Home »Trending On Web» Rajpath Turns Tehrir Square, Fury On Social Media Sites

'राजपथ बना तहरीर चौक', देखें तस्वीरें

dainikbhaskar.com | Dec 22, 2012, 14:15 IST

  • नई दिल्ली.विजय चौक पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के बाद अब सरकार ने बलात्कारियों को फांसी की सजा पर संसद में विचार करने की बात कही है। गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने पीसी में प्रदर्शनकारियों से आंदोलन वापस लेते हुए घर लौटने की अपील भी की। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को और बढ़ाने का आश्वासन देते हुए कहा कि रात में ज्यादा देर तक बसें नहीं चलेंगी ओर बसों में जीपीएस सिस्टम भी लगाया जाएगा।

    दिल्ली में राष्‍ट्रपति भवन के बाहर हजारों की तादाद मेंप्रदर्शनकारियों ने गैंगरेप के आरोपियोंके लिए फांसी की सजा की मांग की। फिल्मकार शेखर कपूर ने ट्वीट किया, 'दिल्ली काहिरा का तहरीर चौक नजर आ रही है।'

    जनता का आक्रोश सिर्फ सड़कों पर ही नहीं उतरा बल्कि लोग ट्विटर और फेसबुक पर भी राजपथ की तस्वीरें साझा कर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर सिक्के और चूड़ियां भी उछालीं।

    PHOTOS: आपको झकझोर देंगी दिल्ली पुलिस की बर्बरता की यह तस्वीरें

    दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित रही। पहले पुलिस ने उनके ऊपर पानी की बौछार की थी, लाठियों से भी वार किया था और आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे। लेकिन वे काबू में नहीं आए। तब पुलिस भी नरम पड़ गई। प्रदर्शनकारियों के गुस्से के बाद सरकार लोगों से बातचीत के लिए तैयार हो गई है।

    रात 8.25 बजे

    शिंदे ने कहा बलात्कारियों की सजा बढ़ाने कानून में होगा संशोधन। फांसी पर संसद में होगा विचार। रात में ज्यादा नहीं चलेंगी बसें, लगेंगे जीपीएस सिस्टम। महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाए जाएंगे कदम। बलात्कार की सजा के लिए प्रदर्शनकारियों से आंदोलन वापस लेने की अपील। घटना के लिए जिम्मेदार किए जाएंगे सस्पेंड।

    रात 8.10 बजे

    शिंदे के वादे का प्रदर्शनकारियों पर असर नहीं। इंडिया गेट पर नारेबाजी तेज। प्रदर्शनकारियों के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से की थी मुलाकात। शिंदे की पीसी शुरू

    रात 8.00 बजे

    प्रदर्शनकारियों से मिले गृहमंत्री शिंदे, मांगे माने जाने का दिलाया भरोसा

    शाम 7.45 बजे
    सरकार बदल सकती है कानून। इंडियागेट पर ठंड के बावजूद लोगों की संख्या में नहीं आ रही कमी। शिंदे के बयान का इंतजार।
    शाम 7.30 बजे
    जांच के लिए न्यायिक आयोग बना सकती है सरकार। शिंदे की प्रेस कॉन्फ्रेंस कुछ देर में। राजघाट पर नारेबाजी जारी।
    शाम 7. 20 बजे
    सोनिया ने की प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से बात। 7.30 बजे शिंदे देंगे बयान।
    शाम 6.55 बजे
    देश के गुस्से के आगे सरकार ने दिए झुकने के संकेत। लाठीचार्ज में 25 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर। आरएमआई अस्पताल पहुंचे घायल।

    शाम 6.45 बजे

    फास्ट ट्रेक कोर्ट का हो सकता है ऐलान, सुरक्षा गश्त बढ़ाने की भी हो सकती है घोषणा। सख्त कानून बनाने की भी दे सकते हैं आश्वासन। दिल्ली पुलिस ने लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील। भीड़ हटने को तैयार नहीं।
    शाम 6.35 बजे
    कुछ देर में गृहमंत्री देंगे बयान। प्रधानमंत्री आवास पर मनमोहन सिंह के साथ हुई थी बैठक। इंडिया गेट पर लोगों की नारेबाजी तेज।
    शाम 6.25 बजे
    पीएम-गृहमंत्री की बैठक खत्म। डेढ़ घंटे चली बैठक। इंडिया गेट पर लोगों की भारी भीड़। लाठीचार्ज पर नाराजगी।
    शाम 6.15 बजे
    विजय चौक पर आरएएफ तैनात। राजघाट पर नारेबाजी शुरू। लोग हटने को तैयार नहीं।
    शाम 6.00 बजे
    पुलिस ने विजय चौक खाली कराया। प्रदर्शनकारियों को राजपथ की ओर खदेड़ा। राजपथ पर अफरा-तफरी का माहौल।
    शाम 5.51बजे


