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प्रयाग में बसा 'आस्था' का अनोखा नगर, देखिए तस्वीरें

आशीष राय | Jan 05, 2013, 10:45 IST

  • इलाहाबाद. सदी के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ का आगाज़ हो गया है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर एक नया शहर बस चुका है। यह शहर कंक्रीट का नहीं, बल्कि रेत पर बसा तंबुओं का छोटा शहर है। इस छोटी-सी नगरी को कुंभ नगरी की संज्ञा दी गई है। करीब 54 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन के लिए इस नए शहर बसाया गया है। इसमें वो सभी मूलभूत सुविधाएं होंगी जो एक शहर में होती हैं।
    कुंभ नगरी के लिए यूपी सरकार की तरफ से बाकायदा अधिसूचना जारी की गई है। इस नए शहर में पूरे 54 दिनों तक न सिर्फ साधु-संत, बल्कि आम श्रद्धालु भी प्रवास करेंगे। रेत पर बसे इस शहर में करीब 4 करोड़ से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है। मुख्य स्नान के दिनों में इलाहाबाद विश्व का सब से बड़ा भीड़-भाड़ वाला शहर बन जाएगा।
    स्लाइड के जरिए जानिए महाकुंभ में कैसे, कहां और कौन सी व्यवस्था की गई है...
  • करीब 58 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले इस अस्थाई शहर को कुल 6 जोन और 14 सेक्टर में विभाजित किया गया है। इस बार के महाकुंभ मेले में क़रीब 4 करोड़ से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है। इतने लोगों को सही ढंग से नियंत्रित करने के लिए मेला प्रशासन ने 30 पुलिस थानो का निर्माण किया है। पिछले कुंभ मेले के दौरान इनकी संख्या 28 थी। साथ ही क़रीब 40 नई पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। मेला में इस बार 20 हज़ार पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे और इतनी ही संख्या में सिविल ड्रेस में पुलिस, पैरा मिलिट्री फोर्स, सीआरपीएफ़, एलआईयू, एनडीआरएफ़ की टुकड़ियां लगाई गई हैं।

  • मेलें में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए एटीएस और रेपिड एक्शन फोर्स की विशेष रूप से तैनाती की गई हैं। यही नहीं, मेलें में चप्पे चप्पे पर नज़र रखने के लिए 2 हज़ार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं। इनकी सहायता से हर समय मॉनिटरिंग की जाएगी। मेलें में केंद्र से भी फोर्स मंगाई गई है। बीएसएफ़, आईटीबीपी और जरूरत पड़ी तो सेना से भी मदद ली जाएगी। फ़ायर ब्रिगेड और जल पुलिस की अतरिक्त टुकड़ियां लगाई गई हैं। इस के अलावा कई हज़ार होम गार्ड और एनसीसी के कैडेट भी तैनात किए जाएंगे।

  • दुनिया के नक्शे में एक छोटे-मोटे देश के रूप में तब्दील हो चुके आस्था के इस शहर में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सेहत और किसी भी दुर्घटना से निपटने के लिए महाकुंभ स्वास्थ्य प्रशासन ने भी पूरी तैयारी कर ली है। पांच हजार एकड़ में बसी आस्था की इस नगरी के सभी 14 सेक्टरों में डॉक्टरों और नर्स की फौज़ तैनात रहेगी। सामान्य दिनों में 75 से अधिक एम्बुलेंस यहा चप्पे-चप्पे पर गश्त करती नजर आएंगे। नदियों के ऊपर भी चिकित्सा सुविधाओं का एक जाल बिछाया गया है, ताकि जल में होने वाले हादसे से निपटा जा सके।
  • इलाहबाद के संगम तट पर लगे आस्था के सबसे बड़े मेले में स्वास्थ्य सेवाओं का जाल बिछा दिया गया है। इसके केंद्र में है यह सेंट्रल हॉस्पिटल, जिसके अन्दर 100 बिस्तर वाले अस्पताल के अलावा तकरीबन हर बीमारी के इलाज के लिए अलग-अलग वार्ड और एक्सपर्ट्स यहा चौबीसों घंटे मौजूद रहेंगे। 245 विशेषज्ञ डाक्टरों की फ़ौज महाकुंभ के दौरान यहां आने वाले श्रद्धालुओं की नब्ज पर नजर रखेगी। मेलें में सड़कों का एक लंबा-चौड़ा जाल बिछाया गया है। इस अस्थाई शहर में कुल 155 किलोमीटर की चकड़ प्लेट (लोहे के प्लेट से बनी सड़क) का निर्माण किया गया है, जो मेले के एक हिस्से से दूसरे हिस्से को जोड़ेगी।

  • कुंभ के इस अस्थाई शहर में गंगा नदी पर एक दो नहीं, बल्कि 18 पांटून के पुल बनाए जाएंगे। अभी तक कुल 16 पुलों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।इन पुलों के सहारे आसानी से श्रद्धालु नदी के एक तरफ से दूसरी तरफ आसानी से जा सकते है। इस बार के मेले में क़रीब 400 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है।

  • मेलें में भारतीय रेल ने भी श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने के लिए विशेष तैयारी की है। इस बार महाकुंभ के चलते क़रीब 50 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इसके लिए 1000 नई बोगियों का इंतज़ाम किया गया है। दस जोड़ी मे इमूयू व डीएमयू भी विभिन्न रूटों पर दौड़ेंगी, जिनमें इलाहाबाद से कानपुर, इलाहाबाद से लखनऊ और इलाहाबाद से जबलपुर रूट भी शामिल हैं। दिल्ली के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं। जिस दिन दिल्ली के लिए दूरंतो एक्सप्रेस नहीं होगी, उस दिन डुप्लीकेट प्रयागराज का संचालन किया जाएगा। इसके अलावा इलाहाबाद जंक्शन पर 115 अनारक्षित टिकट वितरण केंद्र, पूछताछ के लिए 15 काउंटरों के अतिरिक्त पीआरएस की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। यूरीनल और शौचालय का भी विशेष इंतजाम होगा।

  • इस छोटे से शहर के लिए बिजली की भी विशेष व्यवस्था की गई है। देर शाम मेले के चप्पे-चप्पे को रोशन करने के लिए 25000 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। साथ ही, क़रीब उतने ही बिजली के खंबे भी लगाए गए है। 103 ट्रांसफार्मर और 52 पावर स्टेशन बनाए गए है। इसके अलावा विशेष समय के लिए 45 जनरेटर रखे गये हैं जो मेले को हमेशा जगमग रखेंगे। मेले में कुल बिजली की खपत 35 एमबीए की है, जिसके लिए अतरिक्त बिजली की व्यवस्था की गई है। बिजली विभाग का कुल बजट क़रीब 106 करोड़ का था, जिसमें से क़रीब 47.5 करोड़ का बजट शासन की तरफ से स्वीकृत किया गया है।

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: marvelous city of Mahakumbh in Prayag allahabad
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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