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UP 1st फेज: राजनाथ के बेटे से लेकर लालू के रिश्तेदार तक ये बड़े चेहरे मैदान में

dainikbhaskar.com | Feb 28, 2017, 17:06 IST

लखनऊ. यूपी में अब हर चौथे दिन वोटिंग होगी। इसकी शुरुआत शनिवार को पहले फेज की वोटिंग से हो गई। यूपी में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं। इनमें पहले फेज के तहत 15 जिलों की 73 सीटों पर वोट डाले गए। इस फेज में राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह और लालू प्रसाद के रिश्तेदार राहुल यादव चुनाव मैदान में हैं। मुजफ्फरनगर और कैराना जैसी कॉन्ट्रोवर्सी में रहने वाली सीटों पर भी इसी फेज में वोटिंग हुई। इस फेज में 143 कैंडिडेट दागी और 302 कैंडिडेट करोड़पति हैं। DainikBhaskar.com आपको बता रहा है पहले फेज की इन सीटों का लेखा-जोखा और चुनाव लड़ रहे पॉलिटिकल सेलिब्रिटी, दबंग और करोड़पति कैंडिडेट्स...
ये हैं पहले फेज के पॉलिटिकल सेलिब्रिटीज
1. पंकज सिंह (बीजेपी, नोएडा सीट) राजनाथ सिंह के बेटे
- हाेम मिनिस्टर राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह 15 साल से बीजेपी से जुड़े हैं। पार्टी ने उन्हें पहली बार विधानसभा चुनाव का टिकट दिया है।
- वे दो बार पार्टी महासचिव और एक बार बीजेपी युवा मोर्चा प्रमुख भी रहे। पंकज अगस्त 2014 में उस समय चर्चा में आए थे, जब सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा थी कि उन्हें नरेंद्र मोदी ने फटकार लगाई है।
- कहा गया था कि मोदी ने राजनाथ सिंह और पंकज सिंह को अपने दफ्तर में बुलाकर पूछा था कि क्या चल रहा है। इस पर पंकज ने अपने कामकाज का ब्योरा पीएम को दिया था। इसके बाद पीएम ने पंकज सिंह से कहा था कि आपने जो ट्रांसफर कराने के लिए किसी पुलिस अधिकारी से पैसे लिए थे, उसे लौटा दीजिए।
- मीडिया में ऐसी रिपोर्ट्स आने के बाद मामले में राजनाथ सिंह ने कहा था कि उनके बेटे को बदनाम करने की साजिश हो रही है।
2. राहुल यादव (सपा, सिकंदराबाद सीट, बुलंदशहर) लालू के रिश्तेदार
- होटल का बिजनेस करने वाले राहुल लालू प्रसाद यादव के साले के दामाद हैं। लालू 8 फरवरी को उनके लिए प्रचार करने यहां आ भी चुके हैं।
- राहुल मुलायम के भतीजे जितेंद्र यादव के बेटे हैं। जितेंद्र विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं। राहुल की मां शीला जिला पंचायत की तीसरी बार सदस्य निर्वाचित हुई हैं।
3. लक्ष्मीकांत वाजपेयी (बीजेपी, मेरठ सीट) पार्टी के पूर्व प्रेसिडेंट
- लक्ष्‍मीकांत बीजेपी के यूपी चीफ रह चुके हैं। विधायक होने के बाद भी वे स्कूटर से चलते हैं। कहा जाता है कि सादगी पसंद होने के कारण जनता उन्‍हें पसंद करती है।
4. मृगांका सिंह (बीजेपी, कैराना सीट) सांसद की बेटी का भाई से मुकाबला
- मृगांका बीजेपी सांसद हुकुम सिंह की बेटी हैं। हुकुम सिंह ने ही सबसे पहले कैराना से हिंदुओं के पलायन का मुद्दा उठाया था।
- इस सीट पर अभी तक सपा का कब्जा रहा है। हुकुम सिंह के सांसद बनने के बाद इस सीट पर उप चुनाव हुआ था, जिसमें मृगांका के चचेरे भाई अनिल चौहान को बीजेपी की तरफ से टिकट मिला था।
- हालांकि, वे सपा के नाहिद हसन से चुनाव हार गए थे। मृगांका को टिकट मिलने पर अनिल चाहौन रालोद में चले गए। ऐसे में अब यहां भाई-बहन के बीच में ही लड़ाई मानी जा रही है।
इनकी है दबंग इमेज
1. संगीत सोम (बीजेपी, सरधना सीट, मेरठ)

