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अजब-गजब - औरतों के 16, नागाओं के 17 सिंगार!

धर्म डेस्क. उज्जैन | Jan 09, 2013, 08:15 IST

  • कुंभ कैंपस. श्रंगार सिर्फ महिलाओं को ही प्रिय नहीं होता, नागाओं को भी सजना-संवरना अच्छा लगता है। ऐसा कहा जाता है कि नारी के लिए 16 सिंगार है, लेकिन नागाओं के 17। फर्क इतना है कि नागाओं की श्रंगार सामग्री, महिलाओं के सौंदर्य प्रसाधनों से बिलकुल अलग होती है। उन्हें भी अपने लुक और अपनी स्टाइल की उतनी ही फिक्र होती है जितनी आम आदमी को।
    इलाहबाद कुंभ में ऐसे कई साधु-नागा बाबा देखने को मिल रहे हैं जो अपने विशेष श्रंगार के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। नागा साधु प्रेमानंद गिरि के मुताबिक नागाओं में भी अपने विशेष श्रंगार साधन हैं। ये आम दुनिया से अलग हैं लेकिन नागाओं को प्रिय होते हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि नागा साधु कैसे-कैसे अपना सिंगार करते हैं।
  • भस्म - संन्यासियों के सबसे ज्यादा प्रिय होती है भस्म। भगवान शिव के औघड़ रुप में भस्म रमाना सभी जानते हैं। ऐसे ही शैव संप्रदाय के साधु भी अपने आराध्य की प्रिय भस्म को अपने शरीर पर लगाते हैं। रोजाना सुबह स्नान के बाद नागा साधु सबसे पहले अपने शरीर पर भस्म रमाते हैं। यह भस्म भी ताजी होती है। भस्म शरीर पर कपड़ों का काम करती है।

  • चिमटा - नागाओं में चिमटा रखना अनिवार्य होता है। धुनि रमाने में सबसे ज्यादा काम चिमटे का ही पड़ता है। चिमटा हथियार भी है और औजार भी। ये नागाओं के व्यक्तित्व का एक अहम हिस्सा होता है। ऐसा उल्लेख भी कई जगह मिलता है कि कई साधु चिमटे से ही अपने भक्तों को आशीर्वाद भी देते थे। महाराज का चिमटा लग जाए तो नैया पार हो जाए।

  • जटा - जटाएं भी साधुओं की सबसे बड़ी पहचान होती हैं। मोटी-मोटी जटाओं की देखरेख भी उतने ही जतन से की जाती है। काली मिट्टी से उन्हें धोया जाता है। सूर्य की रोशनी में सुखाया जाता है। अपनी जटाओं के नागा सजाते भी हैं। कुछ फूलों से, कुछ रुद्राक्षों से तो कुछ अन्य मोतियों की मालाओं से जटाओं का सिंगार करते हैं।

    दाढ़ी - जटा की तरह दाढ़ी भी नागा साधुओं की पहचान होती है। इसकी देखरेख भी जटाओं की तरह ही होती है। नागा साधु अपनी दाढ़ी को भी पूरे जतन से साफ रखते हैं।

  • लंगोट - आमतौर पर नागा साधु निर्वस्त्र ही होते हैं लेकिन कई नागा लंगोट धारण भी करते हैं। इसके पीछे कई कारण हैं। जैसे भक्तों के उनके पास आने में कोई झिझक ना रहे। कई साधु हठयोग के तहत भी लंगोट धारण करते हैं। जैसे लोहे की लंगोट, चांदी की लंगोट, लकड़ी की लंगोट। यह भी एक तप की तरह होता है।

  • तिलक - नागा साधु सबसे ज्यादा ध्यान अपने तिलक पर देते हैं। यह पहचान और शक्ति दोनों का प्रतीक है। रोज तिलक एक जैसा लगे, इस बात को लेकर नागा साधु बहुत सावधान रहते हैं। वे कभी अपने तिलक की शैली को बदलते नहीं है। तिलक लगाने में इतनी बारिकी से काम करते हैं कि अच्छे-अच्छे मेकअप मैन मात खा जाएं।

  • रत्न - कई साधु रत्नों की मालाएं भी धारण करते हैं। महंगे रत्न जैसे मूंगा, पुखराज, माणिक आदि रत्नों की मालाएं धारण करने वाले नागा भी महाकुंभ में दिखाई देते हैं। उन्हें धन से मोह नहीं होता लेकिन ये रत्न उनके सिंगार का आवश्यक हिस्सा होते हैं।

  • हथियार - नागाओं को सिर्फ साधु नहीं, बल्कि योद्धा माना गया है। वे युद्ध कला में माहिर, क्रोधी और अच्छी देहयष्टि के स्वामी होते हैं। अक्सर नागा साधु अपने साथ तलवार, फरसा या त्रिशूल लेकर चलते हैं। ये हथियार इनके योद्धा होने के प्रमाण तो हैं ही, साथ ही इनके लुक का भी हिस्सा हैं।

  • पोषाक चर्म - जिस तरह भगवान शिव वाघाम्बर यानि शेर की खाल को वस्त्र के रुप में पहनते हैं, वैसे ही कई नागा साधु जानवरों की खाल पहनते हैं जैसे हिरण या शेर। हालांकि शिकार और पशु खाल पर लगे कड़े कानूनों के कारण अब खाल मिलना मुश्किल होती है, फिर भी कई साधु महाकुंभ में जानवरों की खाल पहने दिख सकते हैं।

  • फूल - कई नागा साधु नियमित रुप से फूलों की मालाएं धारण करते हैं। इसमें गेंदे के फूल सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं। इसके पीछे कारण है गेंदे के फूलों का अधिक समय तक चलना। नागा साधु गले में, हाथों पर और विशेषतौर से अपनी जटाओं में फूल लगाते हैं। हालांकि कई साधु अपने आप को फूलों से बचाते भी हैं। यह निजी पसंद और विश्वास का मामला है।

  • रूद्राक्ष - भस्म ही की तरह नागाओं को रुद्राक्ष भी बहुत प्रिय हैं। कहा जाता है रुद्राक्ष भगवान शिव के आंसुओं से उत्पन्न हुए हैं। यह साक्षात भगवान शिव के प्रतीक हैं। इस कारण लगभग सभी शैव साधु रुद्राक्ष की माला पहनते हैं। ये मालाएं साधारण नहीं होतीं। इन्हें बरसों तक सिद्ध किया जाता है। ये मालाएं नागाओं के लिए आभा मंडल जैसा वातावरण पैदा करती हैं। कहते हैं कि अगर कोई नागा साधु किसी पर खुश होकर अपनी माला उसे दे दे तो उस व्यक्ति के वारे-न्यारे हो जाएं।

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: know..how many types of makeup naga sadhu do for their wellook...mahakumbh 2013
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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