    पुलिस ने विजय चौक खाली कराया। प्रदर्शनकारियों को राजपथ की ओर खदेड़ा। राजपथ पर अफरा-तफरी का माहौल। पुलिस ने लाठीचार्ज तेज किया। पुलिस बल की संख्या बड़ी। भिड़ंत जारी

    शाम 5.50 बजेः पुलिस ने दिन में 6ठी बार लाठीचार्ज करके प्रदर्शनकारियों को विजय चौक से खड़ेदा। प्रदर्शनकारी पीछे हटे। प्रदर्शनकारी इंडिया गेट की ओर भागे।

    शाम 5.30 बजेःविजय चौक पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हिंसक भिड़ंत। विजय चौक के आधे हिस्से को पुलिस ने खाली कराया। बसों के शीशे टूटे। लाठीचार्ज के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को विजय चौक के कुछ हिस्से से हटाया।

    शाम 5.25 बजेःपुलिस पर प्रदर्शनकारियों ने हमला किया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने में जुटी।

    शाम 5.20 बजेःराजपथ पर भीड़ बढ़ी। भीड़ ने संसद भवन की ओर जाने की कोशिश की। पुलिस ने भीड़ को दौड़ाया। प्रदर्शनकारियों ने पानी की बोतलें पुलिस पर फेंकी। भगदड़ का माहौल।

    शाम 5.12 बजे:सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, 'मैंने इस संबंध में महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ से भी बात की है।' सुषमा स्वराज ने ट्वीट करके जानकारी दी कि प्रधानमंत्री संसद का विशेष सत्र बुलाने की उनकी पर विचार करने का भरोसा दिया है। सुषमा ने प्रधानमंत्री से संसद का विशेष सत्र बुलाकर महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए सख्त कानून लाने की मांग की थी।

    शाम 5.10 बजेगृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे प्रदर्शनकारियों से मुलाकात करेंगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गृहमंत्री से मुलाकात के लिए प्रतिनिधिमंडल बनाने का आग्रह किया।

    शाम 4.50 बजे टाइम्स नाऊ से बातचीत में बीजेपी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, 'जो लोग राष्ट्रपति भवन के सामने जुटे हैं वो भाजपा के नहीं है, वो देश के सामान्य नागरिक हैं जो अपने गुस्से का इजहार कर रहे हैं। वो हमारे बच्चे हैं। और हमारी सरकार हमारे बच्चों पर ही बल प्रयोग कर रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को सभी राजनीतिक दलों से बात करके संसद में आपात सत्र बुला कर मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। लेकिन इस सबके लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की चुप्पी टूटनी जरूरी है। दुखद यह है कि वो देश के युवाओं से भी संवाद नहीं कर रहे हैं।'

    शाम 4 बजकर 36 मिनटपर सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, 'ऐसे जघन्य अपराधों के मामले में सजा-ए-मौत देने के लिए कानून बनाने के लिए मैं प्रधानमंत्री से संसद के विशेष सत्र की मांग कर रही हूं।' इससे पहले सुषमा ने ट्वीट किया, 'मैं हमेशा कहती रही हूं कि बलात्कारी को सजा-ए-मौत दी जानी चाहिए। मैंने इसके लिए एक प्राइवेट मेंबर बिल भी संसद में पेश किया है। लोगों का गुस्सा जायज है।'
    शाम 4.17 बजेःप्रधानमंत्री ने अपने फेसबुक पेज से देश को गृहमंत्री को दिए गए निर्देशों की जानकारी दी। पीएम के फेसबुक पेज पर एक तस्वीर भी साझा की गई। पीएम ने गृहमंत्री से कहा कि दिल्ली में सुरक्षा का भाव पैदा हो और ऐसी घटना दोबारा न हो।

    शाम 4.09 बजेः पीटीआई की खबरः गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने प्रधानमंत्री से बात करके घटना पर चर्चा की। पीएम ने कहा है कि दोबारा ऐसी घटना न हो और लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा हो। पीएम ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तमाम जरूरी कदम उठाने के निर्देश भी गृहमंत्री को दिए।

