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बुलदंशहर गैंगरेप केस की सुनवाई आज: कोर्ट में हलफनामा दाखिल करेंगे आजम, अटॉर्नी जनरल उठाएंगे सवाल

dainikbhaskar.com | Dec 07, 2016, 12:20 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स

आजम खान के वकील कपिल सिब्‍बल ने दोबारा हलफनामा दायर करने के लिए 12 दिसंबर तक का समय मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 15 दिसबंर को होगी (फाइल)।

लखनऊ/नई दिल्ली. बुलंदशहर गैंगरेप मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में आजम खान की ओर से दाखिल किए गए माफीनामे के ड्राफ्ट हलफनामे पर केंद्र सरकार के अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सवाल उठाया। रोहतगी के मुताबिक, माफीनामे के ड्राफ्ट हलफनामे की भाषाशैली में अंतर है, जबकि पिछली सुनवाई के दौरान आजम खान ने बिना शर्त माफी मांगने की बात कही थी। इसके बाद जज ने आजम के वकील कपिल सिब्बल से पूछा कि माफीनामा में किंतु और परंंतु जैसे शब्द इस्‍तेमाल क्यों किए गए हैं, जबकि माफीनामा सिर्फ माफी होता है। इस पर सिब्‍बल ने दोबारा हलफनामा दायर करने के लिए 12 दिसंबर तक का समय मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 15 दिसबंर को होगी। बता दें, NH-91 के पास 29 जुलाई की रात मां और उसकी 14 साल की नाबालिग बेटी से गैंगरेप किया गया था। पिछली सुनवाई में क्‍या हुआ...?
- बीते 17 नवंबर काे हुई सुनवाई में आजम खान को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई थी। कोर्ट ने यूपी के कैबिनेट मिनिस्टर आजम को निर्देश दिया था कि वे कोर्ट में अपना माफीनामा दायर करें। कोर्ट ने उनसे विक्टिम्स से बिना शर्त माफी मांगने को कहा था, जिसके लिए आजम तैयार भी हो गए थे।
- बेंच ने कहा था- 'आप एफिडेविट में लिखिए कि आपका इरादा विक्टिम्स को दुख पहुंचाने का नहीं था, लेकिन अगर फिर भी उन्हें दुख पहुंचा है या वे अपमानित महसूस करते हैं तो वो (आजम खान) बिना शर्त माफी मांगने को तैयार हैं।'
केंद्र से मदद करने को कहा...
- जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस अमित्व रॉय की बेंच ने केंद्र सरकार के अटॉर्नी जनरल से कहा कि रेप और मोलेस्टेशन जैसे मामलों में बड़े सरकारी पदों पर बैठे लोगों की बयानबाजी रोकने के लिए कदम उठाएं।
- कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा कि वह गैंगरेप विक्टिम को घर के करीब किसी सेंट्रल स्कूल में एडमिशन दिलाए। उसके एडमिशन और पढ़ाई का खर्च भी यूपी सरकार को उठाना चाहिए।
आजम ने क्या कहा था एफिडेविट में?
- आजम ने अपने एफिडेविट के साथ एक सीडी भी कोर्ट को सौंपी थी। एफिडेविट में कहा, 'मैं कई साल से समाजसेवा में हूं और एक यूनिवर्सिटी भी बनाई है, जो महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम करती है।'
- 'मैंने ये कभी नहीं कहा कि ये मामला राजनीतिक साजिश है। मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। दाखिल की गई अर्जी में सारे आरोप बेबुनियाद हैं। अर्जी को खारिज की जाए।’
- इसके बाद कोर्ट ने आजम को फटकार लगाई और बिना शर्त माफी मांगने को कहा।
कोर्ट ने आजम से कहा था- आरोप पर जवाब दीजिए
- आजम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा था- खान ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था कि गैंगरेप राजनीतिक साजिश है। उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
- कोर्ट ने आजम से कहा- आप आरोप का जवाब दीजिए। इतने सारे अखबार कैसे गलत खबर छाप सकते हैं? प्रेस की भी देश के प्रति जवाबदेही होती है।

विक्टिम के पिता ने की थी अपील
- आजम ने जब मामले को कथित रूप से सियासी साजिश बताया तो विक्टिम के पिता की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार और आजम खान को नोटिस जारी किया था।
- कोर्ट ने कहा था- क्या प्रशासन या सरकार के अहम ओहदे पर बैठा व्यक्ति ये कह सकता है कि इस तरह की घटनाएं राजनीतिक साजिश के तहत होती हैं?
क्या थी विक्टिम के पि‍ता की मांग?
- यूपी सरकार ने फ्लैट देने की घोषणा की थी, वह नहीं मि‍ला है। उसे दिलवाया जाए। पढ़ाई-लि‍खाई पर होने वाला खर्च सरकार दे। बालि‍ग होने के बाद उसे सरकारी नौकरी दी जाए। आजम खान ने वि‍वादास्‍पद बयान दि‍या था, उन पर कार्रवाई की जाए।
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Web Title: SC hearing in azam khan bulandshahr gangrape remark matter
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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