Home »Union Territory »Chandigarh »News» जब जैता जी ने गुरू तेगबहादुर जी का सर लेकर भागे थे

जब जैता जी ने गुरू तेगबहादुर जी का सर लेकर भागे थे

Pratik Shekhar | Feb 23, 2013, 11:42 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स

चंडीगढ़।चमत्कार ना दिखाने और धर्म भी ना बदलने की वजह से लगातार जुल्म करने के बाद मुगल बादशाह ने जब चांदनी चौक पर सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी का शीश काटा तो उसे आनंदपुर साहिब तक पहुंचाते हुए ट्राईसिटी के पास भी एक रात के लिए रखा गया था।

जीरकपुर में इस स्थान पर बना है गुरुद्वारा नाभा साहिब। कटे शीश को आनंदपुर साहिब पहुंचाने वाले भाई जैता जी को गुरु गोबिंद सिंह जी ने नाम दिया, रंगरेटा गुरु का बेटा।


ऊपर स्लाइड पर क्लिक कीजिए और पढि़ए आगे की खबर।



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: जब जैता जी ने गुरू तेगबहादुर जी का सर लेकर भागे थे
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।
 

Stories You May be Interested in

      More From News

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top