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मुलायम संपत्ति केस: सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई और सरकार की पूरी कहानी

dainikbhaskar.com | Dec 17, 2012, 13:59 PM IST

लखनऊ. पदोन्नति में आरक्षण के मसले पर सपा ने सरकार पर सीबीआई के माध्यम से दबाव बनाने का आरोप लगाया है। राज्यसभा में इस संबंध में कई दिनों से हंगामा चल रहा है। सोमवार को विधेयक पर मतदान संभावितहै। इसमें सपा सरकार का विरोध करेगी।
सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने लखनऊ में एक बयान जारी किया। आरोप लगाया है कि यूपीए पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव को सीबीआई के 'जाल' में फंसाने की कोशिश कर रही है। मुलायम सिंह ने विधेयक पास होने पर यूपीए सरकार को समर्थन वापस लेने की धमकी दी है। उधर कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण संबंधी विधेयक पर मतदान के लिए राज्यसभा में अपने सदस्यों को व्हिप जारी करेगी। भाजपा प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सपा और बसपा की कांग्रेस से साठगांठ है। कई मौकों पर दोनों सरकार को बचाने के लिए आगे आई हैं। मुलायम सिंह की समर्थन वापसी की धमकी केवल नाटक है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्‍ताह ही अहम फैसला दिया है। इसमें सीबीआई को मुलायम व उनके बेटों अखिलेश व प्रतीक के खिलाफ जांच जारी रखने को कहा गया है। हालांकि कोर्ट ने 22 महीने से रुके अपने फैसले में अखिलेश की पत्नी डिंपल के खिलाफ जांच बंद करने का आदेश दिया। चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर और एचएल दत्तू की बेंच ने कहा कि हम हमारे ही एक मार्च 2007 के आदेश को सुधार रहे हैं।
सीबीआई को जांच पर स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट को सौंपनी होगी। सरकार को नहीं। स्वतंत्र निकाय होने के नाते सीबीआई को रिपोर्ट सरकार को सौंपने की बाध्यता नहीं है। दिल्ली पुलिस स्थापना अधिनियम के तहत सीबीआई काम करती है। उसमें भी ऐसा नहीं कहा गया है कि जांच एजेंसी को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। सीबीआई को खुद ही जांच के तरीके तय करने होंगे।
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Web Title: Mulayam Singh Yadav assets case
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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