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'सरकारी कर्मचारियों को भी करना होगा टारगेट बेस काम, 5 बजते घर जाने की प्रथा होगी खत्म'

dainikbhaskar.com | Apr 07, 2017, 15:33 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स

लघु उद्योग के कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी

कानपुर. यूपी हैंडलूम को जिंदा करने और लघु उद्योग को सुचारू रूप से चलाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए पिछले दिनों कानपुर के सर्किट हाउस में लघु उद्योग के कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी ने हथकरघा, यूपी हैंडलूम, खादी ग्रामोद्योग के अधिकारियों के मीटिंग की।
- dainikbhaskar.com से बातचीत में मंत्री सत्यदेव पचौरी ने बताया- उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, वो चुनौती से भरी है। प्रदेश में जो उद्योग लगे हैं वो आगे सुचारू रूप से काम करें, इसपर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए कई प्लान भी तैयार किए जा रहे हैं।
- आने वाले दिनों में सरकारी कर्मचारियों को प्राइवेट कंपनियों के तर्ज पर टारगेट बेस काम करने के लिए खुद को तैयार करना होगा।
- कर्मचारियों को अपना वर्क कल्चर को बदलना होगा।
- हथकरघा उधोग के वेंटिलेटर पर जाने का सबसे बड़ा कारण उसमें काम करने वाले नीचे तबके के कर्मचारीयो का नॉन टेक्नीकल होना है।
- अमेरिका के तर्ज पर बच्चों को हाईस्कूल से एक ऐसे पाठ्यक्रम की शुरुवात करने की तैयारी की जा रही है, जिसमें छात्र अपने रूचि के हिसाब से जानकारी हासिल कर सकें।
- इसको लेकर जल्द ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री से बात की जाएगी, जिसमें एक पीरियड तकनिकी शिक्षा की शुरू की जाएगी।
- इसके अलावा यूपी हैंडलूम को रिवाइव किए जाने पर भी प्लान किया जा रहा, जो अपना अस्तित्व खोता जा रहा है।
- यूपी हैंडलूम के जमीनों पर से अवैध कब्जे को हटाकर उसे जरुरत के मुताबिक इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे रेवेन्यू जनरेट हो।


सरकारी विभाग के कर्मचारियों को अपना वर्क कल्चर बदलना होगा
- इनके मुताबिक, अब सरकारी विभाग के कर्मचारियों को अपना वर्क कल्चर डेवेलप करना होगा।
- घड़ी में 5 बजते ही काम छोड़कर घर जाने की प्रथा को खत्त्म किया जाएगा।
- जबतक काम पूरा नहीं होगा कर्मचारी अपने ऑफिस में बैठकर काम करेगा, इस प्रथा को भी सख्ती से लागू करने की तैयारी की जा रही है।
- आने वाले दिनों में प्राइवेट कंपनियों के तर्ज पर सरकारी कर्मचारियों को टारगेट बेस काम करवाने पर भी विचार किया जा रहा है।

सब्सिडी का पैसा लगाकर इंडस्ट्री को बंद करना अब आसान नहीं होगा

- उन्होंने कहा- यूपी के आर्थिक ढांचे को खड़ा करने की एक बड़ी जिम्मेदारी मुझे दी गई है।
- इंडस्ट्री लगाने के नाम पर एक तो सरकार का पैसा ले लिया गया, जगह मिल गई, उसके बाद इंडस्ट्री को बंद कर दिया गया। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, जो सब्सिडी लेकर इंडस्ट्री लगाएगा, उसे इंडस्ट्री चलानी होगी।
- अब सब्सिडी का पैसा फंसाकर उद्योगपति हो या एमएसएमई भाग नहीं सकते। इसपर जल्द ही एक सख्त कानून लाने की तैयारी की जा रही है


प्रोडक्शन के 3 महीने बाद बैंकों या वित्तीय संस्थानों के किस्त चुकाने के प्लान पर किया जा रहा विचार

- इंडस्ट्री लगाने के बाद उद्योगपति को कई कठनाई से गुजरना पड़ता है, जिसमे मार्केटिंग और लोन की किस्त सबसे अहम है।
- इनके मुताबिक, अगर इंडस्ट्री चालू कंडीशन में है और उसका उसमें होने वाले प्रोडक्शन मार्केट में आ रहे हैं, फिर भी इंडस्ट्री अगर बीमार हो रही है, तो उसके ब्याज में कटौती करने पर विचार किया जा रहा है।
- लेकिन इसके लिए उस इंडस्ट्री की पूरी जांच पड़ताल की जाएगी, उसकी एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिसके बाद ही लोन के ब्याज पर कटौती किया जाएगा।
- इंडस्ट्री के लिए दिए गए पूंजी का रिटर्निंग पीरियड में बढ़ोतरी करने का प्लान भी बनाया जा रहा है।
- सरकार बैंको के किश्तों के लिए उद्योगपतियों को 3 महीने की रियायत देने की तैयारी कर रही है। किसी भी इंडस्ट्री को बैंको या दूसरे वित्तीय संस्थानों को पूंजी प्रोडक्शन उत्पादन के तीन महीने बाद शुरू करने का प्लान किया जा रहा है।


कुटीर उद्योग के लिए कलस्टर बनाने पर हो रहा विचार

- इनके मुताबिक, यूपी में छोटे-छोटे कुटीर उद्योग के लिए क्लस्टर बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है।
- एक बायर को एक ही जगह पर अलग-अलग प्रोडक्ट देखने को मिलेगा और वो खरीदेगा।
- यूपी के कई जिलों में रिसर्च डेवलपमेंट सेंटर खोले जाने पर विचार किया जा रहा है। जिससे हम इंडस्ट्री को टेक्नीकल एम्प्लॉयी मुहैया करवा सकें। हम राजस्व और राहत दोनों पर काम करेंगे।
- कानपुर की कॉटन मिले बंद हो चुकी हैं, उन स्थानों पर लघु उद्योग लाने पर बात की जा रही है।


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Web Title: UP cabinet minister said working govt employee culture will change
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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