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ये हैं वो 8 अफसर जिनकी योगी सरकार में बदल सकती है कुर्सी

dainikbhaskar.com | Mar 31, 2017, 17:36 IST

  • आईएएस अनिता सिंह मुलायाम और अख‍िलेश सरकार के दौरान उनकी सचिव रह चुकी हैं।
    लखनऊ. यूपी में सत्ता बदलते ही ब्यूरोक्रेसी में भी बदलाव होना शुरू हो जाता है। राजनीतिक दलों के मनचाहे अफसर महत्वपूर्ण पदों पर भेज दिए जाते हैं और पूर्व सरकार के दौरान बड़े विभागों में जमे अफसरों को उन पदों पर भेज दिया जाता है। dainikbhaskar.com आज आपको कुछ ऐसे ही अफसरों के बारे में बताने जा रहा है, जो कि कहीं न कहीं सपा या बसपा के खास रहे और अब सत्ता बदलते ही इनकी कुर्सी बदलने की संभावना भी बढ़ गई है। इसके लिए टीम ने पॉलीटिकल एक्सपर्ट श्रीधर अग्न‍िहोत्री से बात की। हालांकि, इन लोगों में कुछ रिटायर्ड हो चुके हैं।

    अनीता सिंह
    पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में 5 साल तक उनकी सचिव रहीं। सत्ता में रसूख इतना था कि इनके बगैर पत्ता तक नहीं हिलता था। आलाधिकारियों से लेकर विधायक तक इनके आगे-पीछे घूमते रहे। पूर्व की मुलायम सरकार में भी 2003 से 2007 तक उनकी सचिव रहीं, लेकिन 2007 में जब मायावती की सरकार आई, तो इन्हें सामान्य प्रशासन विभाग जैसे महत्वहीन विभाग में भेज दिया गया था।

    संजय अग्रवाल
    अखिलेश सरकार के दौरान इन्हें प्रदेश में बिजली संकट को देखते हुए प्रमुख सचिव ऊर्जा की तैनाती दी गई। इसके अलावा कई बार अलग-अलग विभागों का एक्स्ट्रा चार्ज भी दिया गया। सीईओ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे जैसे बड़े विभागों की भी जिम्मेदारी दी गई।


    सदाकांत

    अखिलेश सरकार के गठन के कुछ महीनों बाद प्रमुख सविच आवास के पद पर तैनात किए गए सदाकांत पूरे 5 साल तक इसी पद पर बने रहे। हालांकि, बीच में कुछ दिनों के लिए अखिलेश की नाराजगी के चलते इन्हें इस पद से हटा दिया गया, लेकिन बाद में फिर इन्हें इसी पद पर तैनाती मिल गई।


    आगे की स्लाइड्स में जानें 10 ऐसे अफसर, कोई सपा तो कोई बसपा का रहा खास...


  • अखिलेश सरकार के दौरान दीपक सिंघल को सिंचाई से लेकर प्रमुख सचिव गृह तक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं थीं।
    दीपक सिंघल

    मुलायम सरकार और बाद में अखिलेश सरकार के दौरान दीपक सिंघल को सिंचाई से लेकर प्रमुख सचिव गृह तक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। इसके बाद श‍िवपाल सिंह यादव से जुडे़ होने का पूरा लाभ मिला और मुख्य सचिव के पद पर पहुंच गए। लेकिन सपा में हुए पारिवारिक विवाद के चलते दीपक सिंघल को इस पद से हाथ धोना पड़ा।


    पंधारी यादव

    पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सचिव रहे पंधारी यादव की पहचान अब पूरी तरह से सपा परिवार से जुड़े होने की बन चुकी है। चर्चा तो यहां तक है कि विधानसभा चुनाव में पंधारी यादव के कहने पर ही अखिलेश ने पटियाली से सपा विधायक जीनत का टिकट काटकर किरण यादव को दिया था।


    आमोद कुमार

    1995 बैच के IAS आमोद कुमार अखिलेश सरकार के दौरान उनके सचिव रहे। कुछ समय के लिए किसी अन्य विभाग में भेजा गया, लेकिन बाद में इन्हें फिर से मुख्यमंत्री ने अपने साथ ले लिया।


