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UP में आज से ही मंत्री-अफसर की गाड़ी पर लाल बत्ती बैन, योगी सरकार ने ल‍िया फैसला

dainikbhaskar.com | Apr 21, 2017, 07:55 IST

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UP  में आज से ही मंत्री-अफसर की गाड़ी पर लाल बत्ती बैन, योगी सरकार ने ल‍िया फैसला
लखनऊ.मोदी कैब‍िनेट ने देशभर में 1 मई से पीएम समेत मंत्रियों और अफसरों की गाड़ियों पर बत्ती लगाना बैन कर दिया गया है। वहीं, गुरुवार को सीएम योगी आद‍ित्यनाथ ने यूपी में 21 अप्रैल 2017 से ही लाल और नीली बत्ती के प्रयोग को समाप्त करने की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने वीआईपी की सुरक्षा में लगे अत‍िर‍िक्त बलों को भी कम क‍िए जाने का न‍िर्णल ल‍िया है। ये फैसला राजधानी के शास्त्री भवन में व‍िभ‍िन्न व‍िभागों के प्रजेंटेशन के बाद ल‍िया गया। आगे पढ़‍िए योगी ने और क्या कहा...
-मोदी की इस पहल पर योगी आद‍ित्यनाथ ने उन्हें बधाई देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त क‍िया। उन्होंने कहा है कि पीएम द्वारा लिया गया यह एक जन-उपयोगी और बड़ा फैसला है। इससे देश में वीआईपी कल्चर समाप्त होगा और आम लोगों को राहत और सुविधा मिलेगी।
श्रीकांत शर्मा ने कहा
-यूपी सरकार में मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा क‍ि सरकार ने अपने सभी मंत्री और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शुक्रवार से कोई भी लाल और नीली बत्ती का प्रयोग नहीं करेगा। इमरजेंसी सेवाओ में नीली बत्ती का प्रयोग किया जा सकेगा।
-सीएम योगी ने शपथ लेते ही यूपी से हूटर संस्कृति को खत्म करने का आह्वाहन किया था, जो फैसला हुआ है उसका सभी लोग पूर्ण रूप से पालन करेंगे।
अरुण जेटली ने कहा, इमरजेंसी स‍ेवा के व्हीकल्स पर लगी रहेगी नीली बत्ती
- अरुण जेटली ने कहा कि 1 मई से नीली बत्ती एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसी इमरजेंसी सर्विस के व्हीकल्स पर लगाई जा सकेगी।
- उन्होंने कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट के नियम 108 (i) और 108 (iii) के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के वीआईपी की गाड़ियों में लाल बत्ती लगाने का हक मिला हुआ था, लेकिन अब यह नियम रद्द किया जा रहा है। यानी अब देशभर में किसी भी गाड़ी पर लाल बत्ती नहीं लगाई जा सकेगी।
- जेटली ने कहा कि नियम 108 (2) में राज्य सरकारों को वीआईपी गाड़ियों पर नीली बत्ती लगाने की परमिशन देने का हक था, लेकिन अब इसे भी बदला जा रहा है।

एक्ट में बदलाव की जरूरत नहीं: गडकरी
- उधर, रोड एंड ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी ने कहा कि इसके लिए जल्द से जल्द एक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
- उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव करने की जरूरत नहीं होगी।

गडकरी ने सबसे पहले हटाई लाल बत्ती
- गडकरी लाल बत्ती छोड़ने वाले मोदी कैबिनेट के पहले मंत्री हैं। उन्होंने बुधवार को अपनी सरकार गाड़ी से लाल बत्ती हटा दी।
- इस बारे में उन्होंने कहा, "यह सरकार आम आदमी की सरकार है, जिसने फैसला किया गया है कि लाल बत्ती और सायरन के इस्तेमाल वाला वीआईपी कल्चर खत्म किया जाए।"
- गडकरी के अलावा कई और केंद्रीय मंत्रियों ने अपनी गाड़ियों पर बुधवार से ही लाल बत्ती का इस्तेमाल बंद कर दिया है।

PMO में डेढ़ साल से पेंडिंग था मामला
- बताया जा रहा है कि सरकारी गाड़ियों पर बत्ती का इस्तेमाल खत्म करने के लिए रोड एंड ट्रांसपोर्ट मिनिस्टरी काफी वक्त से काम कर रही थी।
- पीएमओ में यह मामला करीब डेढ़ साल से पेंडिंग था। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पीएमओ ने एक मीटिंग भी की थी, जिसमें कई बड़े ऑफिसर्स से बात की थी।
- फैसला कैसे लागू किया जाए इस पर ट्रांसपोर्ट मिनिस्टरी ने अपनी अोर से पांच ऑप्शन दिए थे।

क्या थे ऑप्शन?
- ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने पीएमओ को जो ऑप्शन दिए उनमें पहला यह था कि बत्ती का इस्तेमाल सभी के लिए बंद कर दिया जाए।
- दूसरा यह कि प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट, पीएम और के चीफ जस्टिस और लोकसभा स्पीकर को इसकी इजाजत दी जाए।

सबसे पहले AAP ने बैन की थी लाल बत्ती
- बता दें कि लाल बत्ती पर बैन का फैसला सबसे पहले आम आदमी पार्टी ने लिया था, जब दिसंबर 2013 में दिल्ली में उसकी सरकार बनी थी। बाद में फरवरी 2015 में वह दोबारा सत्ता में तब भी यह नियम जारी रहा।
- पंजाब में हाल ही में बनी कांग्रेस सरकार ने लाल बत्ती का इस्तेमाल पूरी तरह बैन कर दिया है। यहां भी किसी अफसर, मंत्री या विधायक को गाड़ी पर लाल बत्ती लगाने की इजाजत नहीं है।
- उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद यहां भी लाल बत्ती का इस्तेमाल बंद कर दिया गया है।
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Web Title: yogi bans red beacon lights from april 21 in up on officers ministers vehicles
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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