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आगरा में पहली बार माइक्रो ATM से बंटी सैलरी, 1200 वर्कर्स को हुआ पेमेंट

dainikbhaskar.com | Dec 02, 2016, 12:50 IST

  • आगरा के जूता फैक्‍ट्री के वर्कर्स को माइक्रो एटीएम से सैलरी मि‍ली।
    आगरा. नोटबंदी के बाद पहली बार आगरा में गुरुवार को जूता फैक्ट्री के वर्कर्स को माइक्रो एटीएम से सैलरी बांटी गई। सैलरी में नए नोटों को पाकर करीब 1200 वर्कर्स खुश हुए। वहीं, फैक्‍ट्री मालि‍क ने भी चैन की सांस ली। क्‍या है पूरा मामला...
    - नोटबंदी के बाद लोगों को सैलरी लेने-देने की समस्‍या की आशंका थी। इससे आगरा के जूता वर्कर्स और उनके फैक्‍ट्री मालि‍क भी परेशान थे।
    - ओम एक्सपोर्ट के मालिक रवि सहगल ने बताया कि‍ हमें सप्ताह में एक बार कारीगरों को सैलरी देनी होती है।
    - नोटबंदी के बाद समस्‍या होने पर हमने पहले बिग बाजार और बेस्ट प्राइस से 1-1 हजार रुपए के कूपन मंगवाए।
    - वह कूपन कारीगरों को दिए गए, लेकि‍न वहां ब्रांडेड प्रोडक्ट ही मिलने के कारण कारीगरों को महंगा लगा।
    - साथ ही पूरे 1 हजार रुपए का सामान खरीदने की कंडीशन भी थी।
    - उन्‍होंने कहा, 'फिर हमने फैक्ट्री में ही एक परचून की दुकान शुरू की। यहां भी एक किलो के पैकेट में सामान उपलब्‍ध होने के कारण समस्‍याएं थीं।
    - इसी दौरान बैंक ऑफ इंडिया के स्टाफ से बात हुई। उन्‍होंने ही माइक्रो एटीएम से सैलरी देने का रास्‍ता सुझाया।
    क्या है माइक्रो एटीएम
    - बैंक ऑफ इंडिया ने सैलरी पेमेंट के लिए माइक्रो एटीएम की सुविधा शुरू की है।
    - यह बिल्‍कुल स्वाइप मशीन की तरह है। यह लैपटॉप से अटैच होकर काम करती है।
    - सैलरी बांटने के लिए पहले बैंक में पैसे जमा करना होता है।
    - इसके बाद बैंक निर्धारित लिस्ट के लोगों के खाते में पैसा भेज देता है।
    - निर्धारित समय पर बैंककर्मी माइक्रो एटीएम लेकर आते हैं। वहां कर्मचारी मशीन में अपना एटीएम स्‍वाइप कर अंगूठे का निशान मशीन पर देता है। इसके बाद बैंककर्मी उसे पैसे दे देते हैं।
    आगे की स्लाइड्स में पढ़ि‍ए मशीन से कैसे हुआ फायदा...
  • इस नई व्‍यवस्‍था से वर्कर्स खुश हैं।
    मशीन से क्या हुए फायदे
    - माइक्रो एटीएम के इस्तेमाल के बारे में बैंक ऑफ इंडि‍या के एजीएम विजय वर्मा ने बताया कि‍ इसके इस्तेमाल के लिए बैंक अकाउंट जरूरी था।
    - हमने नया काम किया कि‍ जिनके बैंक अकाउंट नहीं हैं, उनके लि‍ए बिना चार्ज के तुरंत अकाउंट खोलने की सुवि‍धा दी। - यही नहीं 10 मिनट में अकाउंट और एटीएम दोनों शुरू कर दि‍या गया।
    - साथ ही एटीएम पर वर्कर्स को 1 लाख रुपए के फ्री इंश्योरेन्स और पेटीएम की सुविधा भी दी गई है।
    - उस शख्‍स के अकाउंट से पैसे नि‍काल कर उसे दि‍या जाने लगा।
    - इससे वर्कर्स अपनी आवश्यकता के ही पैसे नि‍कालेंगे।
    - उन्‍होंने कहा कि‍ अभी शुरुआत में हम सप्ताह में तीन बार फैक्ट्री आया करेंगे।
    आगे की स्लाइड्स में पढ़ि‍ए पहली बार हुआ माइक्रो एटीएम का यूज...
  • बैंक ऑफ इंडि‍या ने यह सलाह दी थी।
    पहली बार हुआ है प्रयोग
    - जूता फैक्ट्री के मालिक रवि सहगल का कहना है की इस मशीन का इस्तेमाल कर सैलरी देने वाले यहां हम पहले व्यवसायी हैं।
    - सैलरी पेमेंट का यह बढ़ि‍या तरीका है। इसे लोग इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
    आगे की स्लाइड्स में पढ़ि‍ए खुश हुए वर्कर्स...
  • आगरा में यह प्रयोग पहली बार हुआ।
    वर्कर्स में खुशी की लहर
    - जूता फैक्‍ट्री के वर्कर राजकुमार ने बताया कि‍ नोटबंदी के बाद से सैलरी मिलने और घर खर्च में दिक्कतें आ रही थीं।
    - अब इस तरह हमारे बैंक अकाउंट भी हो गए और नए नोट भी मिल गए। इससे सभी वर्कर्स खुश हैं।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: salary distributed by micro atm
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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