    शाम 4 बजेएबीपी न्यूज चैनल से बातचीत में गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि यदि सभी चाहेंगे तो दोषियों को फांसी देने पर भी विचार किया जाएगा। आरपीएन सिंह ने यह भी कहा कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर नजर रखने के लिए दिन और रात में अकस्मात दौरे करने की बात भी कही।


    शाम 3 बजकर 45 मिनटपर दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की कोशिश शुरु की। दिल्ली पुलिस की ओर से घोषणा करते हुए कहा गया- दिल्ली पुलिस आपके साथ है, हम चाहते हैं कि हम आपसे बात करें, आपकी मांगों को सुने। हम निवेदन करते हैं कि आप शांति बनाकर रखें, व्यवस्था को भंग न करें। लोगों के बीच में से कुछ लोग आकर हमसे बात करें।

    पढ़ें- तिहाड़ में कैदियों ने आरोपियों को पिलाया पेशाब

    प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का कहर, पानी की बौछार, लाठियों की मार

    आगे क्लिक करके देखिए राजपथ इलाके में प्रदर्शन की तस्‍वीरें और पढ़िए ट्विटर-फेसबुक पर क्या कह रहे हैं लोग।

  • Anand Pradhan
    गैंग-रेप के खिलाफ दिल्ली के राजपथ से लेकर पूरे देश भर में उमड़े गुस्से को आंसूगैस, लाठी और गोली से नहीं दबाया जा सकता है और न दबाने दिया जाना चाहिए. यह गुस्सा और विरोध ही भारतीय लोकतंत्र की जान है. इससे ही इन्साफ मिलेगा. इससे ही समाज-देश बदलेगा और बेहतर राजनीति निकलेगी।
    क्योंकि इस गुस्से में गूंजती इन्साफ की मांग में एक साथ कई आवाजें हैं। न जाने कब से हर दिन, सुबह-शाम कभी घर में, कभी सड़क पर, कभी मुहल्ले में, कभी बस-ट्रेन में, कभी बाजार में अपमानित होती स्त्री की पीड़ा है। इसमें खाप पंचायतों के हत्यारों के खिलाफ गुस्सा है। इसमें वैलेंटाइन डे और पब में जाने पर लड़कियों के कपड़े फाड़ने और उनके साथ मारपीट करनेवाले श्रीराम सेनाओं और बजरंगियों को चुनौती है। इसमें स्त्रियों के “चाल-चलन” को नियंत्रित करने के लिए बर्बरता की हद तक पहुँच जानेवाले धार्मिक ठेकेदारों और ‘संस्कृति पुलिस’ के खिलाफ खुला विद्रोह है।
    इसमें कभी दहेज, कभी लड़की पैदा करने, कभी छेड़खानी का विरोध करने और कभी जाति बाहर विवाह करने की जुर्रत करनेवाली स्त्रियों को जिन्दा जलाने, हत्या करने, उनपर तेज़ाब फेंकने और बलात्कार से उनका मनोबल तोड़ने की अंतहीन और बर्बर कोशिशों के खिलाफ खुला प्रतिकार है।
    इस गुस्से और इन्साफ की मांग के साथ खड़े और लड़ते नौजवान ही उस पितृ-सत्तात्मक व्यवस्था और उसके दमनात्मक औजारों जैसे पुलिस को बदल सकते हैं. इससे ही संसद बदलेगी, कानून बदलेंगे, पुलिस-कोर्ट बदलेंगे और सबसे बढ़कर यह पितृ-सत्तात्मक व्यवस्था बदलेगी जिसने स्त्रियों को अब तक गुलाम बना रखा है. आइये, इस आवाज़ में आवाज़ मिलाकर इन्साफ की मांग और उसकी गूंज को और तेज करें। क्योंकि चुप रहने का विकल्प नहीं है।
  • Jagadishwar Chaturvedi
    बलात्कार कांड की घटना के प्रतिवाद में हजारों युवाओं के बलात्कार विरोधी आक्रोश को जिस तरह टीवी चैनलों ने पॉजिटिव कवरेज दिया है उसने युवाओं के आक्रोश की मात्रा में इजाफा किया है। अपराध के खिलाफ समाचार चैनलों की इसी तरह आक्रामक भूमिका की भारत को जरूरत है।
    दिल्ली के इतिहास में यह विलक्षण दृश्य है कि कई दिनों से हजारों युवा बलात्कार कांड और दिल्ली में कानून-व्यवस्था के बिगडने के खिलाफ गुस्से का इजहार कर रहे हैं।
