स और बॉलर्स को बेहतर करने के लिए जोर डाल रहे थे, लेकिन सचिन कुछ अलग ही रंग में थे।
    पहली पारी में 214 और दूसरी पारी में नाबाद 53 रन बनाने के लिए सचिन को मैन ऑफ द मैच चुना गया था।
  • चौथी पारी में सचिन का कमाल
    तेंडुलकर अकसर आखिरी पारी में बल्लेबाजी करने में कमजोर रहे हैं, लेकिन बेंगलुरु में उन्होंने चौथी पारी में नॉट आउट हाफ सेंचुरी लगा कर कमाल किया था। चौथी पारी में बल्लेबाजी करते हुए यह तेंडुलकर की तीसरी मैच विनिंग हाफ सेंचुरी थी। इसके बाद 6 नवंबर 2011 को वेस्ट इंडीज के विरुद्ध दिल्ली टेस्ट की चौथी पारी में उन्होंने 76 रन की मैच जिताऊ पारी भी खेली।
  • दूसरी डबल सेंचुरी

    जीते हुए मैचों में डबल सेंचुरी लगाने का कारनामा सचिन ने कुल दो बार किया है। बेंगलुरु में उन्होंने ऐसा करिश्माई प्रदर्शन करियर में दूसरी बार किया था। उससे पहले 10 दिसंबर 2004 को बांग्लादेश के विरुद्ध ढाका में उन्होंने नाबाद 248 रन बनाए थे, जो कि उनका करियर बेस्ट परफॉर्मेंस भी रहा।

  • चेतेश्वर पुजारा
    सौराष्ट्र के चेतेश्वर पुजारा के टेस्ट करियर का वह पहला मुकाबला था। पहले ही मैच में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम से सामना किसी भी बल्लेबाज की हालत खस्ता कर सकता है, लेकिन पुजारा डरे नहीं।
    मैच की लास्ट इनिंग में ऑस्ट्रेलिया ने मेजबान के सामने 207 रन का टार्गेट रखा था। वीरेंद्र सहवाग दूसरी पारी में भी फ्लॉप रहे और महज 7 रन बना कर तीसरे ओवर की दूसरी गेंद पर आउट हो गए।
    वीरू का विकेट लेते ही कंगारुओं के चेहरे पर चमक आ गई। उन्हें लगा कि अब भारतीय टीम को जीतने से रोका जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
    कप्तान धोनी ने अपनी चाल चलते हुए राहुल द्रविड़ की जगह चेतेश्वर पुजारा को पहला विकेट गिरने पर बल्लेबाजी के लिए भेजा।
    चेतेश्वर ने कंगारू गेंदबाजों का सामना करते हुए 89 गेंदों में 7 चौकों की मदद से 72 रन बनाए। उनकी इस हाफ सेंचुरी ने टीम इंडिया की जीत सुनिश्चित कर दी।
  • पुजारा ने वर्ल्ड के महानतम बल्लेबाज सचिन के साथ जोड़ी बनाते हुए तीसरे विकेट के लिए 57 रन जोड़े। उससे पहले उन्होंने मुरली विजय के साथ दूसरे विकेट के लिए 72 रन की पार्टनरशिप भी निभाई।
    पुजारा का पराक्रम कमाल का था। मिचेल जॉनसन जैसे दिग्गज फास्ट बॉलर की चुनौती का सामना करते हुए उन्होंने अपने करियर को शानदार शुरुआत दी।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: pujara murali vijay best for dhoni vs australia chennai test
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From Cricket Classic

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top