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PICS: 'दामिनी' की दादी का दर्द सुन, यकीनन रो पड़ेगा आपका दिल!

अनुराग सिंह | Jan 06, 2013, 00:10 IST

  • बलिया. पूर्वी यूपी के बलिया जिले का एक गांव ऐसा भी है जहां की महिलाओं को इस बात का मलाल है की इस देश में बलात्कार और ह्त्या जैसे अपराधों के खिलाफ तालिबानी क़ानून नहीं है। यह गांव कोई और नहीं बल्कि दिल्ली के गैंग रैप की शिकार हुई देश की लाडली दामिनी का पुश्तैनी गांव है।
    दामिनी के पुश्तैनी मकान में एक कमरे में चुपचाप बैठी है दामिनी की 80-वर्षीय दादी, जो अब भी पूरी तरह इस बात का विश्वास नहीं कर पायी है की उसकी लाडली फिर कभी लौट कर उसे आजी कहने नहीं आएगी।
    दादी को अब भी पूरा भरोसा है कि उनकी पोती वापस आएगी। जब भी उनसे उन दरिंदों को फांसी की सज़ा की देश में उठ रही मांग के बारे में पूछा जाता तो उनका जवाब सिर्फ यही होता है,'ओकरा सब के सज़ा हम देब (मै दूंगी उन सभी को सज़ा)'.
    तस्वीरों के जरिए जानिए क्या कहते हैं दामिनी के सगे-संबंधी...
  • रोते-रोते दादी कहती हैं कि दूसरों की बेटियों को दर्द देने वालों को मेरे सामने लाओ, पहले उनके हाथ पैर काटे जायेंगे और फिर उन घावों पर बेतहाशा नमक छिड़क कर उनकी दर्द भरी मौत का नज़ारा ही हमारे कलेजे में ठंडक पहुंचायेगा। गांव की अन्य महिलाएं भी अपनी लाडली दामिनी के साथ जो कुछ भी हुआ उस से उद्वेलित हैं।

  • गांव में ही रहने वाली 50-वर्षीय कलावती देवी का मानना है की ऐसे दरिंदो हर भाग में ब्लेड से घाव करने चाहिए और फिर उनपर नमक छिड़क कर तिल-तिल मरते हुए देखना चाहिए। बीएड पास लड़की सुमन के अनुसार हर गाँव से लड़के लडकियां दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों से अपने भविष्य को संवारने जातें हैं। अगर उनके साथ इन शहरों में दीदी के साथ घटी घटना ही घटेगी तो फिर शहर जाना तो दूर वहां जाने के बारे में कोई सोचेगा भी नहीं।

  • सुमन बताती है कि पांच साल पहले दीदी जब गाँव एक शादी में गाँव आयी थी तो उन्होंने ने हम सब से यही कहा था की गाँव और बलिया से निकलों और बाहर की दुनिया में अपना टैलेंट दिखाओ। पर दीदी के साथ जो क्रूरता हुई उसके बाद तो अब शाम ढलने के बाद गाँव से भी बाहर निकलने में डर लगता है।

  • न्य महिलाओं की तरह सुमन को भी मलाल है उनके देश में जैसे के तैसा का तालिबानी कानून नहीं है। अगर क्रूरता को रोकने के लिए क्रूरतम कानून होता तो शायद औरत को गलत निगाह से देखने से भी लोग थर्राते।

  • गाँव की एक बूढी दादी फूलमती भी मानती हैं की जिस दर्द से लडते हुए उनके गाँव की बहादुर बेटी मरी है उस से भी बदतर और क्रूर मौत मिलनी चाहिए उन दरिंदों को। सोमारी देवी मानती हैं काश ऐसा होता की उन दरिंदों को गाँव में छोड़ दिया जाता फिर हम बतातें की अपनी बहन का बदला हम ऐसे लेते की इन दरिंदों की सात पुश्ते भी ऐसे किसी वारदात के बारे में सोचने से भी डरती।

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Web Title: delhi gangrape victim grandmother pain
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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