    अभी भी हजारों युवा विजयचौक पर जमे हुए हैं। केन्द्र सरकार को संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। आज जिन अधिकारियों ने जनविरोधी एक्शन लिया है उनको सस्पेंड किया जाय।
  • Mayank Saxena
    अगर प्रणब मुखर्जी एक बार अपने 300 कमरों के घर के बाहर आ जाते, तो शायद भीड़ शांत हो गई होती...राष्ट्राध्यक्ष अगर जनता से सीधे मुखातिब नहीं हो सकता...तो 15 अगस्त और 26 जनवरी पर हम क्यों सुनें उनके राष्ट्र के नाम संदेश को...धिक्कार है।
    ओबामा ही बेहतर हैं, रेस्टोरेंट में भी चले जाते हैं...त्योहारों पर जनता से मिल भी लेते हैं...बच्चों को देख लाड़ भी जता लेते हैं।
  • Kumar Anubhav Jha
    दिल्ली रेप केस में सभी आरोपी पकडे गए हैं , दिल्ली पुलिस की क्षमता पर संदेह करने का बिलकुल कोई कारण नहीं है .... "सिंघम " की एक लाइन याद आती है की " बाकी अपराध तो बहुत दूर की बात है अगर पुलिस चाहे तो कोई मंदिर के सामने से एक जोड़ी चप्पल भी नहीं चुरा सकता " लेकिन पुलिस चाहे तो , कल दिल्ली के पुलिस कमिश्नर न्यूज़ चैनल पर जिस तरह के बेतुके जवाब दे रहे थे साफ़ नजर आता है की स्टाफ की कमी , ट्रेनिंग की कमी , कानून में कमी नहीं है , कमी है तो सिर्फ इच्छाशक्ति में , कितने हाई प्रोफाइल केसेस हैं जो थाने में आते ही नहीं या दर्ज़ ही नहीं किये जाते " फील गुड कर।ने वाले आंकड़ों की वजह से " ये काण्ड खुद अपनी गवाही दे रहा था लेकिन यही अगर किसी राज कुंवर ने किया होता किसी फाइव स्टार होटल में ,तो क्या इतनी तत्परता दिखाई जाती , ना समझने का कोई कारण नही की तब पुलिस की काबिलियत को क्या हो जाता है।
  • Dilnawaz
    मैं विरोध का विरोध नहीं कर रहा हूं...लेकिन बदलाव सिर्फ नारे लगाकर नहीं आ सकता, सरकार को कोसकर नहीं आ सकता। गैंगरेप के बाद हमारी जो मानवीय संवेदनाएं जागी हैं उन्हें बचाने की जरूरत है। सतर्क रहने की जरूरत है...कहीं भी कुछ गलत होता हुआ देखकर आवाज उठाने की जररूत है...सिस्टम में बदलाव हमसे ही आएगा...अगली बार किसी पुलिसवाले को रिश्वत लेते हुए देखे, वसूली करते हुए देखे तो लिखित शिकायत करें।
    नारों हवाओं में गुम हो जाते हैं....खबरें पुरानी पड़ जाती है....लेकिन शिकायत पर कार्रवाई करना व्यवस्था की मजबूरी है...व्यवस्था को कमजोर मत करिए। नारे लगाइये...सोते हुए को जगाइये...अपनी भड़ास निकालिए...लेकिन सिर्फ यहां तक ही सीमित मत रहिए।
    यदि राष्ट्रपति भवन के बाहर नारे लगाने के बाद घर जाकर आपको नींद आ जाती है तो सबसे बड़े गुनाहगार आप होंगे...इस पल को, इस क्षण को स्वंय में बदलवा लाने के लिए भी इस्तेमाल कीजिए। जो अभी आप कर रहे हैं यह बदलाव की शुरुआत भर है...इसे अंजाम मत मानिए।
  • Ramesh Srivats
    प्रणब मुखर्जी सबकुछ गलत कर रहे हैं। प्रतिभा पाटिल के दौर में किसी ने राष्ट्रपति भवन के सामने प्रदर्शन करने की कोशिश नहीं की क्योंकि वह कभी वहां रहती ही नहीं थी।
  • Shekhar ‏
    धारा 66A राष्ट्रपति भवन के सामने साक्षात खड़ी है।
  • Katra Naresh
    राष्ट्रपति भवन के सामने हजारों युवा जुटे हैं, पहली बार यहां ऐसा नजारा देखा है।
  • Rowdy Rebeller
    बाप का पानी है? प्रदर्शनकारियों पर इतनी बौछारें करके पानी क्यों बर्बाद कर रहे हो?
  • parth parikh
    मुझे उस वक्त शर्म आ गई जब प्रदर्शन में शामिल जर्मनी की एक लड़की ने कहा कि वह दिल्ली में सुरक्षित महसूस नहीं करती है।
