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मीडिया और पत्रकारों की लंबी कतार हर गुजरने वाले का ध्यान उस मकान की ओर खींच लेती!

Bhaskar News | Feb 17, 2013, 01:54 IST

  • नई दिल्ली.बेटी गीतिका शर्मा की तरह मां अनुराधा शर्मा के शव का अंतिम संस्कार भी परिजनों ने पंजाबी बाग के ही श्मशान घाट में किया। संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य और कुछ पुलिसकर्मी मौजूद थे।

    गीतिका शर्मा के भाई अंकित शर्मा ने अपनी मां के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। जहांगीरपुरी स्थित बाबू जगजीवन राम अस्पताल में अनुराधा के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने दोपहर करीब डेढ़ बजे उसके शव को परिजनों के हवाले कर दिया।

    जिसके बाद परिवार के सदस्य और कुछ रिश्तेदार शव को लेकर सीधे पंजाबी बाग के श्मशान घाट पहुंचे। जहां करीब ढ़ाई बजे अंकित ने मां का अंतिम संस्कार की किया।

  • घर पर पसरा रहा सन्नाटा :

    छह माह के भीतर परिवार के दो सदस्यों की आकस्मिक मौत से गीतिका का पूरा परिवार आहत है। शुक्रवार की घटना के बाद शनिवार को घर के बाहर सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा। घर के पास परिवार का कोई सदस्य अपनी सोसाइटी से निकलकर बाहर नहीं निकला। पुलिस की सख्त चौकसी के बीच किसी भी मीडियाकर्मी को सोसाइटी गेट से अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई।

  • मीडिया की ओबी वैन की लंबी कतार और पत्रकारों की सरगर्मी के बीच उस सड़क से गुजरने वाले सभी वाहन चालकों का ध्यान बरबस उस मकान की तरफ चला जाता था। वाहन में बैठे लोग घर की तरफ इशारा करते और इस बहुचर्चित मामले के बारे में आपस में बात करते हुए आगे निकल जाते थे।

  • गीतिका की मां को अकेले में सताता था एक डर :

    अकेलेपन और दहशत के बीच जिंदगी से जूझ रहीं अनुराधा न तो बेटी की मौत को भूल पा रही थीं और न ही इंसाफ की उम्मीद थी। उस पर गोपाल कांडा की पहुंच ने बाकी बची हिम्मत को तोड़ कर रख दिया था।

  • मीडिया में आई खबर ने भले ही आरोपी गोपाल कांडा को जेल पहुंचा दिया लेकिन न्याय प्रक्रिया की सुस्त चाल से वह हार गईं और मौत को गले लगाने से पहले इतना कहा कि घुट-घुट कर मरने से अच्छा है कि आज ही मर जाऊं..।

  • दो पन्नों के सुसाइड नोट में अनुराधा ने लिखा है कि सारा दिन वह घर पर अकेली बैठ कर बेटी की यादों में ही खोई रहती थीं। 24 घंटे बेटी की तस्वीर उनकी आंखों के सामने घूमती रहती थी।

  • उन्हें धीमी न्यायिक प्रक्रिया के चलते एक तरफ बेटी को अब तक इंसाफ न दिला पाने का मलाल था तो दूसरी ओर गोपाल कांडा जैसे प्रभावशाली व्यक्ति की पहुंच के चलते अब उन्होंने इंसाफ की आस खो दी।

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: Long line of media and journalists to the house draws the attention of every passing!
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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