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अभिषेक-ऐश्वर्या भी अलग घर में रहने को मजबूर हैं: 20 साल तक BIG B के फैमिली फ्रेंड रहे अमर सिंह का नया खुलासा

Rohitashwa Krishna Mishra | Mar 03, 2017, 12:14 IST

  • नई दिल्ली.'करीब 15 साल जया बच्चन ने अपने सास-ससुर (यानी अमिताभ के माता-पिता हरिवंश राय-तेजी बच्चन) के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया। अमिताभ के सामने ही उनका अपमान करती थीं। अमिताभ चुप रह जाते थे। इसी से नाराज होकर अमिताभ और जया बच्चन दोनों अलग हो गए...अलग-अलग घर में रहने लगे...आज भी अमिताभ-जया अलग-अलग घर में रहते हैं। अमिताभ मुंबई के प्रतीक्षा बंगले में और जया दूसरे बंगले जलसा में...। इतना ही नहीं, अभिषेक-ऐश्वर्या भी अपने मां-पिता से अलग दूसरे घर में रहने पर मजबूर हैं...। परिवार में सब ठीक नहीं..।' ये सनसनीखेज खुलासा 20 साल तक अमिताभ के सबसे करीबी दोस्त रहे अमर सिंह ने किया है। इसको लेकर DainikBhaskar.com ने बच्चन फैमिली से बात करने की कोशिश की लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
    DainikBhaskar.comको दिए अपने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में पहली बार उन्होंने खुलकर अमिताभ-जया बच्चन के रिश्तों पर बात की। साथ ही उन्होंने सपा से निकाले जाने के बाद मुलायम सिंह की जगह नरेंद्र मोदी को अपना फेवरेट नेता बताकर अपने इरादे भी जाहिर कर दिए।
    DainikBhaskar.comजर्नलिस्ट रोहिताश्व कृष्ण मिश्रा को दिए अब तक के सबसे लंबे और एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने एक के बाद एक कई खुलासे किए, जो आज तक कभी सामने नहीं आए। कल आपने इस सनसनीखेज इंटरव्यू का पार्ट 1 पढ़ा। आज Amar Singh Exclusive Interview Part-2' में पढ़ें बाकी के खुलासे...
    Q. आप कहते हैं कि जया और अमिताभ अलग-अलग रह रहे हैं। इस दावे के पीछे का आधार क्या है? क्या अभी भी वो अलग रह रहे?
    A. - मैंने ये नहीं कहा... ऐसे... लोगों ने मुझ पर आरोप लगाया कि मैंने झगड़ा कराया... उन दोनों (अमिताभ-जया) को अलग कराया। हमनें कहा जब मैं उनसे मिला तो अमिताभ बच्चन प्रतिक्षा (बच्चन फैमिली का मुंबई का एक बंगला) में रहते... वो (जया) जलसा (बच्चन फैमिली का मुंबई का दूसरा बंगला) में रहतीं... जया बच्चन का व्यवहार तेजी जी से और हरिवंश राय जी (अमिताभ के माता-पिता) से बहुत बुरा था। पहले तो अमिताभ देखते रहे.. फिर जया के व्यवहार से व्यथित होकर... मैं पहले भी कहता था अब भी कह रहा हूं... मैंने श्रवण कुमार के बारे में पढ़ा है.. श्रवण कुमार को मैंने अमिताभ बच्चन के रूप में देखा है..। जब उन्होंने (जया बच्चन ने) हरिवंश राय जी और तेजीजी का अपमान किया उस अपमान से व्यथित होकर अमिताभ पहले बांदा गए। फिर यहां (दिल्ली) के गुलमोहर मार्ग के सोपान नाम के घर में रहने लगे।
    - जब वो (माता-पिता) बीमार पड़े तो अमिताभ उन्हें लेकर प्रतिक्षा (मुंबई वाला बंगला) गए। वहां पर भी अपनी पत्नी के व्यवहार और आचरण को देखते हुए उन्होंने अपनी पत्नी को एक अलग घर दिया। और पत्नी के बिना अपने माता-पिता के साथ अमिताभ दूसरे घर में रहना शुरू किए। आज भी वो (अमिताभ) प्रतिक्षा में रहते हैं... माता-पिता की मृत्यु के बावजूद...। आज अपने पिता के कक्ष में अपने पिता का चश्मा, उनकी किताबें यथावत रखी हैं... वहां वो रोज दर्शन करते हैं। मानों कि हरिवंशराय जी अभी अभी उठकर गए हों...।
    Q. अभी भी जया के व्यवहार से परेशान होकर अमिताभ और जया बच्चन दोनों लोग अलग-अलग घर में रहते हैं?