    नवीन चंद्र वाजपेयी


    रिटायर्ड आईएएस नवीन चंद्र वाजपेयी को सपा खेमे का माना जाता है। जब वह पिछली मुलायम सरकार में मुख्य सचिव के पद पर थें, तो उन्होंने पार्टी के एक कार्यक्रम में पद पर रहते हुए मुलायम की जमकर तारीफ की। इसके कारण 2007 के विधानसभा चुनाव में आयोग ने इन्हें इस पद से हटा दिया था। 2012 में जब सपा की सरकार बनी, तो वाजपेयी को इसका इनाम मिला और वह राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष बनाए गए।
  • सपा सरकार के खास माने जाते हैं जावेद उस्मानी।
    जावेद उस्मानी

    मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर तैनात जावेद उस्मानी मुलायम सिंह यादव की पूर्व सरकारों में उनके सबसे खासमखास रहे। इसके बाद वह दिल्ली चले गए, लेकिन जैसे ही 2012 में यूपी में सपा सरकार बनी, तो इन्हें दिल्ली से बुलाकर यूपी का मुख्य सचिव बना दिया गया। बाद में रिटायर होते ही इन्हें 2015 में मुख्य सूचना आयुक्त के पद से नवाजा गया।


    शम्भू सिंह यादव

    पूरी तरह से सपा खेमे की पहचान रखने वाले शम्भू सिंह यादव जब भी सपा सरकार आई, तो इनका रसूख बढ़ गया। सत्ता बदलते ही महत्वहीन विभागों में भेजे गए। अखिलेश सरकार के दौरान वह उनके सचिव हो गए और अगस्त 2016 में रिटायर होते ही अखिलेश ने उन्हे उपलोकायुक्त बना दिया।


    कुंवर फतेहबहादुर

    मायावती सरकार के दौरान फतेह बहादुर काफी ताकतवर हो जाते हैं। 2007 में मायायती के आते ही इन्हें प्रमुख सचिव गृह और नियुक्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई। यहां तक कि वह संगठन की भी प्रेस कांफेन्स करने लगे थें। इस बार भी कयास लगे थें कि अगर बसपा सरकार आई, तो फतेहबहादुर बड़े ओहदे पर रहेंगे। अखिलेश सरकार में इन्हें राजस्व परिषद भेज दिया गया था।


    नवनीत सहगल

    1988 बैच के नवनीत सहगल पर वैसे तो मायावती सरकार के दौरान उनका सबसे खास होने का ठप्पा लगा था। इसके कारण वह अखिलेश सरकार में शुरू के कई महीनों तक धर्मार्ध विभाग में तैनात रहे। बाद में इन्हें प्रमुख सचिव सूचना बनाया गया।
  • प्रदीप शुक्ला मायावती के सबसे खास माने जाते हैं।
    प्रदीप शुक्ला

    दो महीने पहले रिटायर हुए आईएएस प्रदीप शुक्ला तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के सबसे खास अफसर माने जाते थें। बसपा सरकार में एनआरएचएम घोटालें के कारण इन्हें जेल तक जाना पड़ा। ऐसी चर्चा में थी जब ये लखनऊ के डीएम थे, तब इन्होंने बसपा के संस्थापक कांशीराम के लखनऊ आने पर उनकी तौलिया से लेकर कुर्सी में बैठाने तक की जिम्मेदारी निभाते थे।


    विजय शंकर पाण्डेय

    हाल ही में रिटायर हुए आईएएस विजयशंकर पाण्डेय मायावती सरकार में काफी ताकतवर अफसर बने रहे। लेकिन जैसे ही अखिलेश सरकार आई तो इन्हें राजस्व परिषद में भेज दिया गया। यहां तक कि इनके खिलाफ अखिलेश सरकार ने विभागीय जांच तक के आदेश दिए। बाद में ये केन्द्र चले गए, जहां इस साल जनवरी में रिटायर हो गए।
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Web Title: CM Yogi Adityanath may change in bureaucracy
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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