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जब इस फुटबॉल चैंपियन ने पकड़ी क्रिकेट की गेंद, इतिहास के सभी रिकॉर्ड हुए ढेर

Dainikbhaskar.com | Sep 13, 2013, 10:40 IST

  • खेल डेस्क.क्रिकेट इतिहास के महानतम गेंदबाजों में शुमार शेन वार्न आज अपना 44वां बर्थडे मना रहे हैं। गेंद और बल्लेबाज को अपनी उंगलियों के इशारों पर नचाने में माहिर रहे वार्न जैंटलमैन्स गेम के बैड मैन रहे हैं। फिर चाहे बात ड्रग स्कैंडल की हो या लड़कियों के साथ फ्लर्टिंग, हर मोर्चे पर वार्न ने धमाल मचाया।
    2007 में खेल को अलविदा कहने के बावजूद वे लगातार चर्चा में रहते हैं। वार्न जैसी लेग स्पिन डालना हर किसी बॉलर के बस की बात नहीं। क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में वार्न को श्रीलंकाई ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने पछाड़ा जरूर, लेकिन वे उनसे वर्ल्ड बेस्ट स्पिनर का रुतबा नहीं छीन सके।
    क्रिकेट वर्ल्ड में वार्न ने क्या-क्या धमाल किया, कब उनका किस मॉडल के साथ अफेयर रहा, कब वे स्कैंडल में फंसे, इस तरह की जानकारी तो उनके फैन्स को मुंह जुबानी याद है, लेकिन वार्न की जिंदगी के कुछ ऐसे पहलू भी हैं जिनसे अबतक लोग अंजान हैं।
    वार्न के 44वें बर्थडे पर हम आपको बता रहे हैं इस दिग्गज से जुड़ी की ऐसी ही खास बातें। आगे क्लिक कर जानिए, असलियत में कैसी है शेन वार्न की लाइफ...
  • शेन वार्न का बर्थ प्लेस विक्टोरिया की फर्नट्री गली है। उसी शहर में उनका बचपन बीता।
  • वार्न के पिता कीथ और मां ब्रिजेट को खेलों से लगाव था। वे एडवेंचर भरी लाइफ जीना पसंद करते थे। अपने माता-पिता से ही वार्न को स्वच्छंद घूमने फिरने की आदत विरासत में मिली।
  • बहुत छोटी उम्र से ही वार्न ने अपने अंदर के खिलाड़ी को जाहिर कर दिया था। खासकर गेंद से उन्हें कुछ ज्यादा ही लगाव था। वैसे तो क्रिकेट में अकसर बच्चे बल्लेबाजी करने के लिए झगड़ा करते हैं, लेकिन वार्न को शुरू से ही बॉलिंग पसंद थी।
  • सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, वार्न का पहला प्यार फुटबॉल थी। अपने छोटे भाई जेसन के साथ वे घंटों फुटबॉल खेला करते थे। जब वार्न छोटे थे तब उनकी हसरत विक्टोरिया टीम का फुटबॉलर बनने की थी। वे सेंट किल्डा क्लब का स्टार बनना चाहते थे।
  • टीनेज में जाकर वार्न को क्रिकेट का चस्का लगा। मेंटर टैरी जेनर ने वार्न को लेग ब्रेक गुगली की बारीकियां सिखाईं। वार्न को ट्रेनिंग देने वाले टैरी दुनिया के महानतम कोचों में शुमार हैं।
  • वार्न अपने स्कूल के स्पोर्ट्स चैंपियन थे। इसी कारण उन्हें स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप भी दी गई। इस स्कॉलरशिप ने उनका पहला ख्वाब पूरा कर दिया। वे जल्द ही विक्टोरियन फुटबॉल लीग की सेंट किल्डा टीम का हिस्सा बन गए। 1997 में कुछ समय तक उन्होंने किल्डा टीम के साथ मैच खेले, लेकिन बाकी के सीजन वे रिजर्व खिलाड़ी बन कर रह गए।
  • शेन वार्न के पास गेंद को टर्न करवाने का नेचुरल टैलेंट है। उन्हें लेग ब्रेक डालने में ज्याद मशक्कत नहीं करनी पड़ती। इसके पीछे भी एक किस्सा है।
    जब वार्न किंडरगार्टन में थे, तब एक बच्चा उनके पैरों पर कूद गया। खेल-खेल में वार्न का पैर फ्रैक्चर हो गया था। 12 महीनों के लिए उन्हें ट्रॉली पर चलना पड़ा। ट्रॉली को घुमाने के लिए कलाइयों का इस्तेमाल होता है। इसी कारण उनकी कलाई स्पिन बॉलिंग के लिए बचपन में ही ट्रेन हो गई थी। शुरुआत में उन्होंने अपने इस हुनर पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन स्कूली क्रिकेट के दौरान उन्हें अपनी कलाई के जादू का एहसास हुआ।
  • वार्न स्पोर्ट्स और अपनी लाइफस्टाइल को एन्ज्वॉय कर रहे थे। खेल में हुनर के साथ अनुशासन की भी जरूरत होती है। वार्न में इस चीज की कमी थी। उनकी लापरवाही के कारण उनका वजन 20 किलो तक बढ़ गया।

  • वार्न ने 15 फरवरी 1991 को करियर का पहला फर्स्ट क्लास मैच खेला था। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए उस मैच में वे 102 रन खर्च करने के बाद कुल 1 विकेट ले पाए थे।
  • 1991 का दिसंबर महीना वार्न के लिए नई उम्मीदें लेकर आया। ऑस्ट्रेलिया ए की तरफ से खेलते हुए भारत के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने पहली पारी में 14 रन देकर 3 विकेट झटके। दूसरी पारी में उनकी स्पिन और भी घातक हुई और वार्न ने 42 रन के खर्च पर 4 इंडियन बल्लेबाजों को आउट किया।