    A. अलग-अलग घर में रहते हैं... तीनों लोग अलग-अलग घर में रहते हैं... अभिषेक-ऐश्वर्या अलग घर में रहते हैं.. जया अलग घर में रहती हैं.. अमिताभ अलग घर में रहते हैं। बच्चन परिवार में सब ठीक नहीं है..।
    Q. तो ये बाय च्वाइस है या हालात ही कुछ ऐसे हैं कि तीनों को अलग रहना पड़ रहा है?
    A. अब इस पर मैं ज्यादा बोलूंगा नहीं... ओछापन होगा। मैं तो अपनी सफाई में ये कह रहा हूं कि मैंने इन्हें अलग नहीं कराया। ये अपने कारणों से अलग हैं। वो कारण मैंने आपको बता ही दिया।
    Q. तो क्या अमिताभ-जया के वैवाहिक जीवन में मतभेद जैसी स्थितियां हैं क्या अभी?
    A. इस पर भी मैं उत्तर नहीं दूंगा। लेकिन ये साथ-साथ नहीं रहते हैं। हम जब इनसे (अमिताभ-जया) से पहली बार (करीब 20 साल पहले) मिले थे तब भी ये अलग-अलग ही रहते थे।
    Q. बच्चन परिवार से इतनी नाराजगी क्यों?
    A. बरसों तक अमिताभ बच्चन मेरे अभिन्न और घनिष्ट मित्र रहे। जब तक वो मित्र रहे, तब तक मैंने उन्हें टूटकर प्यार किया। लेकिन जब मुझे अमिताभ का चाल, चरित्र, चेहरा समझ में आ गया... उसके बाद मैंने उनकी तरफ पलट के नहीं देखा। हर उस महफिल में जहां वो दिखाई दिए, मैंने पीठ फेर ली। अमिताभ के स्वभाव को देखकर जो मैंने फैसला लिया, मेरे हिसाब से मैंने अपनी जिंदगी से गंदगी को छान लिया।
    Q. पनामा केस में अमिताभ बच्चन का नाम आने को लेकर आपका कहना है कि वो दोषी हैं… वो जेल चले जाएंगे…। अगर वो दोषी हैं जो अब तक उन पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं हुई?
    A. चर्चा चलती है कि अमिताभ बच्चन राष्ट्रपति बन जाएंगे...। बच्चनजी पहले पनामा केस के सुप्रीम कोर्ट के नोटिस से बच के दिखाएं... कालेधन का मामला है... अमिताभ ये बताएं कि पनामा में खर्च किया पैसा किसका था.. और कैसे खर्च हुआ... उस समय ऑटोमैटिक रिमेटेंसी स्कीम नहीं थी... जोकटिया, दादी बलसारा और सरोज जायवाला ये तीन लोग भी इसमें शामिल थे। दो मर गए हैं.. सरोज जायवाला जीवित हैं। जैसे ही उनको सुप्रीम कोर्ट से नोटिस मिलेगी, सरोज जायवाला सब उगल देंगे...।
    Q. आपका फेवरेट नेता कौन... मोदी, सोनिया या मुलायम?
    A. निश्चित तौर पर मोदी मेरे फेवरेट हैं...इसलिए कि वो अखक्कड़ हैं...और पलटते नहीं...। बाकी सोनियाजी तो बीमार हैं...और मुलायमजी व्यक्तिगत तौर पर बहुत पसंद हैं लेकिन राजनीतिक तौर पर नहीं। वैसे वो बार-बार पलटना बंद कर दें तो वो भी छोटे नेता नहीं हैं।
    आगे की स्लाइड पर क्लिक कर पढ़ें, मुलायम सिंह अमर सिंह से डरते हैं क्यों उनके पास मुलायम की आपत्तिजनक सीडी है... इस सवाल पर क्या बोले अमर सिंह.. साथ ही पढ़ें और कई खुलासे...।
    फोटो: भूपेंद्र सिंह।
  • A. ऐसी कोई बात नहीं है... मुलायम सिंह जानते हैं कि उन्होंने काफी गलतियां मेरे साथ की है। इसके लिए उनको गिल्ट रहता है। उनकी एक ही चिंता है कि उन्हें कोई एहसान फरामोश ना कहे।
  • A. बात राज्यसभा सांसद की है तो मैं तो अब सपा में तो हूं नहीं...मैं तो अब नॉन पालिटिकल सर्पोटेड सांसद हूं...इसलिए सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा...और कानूनी तौर पर 6 साल तक मुझे राज्यसभा सांसद से अब कोई नहीं हटा सकता। हां...ये भी सच है कि राजनीति मुझे बहुत परेशान करती है। लेकिन हम कंबल को छोड़ना चाहते हैं, कंबल मुझे कहां छोड़ता है... 
  • A. मैं ये कहूंगा राजनीति के पीछे दौडूंगा नहीं..। लेकिन राजनीति की गाड़ी अगर मिलेगी...कोई बर्थ मिलेगा...तो उसको छोड़ूंगा भी नहीं। मुझे अब बहुतों से हिसाब लेना है...। बहुतों को देना है..। इसलिए अब सिर्फ बर्थ का इंतजार है।
     
