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बाबरी ढांचा मैंने तुड़वाया, अवैद्यनाथ-अशोक सिंघल भी इसमें शामिल थे: पूर्व BJP MP

dainikbhaskar.com | Apr 21, 2017, 18:59 IST

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पूर्व बीजेपी सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती ने कहा क‍ि मेरे कहने पर ही कारसेवकों ने बाबरी ढांचा गिराया था। (फाइल)

अयोध्या.पूर्व बीजेपी सांसद और राम जन्मभूमि न्यास के सीन‍ियर मेंबर डॉ. रामविलास दास वेदांती ने अयोध्या मामले पर शुक्रवार को कहा कि बाबरी ढांचा मैंने तुड़वाया था। मेरे कहने पर ही कारसेवकों ने बाबरी ढांचा गिराया था। महंत अवैद्यनाथ, अशोक सिंघल भी इसमें शामिल थे। उन्होंने आगे कहा क‍ि आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी कारसेवकों को समझा रहे थे। आडवाणी इसमें जरा भी दोषी नहीं हैं। बता दें, वेदांती भी बाबरी विध्वंस मामले में आरोपी हैं। (दूसरी स्लाइड में देखें वीड‍ियो...)
''मैंने कहा था एक धक्का और दो, बाबरी को तोड़ दो...''
- ''अयोध्या में मौजूद कारसेवकों ने मेरे और अशोक सिंघल के कहने और उकसाने पर विवादित ढांचे को गिराया था। मेरे कहने पर ही कारसेवकों ने गिराया बाबरी ढांचा। मैंने ही कहा था क‍ि एक धक्का और दो, बाबरी को तोड़ दो।''
- ''विवादित ढांचे से कुछ ही दूर स्थित मंच पर मौजूद आडवाणी, जोशी आदि नेता कारसेवकों को समझाने की कोश‍िश कर रहे थे क‍ि आपकी कारसेवा हो गई है और आप ढांचे से उतर आइए। इस मामले में लालकृष्ण आडवाणी बिल्कुल भी दोषी नहीं हैं। वो बेकसूर हैं। अगर कोर्ट फांसी की सजा मुझे दे तो मैं फांसी पर लटकने को तैयार हूं।''
जल्द से जल्द मंद‍िर न‍िर्माण हो
- वेदांती ने आगे कहा, ''मैं रामलला से ये प्रार्थना जरूर करूंगा कि भारत सरकार और राज्य सरकार को ऐसी दिशा मिले कि जल्द से जल्द मंदिर का निर्माण हो।''
- उन्होंने सरकार से विवादित स्थल के आस-पास अधिग्रहित 67.77 एकड़ जमीन रामजन्मभूमि न्यास को सौंपने की भी मांग की, ताकि इस भूमि पर राममंदिर निर्माण शुरू किया जा सके।
- उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जजों को चुनौती दी कि ध्वंस के समय के साक्ष्यों का अयोध्या आकर पुनर्वलोकन करें। डाॅ.वेदांती ने सीबीआई की नियत पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा क‍ि सीबीआई की झूठी गवाही पर जजों ने फिर केस चलाने का आदेश दिया है।
आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी समेत बीजेपी के 13 नेताओं पर चलेगा केस...
- कोर्ट ने ये भी कहा कि इस मामले में चल रहे दो अलग-अलग मामलों को एक कर दिया जाए और रायबरेली में चल रहे मामले की सुनवाई भी लखनऊ में की जाए। सुनवाई दो साल में खत्म हो, ये भी सुनिश्चित किया जाए।
ये थापूरा घटनाक्रम
- दिसंबर 1992: दो एफआईआर दर्ज की गई थीं। पहली अज्ञात कारसेवकों के खिलाफ। इन पर मस्जिद को ढहाने का केस दर्ज था। वहीं दूसरी एफआईआर आडवाणी, जोशी और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी। इन सभी पर बाबरी मस्जिद गिराने के लिए भड़काऊ स्पीच देने का आरोप था।
- अक्टूबर, 1993: सीबीआई ने आडवाणी और अन्य के खिलाफ साजिश रचने के आरोप में चार्जशीट दाखिल की थी।
- 4 मई, 2001, स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने आडवाणी, जोशी, उमा भारती, बाल ठाकरे और अन्य के खिलाफ आरोपों को हटा दिया था। कोर्ट ने टेक्निकल ग्राउंड का हवाला देते सभी को आरोपों से बरी कर दिया था।
- 2 नंवबर, 2004: सीबीआई ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ में चुनौती दी थी। कोर्ट ने नोटिस जारी किया था।
- 20 , मई 2010: हाईकोर्ट ने अपील को खारिज कर दिया था। कहा था कि सीबीआई की रिवीजन पिटीशन में कोई आधार नहीं है।
- फरवरी, 2011: सीबीआई ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। हालांकि, सीबीआई को यह करने में करीब 8 महीने का वक्त लग गया।
- 6 मार्च, 2017:सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए बाबरी मस्जिद केस में बीजेपी नेताओं के खिलाफ आपराधिक आरोपों की समीक्षा की जा सकती है।
- 21 मार्च, 2017: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद को हल करने की कोशिश की। कोर्ट ने कहा कि सभी पक्ष सहमति से इस मामले का हल निकाल सकते हैं।
- 6 अप्रैल, 2017:सुप्रीम कोर्ट ने डेडलाइन में केस की सुनवाई खत्म करने की बात कही और सीबीआई की पिटीशन पर फैसला सुरक्षित रख लिया।
- 19 अप्रैल, 2017: सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी के 13 नेताओं पर साजिश का केस चलाने का आदेश दिया। साथ ही दोनों केस की सुनवाई एक ही जगह लखनऊ में कराने के आदेश दिए।
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Web Title: BJP MP ramvilas das vedanti remark over babri ayodhya issue
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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