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खराब फॉर्म से दुखी पोंटिंग ने किया संन्यास का फैसला

Dainikbhaskar.com | Nov 29, 2012, 10:42 IST

  • सिडनी. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदाकहने का फैसला किया है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ पर्थ में होने वाला सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच उनके करियर का भी अंतिम मुकाबला होगा।
    पोंटिंग ने यह फैसला टीम के हित में लिया है। उनका कहना है कि उनके गिरते फॉर्म के कारण टीम को नुकसान हो रहा है। अब वे पहले की तरह योगदान नहीं दे पा रहे।
    तस्मानिया के इस बल्लेबाज का करियर शानदार रहा है। पोंटिंग ने 17 साल लंबे सफर के दौरान कई उपलब्धियां हासिल की। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की टीम को वर्ल्ड क्रिकेट में बुलंदियों पर पहुंचाया। टेस्ट और वनडे दोनों में 13,000 से अधिक रन बनाने वाले पोंटिंग का नाम ऑस्ट्रेलिया के सफलतम कप्तानों में शुमार है।
    आइए, जानते हैं तस्वीरों की जुबानी उनके करियर से जुड़ी कुछ खास बातें...

    पोंटिंग का क्रिकेट को अलविदा

  • 19 दिसंबर 1974 को तस्मानिया में जन्मे पोंटिंग ने क्लब क्रिकेट में धमाकेदार प्रदर्शन कर ऑस्ट्रेलिया की घरेलू टीम तस्मानिया में जगह बनाई थी। शेफील्ड शील्ड टूर्नामेंट में तस्मानिया के लिए खेलने वाले वे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे। उन्होंने डॉमेस्टिक क्रिकेट में एंट्री करते ही पूर्व दिग्गज डेविड बून के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी होने के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था। इसके बाद तो जैसे पुराने रिकॉर्ड्स के टूटने का सिलसिला शुरू हो गया। 1993 में उन्होंने पहला फर्स्ट क्लास शतक लगाया। महज 18 साल और 40 दिन की आयु में सेंचुरी लगाने वाले वे तस्मानिया के सबसे युवा बल्लेबाज बने। उनसे पहले यह रिकॉर्ड बून के ही नाम था, जिन्होंने 19 साल और 356 दिन की आयु में पहला सैकड़ा लगाया था।

  • साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे करियर का आगाज
    घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन का इनाम पोंटिंग को न्यूजीलैंड में हुए सेंटेनरी टूर्नामेंट के रूप में मिला। 15 फरवरी 1995 को वेलिंगटन में उन्होंने करियर का पहला वनडे मैच खेला। साउथ अफ्रीका के खिलाफ हुए उस मुकाबले में पोंटिंग कुल 1 रन ही बना सके थे। वह मैच ऑस्ट्रेलिया 3 विकेट से जीता था।
    महज 12वें वनडे में उन्होंने करियर का पहला शतक लगाया। 9 जनवरी 1996 को मेलबर्न में श्रीलंका के खिलाफ मैच में उन्होंने 7 चौकों व 1 छक्के से सजी 123 रन की पारी खेली थी।
    करियर में खेले 375 वनडे मैचों में पंटर ने 42.03 के औसत से 13704 रन बनाए। इसमें 30 सेंचुरी और 82 हाफ सेंचुरी शामिल रहीं। चौके और छक्के लगाने में भी वे आगे रहे। उन्होंने वनडे करियर में 1231 चौके और 162 छक्के लगाए।
  • बेहतरीन रहा टेस्ट करियर
    पोंटिंग ने 8 दिसंबर 1995 में श्रीलंका के खिलाफ पर्थ में हुए टेस्ट मैच से करियर की शुरुआत की थी। पहले ही मैच में वे शतक के करीब पहुंच गए थे, लेकिन चमिंडा वास ने उन्हें 96 रन के स्कोर पर LBW आउट कर रिकॉर्ड सेंचुरी से महरूम कर दिया था। वह मैच ऑस्ट्रेलिया पारी और 36 रन के अंतर से जीता था।
    पहले शतक के लिए उन्हें ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स में खेले करियर के सातवें मैच में उन्होंने 16 चौकों और 1 छक्के से सजी 127 रन की पारी खेली।
    पोंटिंग ने अब तक खेले 167 टेस्ट मैचों में 52.21 की औसत से 13366 रन बनाए हैं। उनके नाम 41 शतक और 62 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका बेस्ट स्कोर 257 रन का रहा, जो कि उन्होंने 26 दिसंबर 2003 को भारत के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट में बनाया था। उस पारी में पंटर ने 458 गेंदों का सामना करते हुए 25 चौके लगाए थे।
  • सचिन के बाद दूसरे रन-गेटर
    टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में रिकी पोंटिंग दुनिया के दूसरे नंबर के बल्लेबाज हैं। उन्होंने 285 पारियों में 13366 रन बनाए। उनसे अधिक सिर्फ सचिन तेंडुलकर का नाम है, जिन्होंने अब तक खेले 192 टेस्ट मैचों में 15562 रन बनाए हैं।
    टेस्ट में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में वे वर्ल्ड के तीसरे बल्लेबाज हैं। उनके 41 टेस्ट शतक के रिकॉर्ड से अधिक सिर्फ भारत के तेंडुलकर (51) और साउथ अफ्रीका के जैक कैलिस (44) ने सैकड़े लगाए हैं।
    मौजूदा खिलाड़ियों में सिर्फ कैलिस ही पोंटिंग के सर्वाधिक टेस्ट रनों के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। अन्य कोई भी वर्तमान बल्लेबाज उनके आस पास तक नहीं।
  • तीन बार किया टेस्ट में 'डबल' का कारनामा
    रिकी पोंटिंग ने टेस्ट करियर में तीन बार एक ही मैच की दोनों पारियों में शतक लगाए। उन्होंने सबसे पहले वेस्ट इंडीज के खिलाफ 3 नवंबर 2005 को ब्रिसबेन टेस्ट में यह कारनामा किया था। उन्होंने पहली पारी में 149 और दूसरी पारी में नाबाद 104 रन बनाए थे।
    उसके बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2 जनवरी 2006 को सिडनी में हुए टेस्ट में उन्होंने 120 और नाबाद 143 रन की पारियां खेलीं। 24 मार्च 2006 को डरबन में साउथ अफ्रीका के ही विरुद्ध उन्होंने 103 और 116 रन बनाए।
  • 100वें मैच में सैकड़ा, भई वाह!
    करियर के 100वें टेस्ट मैच में सैकड़ा लगाने वाले वे ऑस्ट्रेलिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं। 2 जनवरी 2006 को सिडनी में हुआ साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच उनके करियर का 100वां मैच था। पोंटिंग ने उस मैच को खास बनाते हुए दोनों पारियों में शतक लगाए। 100वें टेस्ट की दोनों पारियों में सैकड़ा लगाने वाले वे दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं।
  • जिताए तीन वर्ल्ड कप
    हर कप्तान का सपना होता है अपनी टीम को वर्ल्ड कप का खिताब जिताना। पोंटिंग ने यह सपना न सिर्फ साकार किया, बल्कि ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसके करीब पहुंचना भी टेढ़ी खीर है। पोंटिंग ने ऑस्ट्रेलिया को तीन बार वर्ल्ड चैंप बनाया। 1999 में वे स्टीव वा की अगुवाई वाली वर्ल्ड चैंप टीम का हिस्सा रहे। उसके बाद 2003 और 2007 में उन्होंने बतौर कप्तान टीम को वर्ल्ड कप का खिताब जिताया।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: ricky ponting to retire after perth test
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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