  • A. अभी नई सपा में ऐसा हो गया है कि पिताजी के क्रिमिनल नहीं रहेंगे...बेटे के क्रिमनल रहेंगे...। अब हमारे चहेते लोग (अखिलेश की ओर इशारा करते हुए) बच्चियों का बलात्कार करेंगे...वसूली करेंगे...,अब पिताजी के चहेतों का बलात्कार करने का दिन चला गया...। तो मैं कैश, क्राइम और कास्ट...इस सपा से C3 का कॉकटेल खत्म करना चाहूंगा...। 
  • A. चुनाव का मौका है...विवादित बयान नहीं देना चाहता...ना मैं फंसूगां। लेकिन इतना जरूर कहना चाहूंगा कि आरक्षण आर्थिक आधार पर भी होना चाहिए, ताकि सवर्णों के गरीब बच्चों का भी भला हो सके।
     
  • A. इस देश में भ्रष्टाचार का उन्मूलन चुनाव प्रक्रिया में आप कब तक कर पाएंगे…।
     
  • A. आप अपने राजनीतिक जीवन में अपने विचार और समर्थन की स्थिरता कब लाएंगे…।
  • A. बरसों के बने संबंध... पिता, चाचा या अंकल या किसी से भी हो, वो पलों में तोड़ने का क्रम आप कब बंद करेंगे...?
  • A. दोनों में देखता हूं...लेकिन राजनीतिक विरासत नहीं। राजनीति में वो आना भी चाहेंगी तो आने नहीं दूंगा...राजनीति बड़ी क्रूर है...चंद्रशेखरजी ने अपनी जेल डायरी में लिखा है...राजनीति या तो रंडी है या चंडी...ये सती सात्वी रमड़ी है ही नहीं...या तो देती है रंडी की तरह अनूवरचनीय सुख या करती है चंडी की तरह विनाश। इसलिए मैं नहीं चाहता कि राजनीति का शिकार मेरी बेटियां बनें। 
  • A. हां...बुक का नाम है 'अवसरवादियों के साथ एक जीवन'। लगभग तय हो गया था...पिछले महीने लंदन मैं उसी के लिए गया था...लेखक भी एक अंग्रेज तय कर लिया...उससे मीटिंग भी तय थी...लेकिन तब तक बड़ा सिर, बड़ा नाम होने के चलते मुझ पर सपा कलह का सारा ठीकरा फोड़ने के लिए मुलायम सिंह जी ने मुझे फोन करके इंडिया वापस बुला लिया। मैं ये आत्मकथा वैसी ही नग्नता के साथ लिखूंगा जैसी हरिवंश राय बच्चन ने लिखी थी...कईयों का सच सामने होगा।
     
