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मिल्खा सिंह ने कर्नल को पीटा या नहीं, पता लगाएगी कमेटी

भास्कर न्यूज | Feb 20, 2013, 07:33 AM IST

मिल्खा सिंह ने कर्नल को पीटा या नहीं, पता लगाएगी कमेटी

चंडीगढ़.गोल्फ क्लब में अमलोह के एमएलए रंदीप सिंह नाभा और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल विजय सिंह संधू के बीच मारपीट की जांच तीन सदस्यीय कमेटी करेगी। कमेटी यह भी पता करेगी कि मारपीट में फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह शामिल थे या नहीं। हालांकि मिल्खा इससे इनकार कर चुके हैं, लेकिन मारपीट का केस उनके खिलाफ भी दर्ज है।गोल्फ क्लब मैनेजमेंट की मंगलवार को हुई मीटिंग में ले. जनरल केएस मान, चीफ इंजीनियर एसएमएस संधू तथा कर्नल एएस राठी (तीनों रिटायर्ड) की तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया। कमेटी 10 दिन में रिपोर्ट पेश करेगी। संधू, रंदीप और लहल की सदस्यता रद्द की जा चुकी है।

क्लब के प्रेसिडेंट जीएस संधू की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में कमेटी को यह भी बताने को कहा गया है कि मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए। प्रेसिडेंट संधू के अनुसार क्लब के अनुशासन को बनाए रखने के लिए जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, डीएसपी विजय कुमार का कहना है कि उन्हें अब तक केस के चश्मदीद ही नहीं मिले। उनके मिलने पर बयान दर्ज किए जाएंगे। 16 फरवरी को रंदीप सिंह, क्लब के पूर्व ऑनरेरी कैप्टन सुखजीत सिंह लहल और विजय सिंह संधू के बीच मारपीट हुई थी। संधू की शिकायत पर रंदीप सिंह, लहल, मिल्खा सिंह, पंजाब के पूर्व चीफ सेक्रेटरी आरएस मान पर केस दर्ज किया गया था। संधू के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था।

मेंबरशिप सस्पेंड रहेगी
जांच के दौरान संधू, रंदीप सिंह और लहल की मेंबरशिप सस्पेंड रहेगी। क्लब मैनेजमेंट के अनुसार मारपीट के मामले में यदि बाहर कोई समझौता हो जाता है, तो भी क्लब जांच कमेटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई करेगा, ताकि अन्य मेंबर्स के समक्ष एक उदाहरण पेश हो।

चुनाव में बनेगा मुद्दा
गोल्फ क्लब की मैनेजमेंट के चुनाव अप्रैल में होने हैं। मार्च में चुनाव की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। क्लब के ही मेंबर्स के अनुसार आगामी चुनाव में यह मारपीट एक बड़ा मुद्दा बनेगी। इस घटना के बाद क्लब के मेंबर्स भी अलग-अलग गुटों में बंट गए हैं।

क्लब के खाते में हैं 13 करोड़, चुका सकता है रेंट

लीज मनी कम करने की गोल्फ क्लब की अपील को होम मिनिस्ट्री ने ठुकरा दिया है और साथ ही चंडीगढ़ प्रशासन को अपना पक्ष मजबूत रखने को कहा है। गोल्फ क्लब के खातों में 13 करोड़ रुपए तो एफडी के रूप में ही जमा हैं। इसके अतिरिक्त अन्य खातों में भी लाखों रुपए जमा हैं। इसी भारी भरकम बैंक बैलेंस को देखकर मिनिस्ट्री ने चंडीगढ़ प्रशासन को कहा है कि अपना स्टैंड सॉफ्ट करने की जरूरत नहीं, क्लब आसानी से 1.30 करोड़ रुपए सालाना रेंट चुका सकता है।

क्लब मैनेजमेंट ने होम मिनिस्ट्री से प्रशासन द्वारा तय की गई लीज मनी को कम करने को कहा था। होम मिनिस्ट्री ने प्रशासन को कहा है कि यदि गोल्फ क्लब मैनेजमेंट 13 करोड़ की एफडी 10 प्रतिशत ब्याज पर भी कराए तो उसे 1.30 करोड़ रुपए सालाना मिल जाएंगे। क्लब के सदस्यों से ली जाने वाली फीस इसके अतिरिक्त है। गोल्फ क्लब की लीज मार्च 2008 को समाप्त हो चुकी है। प्रशासन ने अब केवल पांच साल के लिए लीज तैयार की है, जो मार्च 2008 से ही प्रभावी होगी। प्रशासन ने गोल्फ क्लब को 15 जनवरी तक 9.27 करोड़ रुपए जमा कराने को कहा था। इसके खिलाफ क्लब मैनेजमेंट ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने पूर्व जस्टिस कुलदीप सिंह को मीडिएटर नियुक्त किया था।

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Web Title: the case of milkha sigh fighting in golf course saw a new development when a special team is appointed for the case
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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