- सोम मुजफ्फरनगर दंगों के बाद प्रशासन को खुलेआम चुनौती देकर चर्चा में आए थे। बिहार चुनाव के समय सोम पर स्लॉटर हाउस चलाने का भी आरोप लगा था। जाट वोटों पर पकड़ के चलते मोदी ने उन्हें अपनी रैली में सम्मानित किया था।
2. सुरेश राणा (बीजेपी, थाना भवन सीट, मेरठ)
- राणा वेस्‍ट यूपी के कद्दावर बीजेपी के नेता माने जाते हैं। मुजफ्फरनगर दंगों के बाद हुई पॉलिटिकल कॉन्ट्रोवर्सी में उनका नाम चर्चा में रहा था। इसके पहले हुई मोदी की रैली में उन्हें भी सम्मानित किया गया था।
3. अतुल प्रधान (सपा, सरधना सीट, मेरठ)
- अतुल प्रधान सीएम अखिलेश यादव के करीबी हैं। उनकी जाट वोटों पर अच्छी पकड़ मानी जाती है।
- सीएम उन्हें जिताऊ कैंडिडेट मान रहे हैं, जबकि शिवपाल ने सपा से टिकट नहीं दिया था। अतुल जब छात्र राजनीति में थे, तब उनके ऊपर 20 से ज्यादा केस दर्ज थे।
ये हैं करोड़पति
- एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, फर्स्ट फेज के लिए हो रहे चुनाव में 302 करोड़पति कैंडिडेट्स मैदान में हैं। इनमें आगरा साउथ से चुनाव में उतरे कांग्रेस के नजीर अहमद ने अपनी संपत्ति 211 करोड़ से ज्यादा दिखाई है।
- उनके बाद सबसे ज्यादा संपत्ति रखने वाले उम्मीदवारों में मथुरा की मांट सीट से उतरे बीजेपी के सतीश कुमार शर्मा का नाम आता है। शर्मा की संपत्ति 114 करोड़ रुपए से ज्यादा है।
- तीसरे नंबर पर आगरा की बाह सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं रानी पक्षालिका सिंह हैं, जिन्होंने 58 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति दर्शायी है।
119 कैंडिडेट्स के पास 5 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी
- फर्स्ट फेज में पांच करोड़ से ऊपर की संपत्ति वाले 119 कैंडिडेट हैं। 2 से 5 करोड़ के बीच संपत्ति वाले 103 कैंडिडेट, 50 लाख से 2 करोड़ वाले 167 कैंडिडेट और 10 लाख से 50 लाख के बीच वाले 203 कैंडिडेट चुनाव मैदान में हैं।
- फर्स्ट फेज में बसपा के 90%, बीजेपी के 84%, सपा के 78% और कांग्रेस के 72% कैंडिडेट्स करोड़पति हैं। 52% फीसदी कैंडिडेट ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी इनकम टैक्स डिटेल नहीं दिखाई है।
इस बार कई कैंडिडेट पीएचडी होल्डर
- फर्स्ट फेज के चुनाव में बीजेपी के 4, बसपा के 1, सपा के 2, कांग्रेस के 1, आरएलडी के 2, और दूसरी पार्टियों के 6 कैंडिडेट पीएचडी होल्डर हैं।
- 2012 में 100 ग्रैजुएट प्रोफेशनल, 139 पोस्ट ग्रैजुएट, 16 पीएचडी किए हुए कैंडिडेट चुनाव में उतरे थे।
EXPERT VIEW
- यूपी के पॉलिटिकल एक्सपर्ट श्रीधर अग्निहोत्री ने DainikBhaskar.com को बताया कि चुनाव का ये फेज ऐसा है, जिसमें अपने परंपरागत वोटों के साथ दूसरे दल के वोट बैंक में सेंध लगाने पर भी जोर है।
- ''वेस्‍ट यूपी के कास्ट कैलकुलेशन को देखें तो यहां करीब 20 फीसदी मुस्लिम हैं। यहां 12 से ज्‍यादा ऐसी सीटें हैं, जहां मुस्लिमों की आबादी 25 से 51 फीसदी तक है। पिछड़े वर्ग में नाई, अंसारी, दर्जी, रंगरेज, मिरासी, भिस्ती, कंजड़, धुनिया, घोसी, धोबी शामिल हैं, लेकिन लिटरेसी रेट कम होने के कारण ये लोग रिजर्वेशन का लाभ नहीं उठा पाते।''
- ''हिंदू वोटों में ब्राह्मण, पंजाबी, वैश्‍य, पाल, बघेल, यादव, कोरी, कश्‍यप, जाट और गुर्जर जातियां हैं।''
वेस्ट यूपी का जातिगत आंकड़ा
- मुसलमान:
20%
- दलित: 21%
- यादव: 13%
- जाट: 17%
- ब्राह्मण: 15%
- ठाकुर: 13%
आगे की स्लाइड में पढ़ें : पहले फेज में चुनाव लड़ रहे बाकी बड़े नाम और किस दल में हैं सबसे ज्यादा दागी...
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Web Title: analysis of UP election first phase voting
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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