  • A. जवान शर्मिला टैगोर के साथ... उसके गाल के गड्ढ़ों में फिर डूबना चाहूंगा।
     
  • A. लेखक होता
     
  • A. प्यासा।
     
     
  • A. देवानंद और शम्मी कपूर-साधना और मुमताज।
     
  • अमर ने कहा क‍ि अमिताभ के स्वभाव को देखकर जो मैंने फैसला लिया, मेरे हिसाब से मैंने अपनी जिंदगी से गंदगी को छान लिया।
     
  • अमर सिंह के दिल्ली ऑफिस में लगी एक तस्वीर, जिसमें अखिलेश लेफ्ट में खड़े हैं। मुलायम सिंह अमर सिंह को बाहर का रास्ता दिखाते लग रहे हैं... ये स्थिति अमर सिंह के आज के हालातों से मिलती है।
     
  • अमर स‍िंह ने कहा क‍ि अमिताभ मुंबई के प्रतीक्षा बंगले में और जया दूसरे बंगले जलसा में रहती हैं...
  • अमर ने कहा क‍ि जब तक अमिताभ मेरे मित्र रहे, तब तक मैंने उन्हें टूटकर प्यार किया। लेकिन जब मुझे अमिताभ का चाल, चरित्र, चेहरा समझ में आ गया... उसके बाद मैंने उनकी तरफ पलट के नहीं देखा।
     
  • अमर सिंह ने कहा क‍ि निश्चित तौर पर मोदी मेरे फेवरेट हैं...इसलिए कि वो अखक्कड़ हैं...और पलटते नहीं...।
    Q. बेटी दिशा और दृष्टि में से किसमें देखते हैं अपनी विरासत?
    A. दोनों में देखता हूं...लेकिन राजनीतिक विरासत नहीं। राजनीति में वो आना भी चाहेंगी तो आने नहीं दूंगा...राजनीति बड़ी क्रूर है...चंद्रशेखरजी ने अपनी जेल डायरी में लिखा है...राजनीति या तो रंडी है या चंडी...ये सती सात्वी रमड़ी है ही नहीं...या तो देती है रंडी की तरह अनूवरचनीय सुख या करती है चंडी की तरह विनाश। इसलिए मैं नहीं चाहता कि राजनीति का शिकार मेरी बेटियां बनें।
    Q. कोई आत्मकथा लिखने का प्लान? जिसमें आप कई लोगों की पोल खोलने वाले हों..?
    A. हां...बुक का नाम है 'अवसरवादियों के साथ एक जीवन'। लगभग तय हो गया था...पिछले महीने लंदन मैं उसी के लिए गया था...लेखक भी एक अंग्रेज तय कर लिया...उससे मीटिंग भी तय थी...लेकिन तब तक बड़ा सिर, बड़ा नाम होने के चलते मुझ पर सपा कलह का सारा ठीकरा फोड़ने के लिए मुलायम सिंह जी ने मुझे फोन करके इंडिया वापस बुला लिया। मैं ये आत्मकथा वैसी ही नग्नता के साथ लिखूंगा जैसी हरिवंश राय बच्चन ने लिखी थी...कईयों का सच सामने होगा।

    Q. मौका मिले तो आप किसके साथ डेट पर जाना चाहेंगे?
    A. जवान शर्मिला टैगोर के साथ... उसके गाल के गड्ढ़ों में फिर डूबना चाहूंगा।
    Q. पॉलिटिशियन ना होते तो क्या होते?
    A. लेखक होता
    Q. फेवरेट मूवी
    A. प्यासा।

    Q. फेवरेट एक्टर-एक्ट्रेस
    A. देवानंद और शम्मी कपूर-साधना और मुमताज।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: Amar Singh Exclusive Interview To Dainikbhaskar
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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