Home »Union Territory »New Delhi »News » IGI Airport Is Common To Lose The Baggage Of Passengers On

आईजीआई एयरपोर्ट पर मुसाफिरों के बैगेज खोना हुआ आम

Bhaskar News | Feb 17, 2013, 03:31 AM IST

आईजीआई एयरपोर्ट पर मुसाफिरों के बैगेज खोना हुआ आम

नई दिल्ली.'एयरलाइंसों की लापरवाही के चलते मुसाफिरों का सामान खोना अब आम सी बात हो गई है। ज्यादातर काम के मसले से हवाई यात्रा करने वाले मुसाफिरों के मामले में ऐसे सबूत देने को मिल रहे हैं।

राजधानी की एक उपभोक्ता विवाद निवारण मंच ने यह तल्ख टिप्पणी एयर इंडिया के खिलाफ एक मामले में अहम फैसला देते हुए की है।

उपभोक्ता विवाद निवारण मंच ने एयरलाइंस को सेवाओं में कमी बरतने पर शिकायतकर्ता को 12 लाख रुपए से अधिक का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। मंच ने एयरलाइंस को शिकायत दायर करने की तिथि से मुआवजे की राशि पर नौ प्रतिशत का ब्याज देने का भी आदेश दिया है।

दरअसल, पेशे से गारमेंट निर्यातक शाकेब खान ने नई दिल्ली जिला उपभोक्ता विवाद निवारण मंच से समक्ष शिकायत दायर कर बताया था कि बैंकाक में आयोजित होने वाले एक समारोह में भाग लेने के लिए उसने एयर इंडिया की फ्लाइट आईसी-853 में टिकट बुक कराई थी।

यात्रा में रवाना होने से पहले उसने एयर इंडिया के काउंटर पर महंगे कपड़ों से भरे चार बैग चेक-इन कराए थे। चेक इन कराए गए चारों बैग का भार सौ किलो से अधिक था। जिसके चलते एयरलाइंस ने उससे 15,250 रुपए वसूले थे।

बैंकाक एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वह काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद शाकेब को उसके बैग नहीं मिले। एयरलाइंस अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद न ही चारों बैग मिले और न ही एयरलाइंस अधिकारियों ने उसकी कोई मदद की।

शाकेब खाने ने शिकायत के माध्यम से अदालत को बताया कि उसके चारों बैंग में मौजूद कपड़ों की कीमत करीब 22 हजार यूएस डायल (करीब 9,24,000 रुपए) थी। लिहाजा उसे गुम हुए कपड़ों की कीमत के साथ 15 हजार यूएस डालर बैग खोने के लिए और पांच हजार यूएस डालर अन्य खर्चों के रूप में एयरलाइंस से दिलाए जाएं।

एयरलाइंस को सेवाओं में कमी बरतने के लिए तीन लाख और गुम हुए कपड़ों के लिए 9.24 लाख रुपए देने का फैसला सुनाया।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: IGI Airport is common to lose the baggage of passengers on
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From News

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top