  • 1991 में भारतीय टीम की मेजबानी कर रहे ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर्स जमकर पिट रहे थे। पीटर टेलर दो मैचों में कुल 1 विकेट ले सके थे। उनके खराब परफॉर्मेंस को देखते हुए सेलेक्टर्स ने सिडनी में हुए तीसरे टेस्ट में वार्न को उतारने का फैसला किया।
    2 जनवरी 1992 को वार्न ने करियर का पहला टेस्ट मुकाबला खेला। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर जब 23 साल के वार्न पहली बार गेंदबाजी करने उतरे तो भारतीय बल्लेबाजों ने मिलकर उनकी बैंड बजा दी।
    भारतीय टीम की पहली पारी में रवि शास्त्री ने 17 चौके और 2 छक्के लगाते हुए 206 रन बनाए। जैसे-तैसे वार्न ने शास्त्री को डीन जोन्स के हाथों लपकवाकर आउट किया।
  • करियर की पहली इंटरनेशनल सफलता मिलने के बाद वार्न थोड़े रिलेक्स लग रहे थे, लेकिन जैसे ही उनका सामना 19 साल के सचिन तेंडुलकर से हुआ, तो वे फिर से बैकफुट पर आ गए।
    19 साल के सचिन ने 14 चौके लगाते हुए नाबाद 148 रन बनाए। उन्होंने लेग स्पिनर वार्न को जैसे दिन में तारे दिखा दिए। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर सेंचुरी जड़कर एक ओर जहां सचिन ने नया इतिहास रचा, वहीं वार्न के लिए उनका पहला मैच करियर का सबसे डरावना मैच साबित हो गया।
  • शेन वार्न दिलफेंक मिजाज के इंसान हैं। उन्होंने अपने करियर में जितने रिकॉर्ड बनाए, उतने ही उनके अफेयर्स भी रहे।

  • सचिन के हाथों पिटाई वार्न के करियर का बुरा लम्हा जरूर था, लेकिन उन्हें करियर में जिस मैच ने सबसे ज्यादा दुख दिया वह था वेस्ट इंडीज के खिलाफ हुआ एडिलेड टेस्ट। 23 जनवरी 1993 को कैरेबियाई टीम के खिलाफ हुए सीरीज के चौथे टेस्ट में मेजबान ऑस्ट्रेलिया को 1 रन से शिकस्त मिली थी। मेजबान टीम 186 रन के स्कोर से महज 2 रन दूर ऑलआउट हो गई थी। यह उनके करियर का सबसे दुखद पल रहा।

  • वार्न की पहली पत्नी थीं सिमॉन कालाहन। दोनों की मुलाकात 1992 में एक गॉल्फ टूर्नामेंट के दौरान हुई थी।

  • तीन साल की डेटिंग के बाद उन्होंने 1995 में सिमॉन से शादी की। हालांकि, वार्न की हरकतों के कारण यह रिश्ता टिक नहीं सका। 2007 में दोनों अलग हो गए।

  • द वीक मैगजीन के कवर पेज पर वार्न और सिमॉन के रिश्ते का ऐलान हुआ था।

  • आईपीएल पार्टी के दौरान अपनी महिला दोस्त से बातचीत करते शेन वार्न।

  • शेन वार्न और सचिन तेंडुलकर के बीच मुकाबला हमेशा रोमांचक रहा। शारजाह में हुए वनडे मैचों में सचिन ने वार्न की गेंदें जमकर पीटी थीं। उसके बाद वार्न ने कहा था कि उन्हें सचिन के सपने आते हैं।

  • ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ आर्मी ट्रेनिंग करते शेन वार्न

  • वार्न और सिमॉन के तीन बच्चे हैं। बच्चे अब पिता वार्न के साथ ही रहते हैं।

  • वार्न जल्द ही अपनी मंगेतर लिज हर्ले से शादी करने वाले हैं।

  • अपने बच्चों के साथ शेन वार्न

  • विक्टोरिया टीम के साथी खिलाड़ी के साथ शेन वार्न की यादगार तस्वीर।

  • वार्न हमेशा विवादों की गोद में रहे। कभी सिगरेट तो कभी प्रतिबंधित दवाएं लेने के मामले में वे फंसते रहे। 2003 के वर्ल्ड कप में उन्हें डोपिंग के कारण टीम से बाहर किया गया था।

  • कॉल गर्ल्स के साथ नाइट पार्टीज, शराब का सेवन इन सब बुरी आदतों ने वार्न की सेहत को बर्बाद कर दिया था। लेकिन लिज हर्ले ने अपने फिटनेस प्लान से उन्हें फिर से जवान बना दिया।

  • नटखट वार्न की एक और अदा

  • 1993 की एशेज सीरीज में इंग्लैंड के माइक गैटिंग को उन्होंने एक खास गेंद से क्लीन बोल्ड किया था। उस गेंद को 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' कहा जाता है।

    हालांकि, हाल ही में वार्न ने कहा था कि वह सिर्फ एक तुक्का था। उनके इस बयान से काफी विवाद खड़ा हुआ था।

  • शेन वार्न ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों के लिए गिफ्ट और मुसीबत दोनों रहे। उन्होंने अपनी बॉलिंग से विकेट निकाले और हरकतों से विवाद खड़े किए।

  • मशहूर फुटबॉलर डेविड बैकहम के साथ शेन वार्न।

  • बीयर कंपनी के लिए बूढ़े के रूप में नजर आए वार्न

  • वार्न की कुछ कॉन्ट्रोवर्शियल तो कुछ रिकॉर्ड ब्रेकिंग तस्वीरों का समागम।

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: shane warne cricketer birthday special facts
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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