» Inside Story Of Mulayam Singh And Akhilesh Yadav Meeting

'लव-कुश ने भी तो पिता के सामने हथियार डाले थे': मुलायम खेमे के नेताओं ने अखिलेश को मनाने के लिए सुनाईं कहानियां

Ravi Srivastava | Jan 18, 2017, 18:50 PM IST

अखिलेश 10 जनवरी को मुलायम से मिलने उनके घर पहुंचे थे।

लखनऊ.मुलायम और अखिलेश के बीच सुलह कराने के लिए पार्टी के अंदर कई तरह से कोशिशें हो रही हैं। 10 जनवरी को हुई दोनों की मीटिंग के पहले मुलायम खेमे के दो नेताओं ने ऐसी ही एक कोशिश की। दरअसल, जब अखिलेश मीटिंग के लिए पहुंचे तो मुलायम आराम कर रहे थे। सपा के मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और राज्यसभा सांसद संजय सेठ पहले से मौजूद थे। दोनों ने अखिलेश से कहा कि अब विवाद खत्म कर दीजिए। यही नहीं, उन्होंने सीएम को लव-कुश और कृष्ण की कहानियां सुनाकर भी मनाने की कोशिश की। बता दें कि दोनों के बीच 31 जनवरी से अभी तक 8 मीटिंग हो चुकी हैं। लेकिन सुलह का कोई फॉर्मूला नहीं निकला है। लव-कुश झुके थे पिता के सामने...
- पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 10 जनवरी की सुबह करीब 10.30 बजे अखिलेश मुलायम के घर पहुंचे। उनके पहुंचने के पहले गायत्री प्रजापति और संजय सेठ मौजूद थे।
- मुलायम से मिलने से पहले अखिलेश, गायत्री और संजय के बीच बातचीत हुई। दोनों ने अखिलेश से विवाद खत्म करने की बात कही। इस पर अखिलेश ने कहा कि पहले नेताजी को समझाओ।
- अखिलेश का जवाब सुनकर दोनों ने सीएम को लव-कुश की कहानी सुनाई।
- अखिलेश को बताया गया कि जब भगवान राम का अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा छोड़ा गया था, तब उनके बेटे लव-कुश ने ही उसे रोका था।
- इस दौरान घोडा छुड़ाने आए लक्ष्मण को उन्होंने बंधक बना लिया। फिर हनुमान आए तो उन्हें भी बंधक बनाया। लेकिन जब भगवान राम आए तो उनके सामने दोनों बच्चों ने हथियार डाल दिए।
चंदा मामा की भी सुनाई गई कहानी
- सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने सीएम को भगवान कृष्ण की भी कहानी सुनाई।
- अखिलेश को बताया गया कि कृष्ण ने बचपन में मां से जिद की थी कि उन्‍हें चांद चाहिए। लेकिन वह खुद भगवान थे, ऐसे में उन्हें जानना था कि चांद तो वह जब चाहें, तब उन्हें मिल सकता है। वह तो उनका ही था।
- ये सुनते हुए सीएम अखिलेश मोबाइल पर बिजी रहे और धीरे-धीरे मुस्कुराते रहे।
अखिलेश ने कहा- चाचा को समझाइए
- मीटिंग के दौरान सीएम ने दोनों नेताओं से कहा कि आप चाचा को समझाइए। इस पर दोनों नेताओं ने कहा कि चाचा शिवपाल उतना ही करते हैं, जितना मुलायम कहते हैं।
- वे तो हनुमान की तरह हैं। आप कहें तो उन्‍हें अभी बुला दें और वे दो घंटे तक आपके साथ बैठे रहेंगे।
- इतनी बातचीत के बाद अखिलेश कहीं चले गए। इसी दौरान वहां मुलायम आ गए और उन्होंने पूछा कि अखिलेश कहां हैं।
- इसके बाद मुलायम और अखिलेश दूसरे कमरे में मीटिंग के लिए चले गए।
मुलायम ने अखिलेश से कहा- मैं पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष रहूंगा
- सूत्रों के मुताबिक, मुलायम ने अखिलेश से कहा, "मैं पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष रहूंगा। इसके अलावा पार्टी में तुम जो भी पद चाहो, उसे ले लो।"
- "तुम चाहो तो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष या प्रदेश अध्यक्ष बन जाओ। टिकट बांटने और सिंबल देने का अधिकार भी तुम्हारे पास रहेगा।"
- "तुम चाहना तो शिवपाल के कैंडिडेट्स को टिकट देना, नहीं तो तुम्हारी मर्जी।"
- यही नहीं, मुलायम ने आगे कहा, "मैं चुनाव आयोग से अपना दावा भी वापस ले लेता हूं।"
- सभी बातों को अखिलेश सिर्फ सुनते गए, लेकिन उन्‍होंने कोई सहमति नहीं दी।
सपा में सुलह की 8 कोशिशें नाकाम
-मुलायम और अखिलेश के बीच 31 जनवरी से अभी तक 8 मीटिंग हो चुकी हैं। लेकिन सुलह का कोई फॉर्मूला नहीं निकला है।
- दोनों अपनी-अपनी बातों पर अड़े हैं।
(पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: inside story of mulayam singh and akhilesh yadav meeting
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From UP Ke Dabangbaaj

        Trending Now

        Top