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SPL: यहां नमक ने कर दि‍या खेत का मर्डर, जानि‍ए कैसे

Amit Mukherjee | Jan 28, 2013, 10:25 AM IST

वाराणसी. यूपी में 12 लाख हेक्टेयर से ऊपर खेती की जमीन खटारा (ऊसर) हो चुकी है। मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, बनारस में सफ़ेद क्रस्‍ट यानि लवणीय मिट्टी ने खेतों को खटारा बना डाला हैं। रिसर्च के दौरान ये भी बातें सामने आ रही हैं कि‍ सफेद क्रस्‍ट ने उन खेतों को सबसे ज्‍यादा नुकसान पहुंचाया है, जो नहर के कि‍नारे हैं। लवणीय (SALINE) और क्षारीय (ALKALI) मृदा केवल यूपी में ही नहीं बल्कि देश के कई राज्यों में देखने को मिल रही है। इस तरह की मि‍ट्टी अक्‍सर शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों में पायी जाती है। बीएचयू एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के मृदा वैज्ञानिकों की मानें तो रिसर्च में ये बाते सामने आयी हैं कि देश में यूपी में सबसे ज्यादा ऊसर मृदा का क्षेत्रफल है।
बीएचयू एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के मृदा वैज्ञानिक प्रो.एस सिंह ने बताया कि सफ़ेद क्रस्ट (लवणीय मृदा) ज्यादातर नहरों के आसपास डेवलप होते हैं। लवणीय और क्षारीय मृदा तब सबसे ज्यादा पैदा होती है, जब खेतों की सिंचाई लगातार लवण युक्त पानी से की जाती है। नहर के पानी में अक्सर साल्ट ज्यादा पाया जाता है, जो कुछ वर्षों बाद मिट्टी की उपरी सतह पर सफ़ेद क्रस्ट के रूप में दिखने लगता है। प्रो.एस सिंह ने बताया कि ऊसर मिटटी की एक और वजह है। जल की निकासी उचित न होने के कारण आसपास के निचले स्थानों पर जल एकत्रित हो जाता है। सूखने के बाद यही जल मिट्टी की ऊपरी सतह पर नमक छोड़ देता है।
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Web Title: more than one million hectare farming field is barren says scientists
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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