  • Ansh ‏
    राष्ट्रपति भवन के बाहर प्रदर्शन वो बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि कोई बलात्कार या कत्ल कर दे तो उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
  • Quinn ‏
    यदि सारी पुलिस राष्ट्रपति भवन के बाहर तैनात है तो फिर दिल्ली में महिलायों की रक्षा कौन कर रहा है। और हद तो यह है कि हम कंपीटेंस की बात करते हैं।
  • Raghib Asim
    बलात्कारियों तथा भरष्टाचारियों की गोद में बैठ कर सरकार की मति भ्रष्ट हो गई है लगता है। नौजवानों पर बरस रही लाठियों और पानी की बौछारों के दृश्य मन को और मैला कर रहे हैं। युवतियों को टांगा-टोली कर गिरफ्तार किया जा रहा है। निश्चित ही कोई निहायत सिरफिरा व्यक्ति सरकार को और प्रशासन को सलाह दे रहा है। रायसीना हिल्स पर अब तक पाँच बार लाठी चार्ज हो चुका है। अश्रु गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। सरकार रायसीना हिल्स और इंडिया गेट को चीन का तिएन आन मेन चौक बनाने पर तुली है। ..... शर्मनाक है, ये दुर्भाग्यपूर्ण है।
  • Shekhar Kapur
    दिल्ली भारत का तहरीर चौक लग रही है।
  • Ashu Katyal
    या उन्हें फांसी दो या हमें फांसी दो...इंडिया गेट पर यह आवाजें सुनाईं दे रही हैं।
  • Ranjan Shandilya
    अपनी बेटियों को यह मत सिखाओं की क्या पहनना है बल्कि अपने बेटे को सिखाओं की महिलाओं से कैसे व्यवहार करना है। इंडिया गेट के बाहर एक पोस्टर पर यह लिखा था।
  • Ashutosh Kumar Singh
    देश के युवाओं में आज भी आग बाकी है...यह देखकर हृदय को सुकून मिल रहा है...युवा जाग रहे हैं देश भी जागेगा...
  • Ashutosh Lall
    हमारे राजनेता हर समय राजनीतिक फायदा उठाने की जुगत में लगे रहते हैं, या तो वह अभी रायसीना हिल्स आकर अपनी उपयोगिता साबित करें या फिर इस्तीफा दे दें।
  • Piyush sinha
    लाठीचार्ज के बाद रायसीना हिल्स पर भीड़ और बढ़ गई है। हर ओर से लोग आ रहे हैं। देखा दिल्ली पुलिस, तुम्हें सब्र करना चाहिए था।
  • S Ramachandran
    लगता है धरती के अंत की शुरुआत हो गई है। यकीन नहीं आता तो इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन के नजारे देख लो...माया सभ्यता के लोग इतने भी गलत नहीं थे।
  • shrish mishra ‏
    रायसीना हिल्स पर लोग अब दिल्ली पुलिस पर चूड़ियां और सिक्के फेंक रहे हैं।
  • Sandip Naik
    क्या राष्ट्रपति भवन हमारा नहीं है अंदर जाने में क्या दिक्कत है, देश के गृह मंत्री कह रहे हैं कि युवा शांत रहें। हद है लाठी मारने वाली सरकार और पानी छींटने वाली सरकार नाकारा है। मूक प्रधानमंत्रीजी बाहर आओ अब नहीं बोले तो कभी नहीं बोल पाओगे। यही समय है जब अपनी सरकार के पिछले सभी पाप धूल जायेंगे अब तो बोलो नहीं तो कभी सरकार में नहीं आ पाओगे।
  • Akhilesh Sharma
    अब तक के इतिहास में यह सबसे जाएदा शर्मनाक किसी भी रास्ट्रपति के लिए यह नहीं हुआ की गुस्साई भीड़ रास्ट्रपति भवन की तरफ चूड़ियां, सिक्के, चप्पलें, जूते और कोंडम भी फ़ैके गए हो! और रास्ट्रपति जी आराम से रसोगुल्ला खा रहे हो!
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: Rajpath turns Tehrir Square, fury on social media sites
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From Trending on Web

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top