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SPL: आयुर्वेदिक कॉकटेल ने ज़िंदा लाश में फूंकी नयी जान

अनुराग सिंह | Dec 21, 2012, 12:30 IST

  • लखनऊ. एक चमत्कारी आयुर्वेदिक कॉकटेल नें ज़िंदा लाश में तब्दील हो चुके मैकेनिक में फूंक दी है नयी जान। नवम्बर 2011 में गर्दन में गंभीर चोट लगने के बाद से ही लकवे के चलते अपने बिस्तर में ज़िंदा लाश में बदल चुके 52-वर्षीय वसीम बेग को नया जीवन दिया है लखनऊ के आयुर्वेद चिकित्सकों नें, एक अद्भुत प्राकृतिक चिकित्सा के कॉकटेल के द्वारा।
    खाला बाजार स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कालेज-हॉस्पिटल में पंचकर्म विभाग के विशेषज्ञों ने तीन महीने के इलाज बाद अब तक गर्दन के नीची लकवाग्रस्त रहे वसीम को अपने आप बैठने और करवट लेने लायक बना दिया है। साथ ही लाल कुआं निवासी वसीम अब धीरे धीरे सपोर्ट के साथ खडा होने और चलने भी लगा है।
  • विभाग के हेड डॉ संजीव रस्तोगी का मानना है की मरीज़ की प्रोग्रेस से हम उत्साहित है की और यह आशा करते हैं की अगले तीन महीनों में वसीम नार्मल ज़िंदगी फिर से जीने लगेगा। बताते चलें कि‍ शहर के शीर्ष न्यूरोलोजिस्ट के छ महीनों तक चले इलाज के बावजूद वसीम के शुन्य हो चुके शरीर में कोई भी हरकत नहीं आयी थी और उसके दो बेटों और परिवार ने उसके फिर से बिस्तर से उठने की उम्मीद छोड़ दी थी।

  • वसीम बे नयी ज़िन्दगी फूंकने की चुनौती को स्वीकार करते हुए पंचकर्म विभाग के चिकित्सकों ने वसीम के इलाज की शुरूआत पिंड श्वेत थेरेपी से की जिसमे दस औषधियों (दशमूल) और दूध में पके साठी के चावल की पोटली से वसीम के लकवाग्रस्त शरीर की सिकाई और मसाज होने लगी। इसके बाद उसका उरद की दाल से बने घेरे और गुनगुने औषधीय तेलों से उसका लगातार इलाज शुरू किया।

  • फिर बारी आयी पंचकर्म का अहम् भाग वस्ती थेरेपी की जिसमे औषधीय तेलों को वसीम के शरीर में गुदा मार्ग से दिया जाने लगा। वसीम के शारीर में इन आयुर्वेदिक क्रियाओं के अच्छे परिणामों से उत्साहित हो कर डॉ रस्तोगी की टीम नें शिरो वस्ती क्रिया की शुरूआत की जिसके तहत उरद की दाल और ब्राम्ही घृत की टोपी से उसका इलाज शुरू किया गया। आधे घंटे रोज़ की इस क्रिया से 10-15 में ही वसीम के लकवाग्रस्त शरीर मैं आश्चर्य जनक परिवर्तन देखने को मिले हैं।

  • डॉ रस्तोगी के मुताबिक़ वसीम ना सिर्फ अपने आप उठने बैठने लगा है बल्कि करवट भी आराम से ले रहा है, जहां बाए हाथ में हलचल वापस आ गयी है, वहीं दाहिने हाथ में भी जान वापस लौट रही है। सपोर्ट ले कर वसीम ने अब धीरे धीरे चलना भी शुरू कर दिया है और डॉ रस्तोगी को पूरी आशा है की इस इलाज के जारी रहने से अगले तीन महीनों में वसीम फिर से नार्मल ज़िंदगी जीने लगेगा।

  • आयुर्वेदिक कॉकटेल से दूसरी ज़िंदगी मिलने पर उत्साहित वसीम का कहना है की उसने दोबारा जीने की आशा छोड़ दी थी, पर आयुर्वेद ने जो कमाल किया है उस से मुझे और मेरे परिवार को पूरी उम्मीद है की मै फिर से अपने परिवार के साथ खुशनुमा और एक्टिव जिन्दगी जी पाऊंगा।

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: probably dead person saved by ancient herbal medicines
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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