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Gas tragedy: ताजा हैं 32 साल पुराने जख्म, गुमनामी में हुई थी आरोपी की मौत

dainikbhaskar.com | Dec 03, 2016, 10:15 AM IST

भोपाल गैस त्रासदी के 32 साल पूरे हो गए हैं।

भोपाल। भोपाल गैस त्रासदी के 30 साल पूरे हो हो गए हैं। इस मौके पर dainikbhaskar.com दिखा रहा है 32 साल पुरानी तस्वीरें, जो आज भी जख्म हरे कर देती हैं।

2 दिसंबर 1984 को भोपाल में यूनियन कार्बाइड के कारखाने से जहरीली गैस का रिसाव हुआ था, जिसे शायद ही कभी भुलाया जा सकेगा। भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड प्लान्ट में 2 दिसंबर को आधी रात में मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) के रिसाव के कारण हजारों की तादाद में लोगों की मौत हो गई।

42 टन तक था गैस रिसाव
दो-तीन दिसंबर 1984 की दरमियानी रात गैस त्रासदी हुई। यूनियन कार्बाइड कारखाने के 610 नंबर के टैंक में खतरनाक मिथाइल आइसोसाइनाइट रसायन था। टैंक में पानी पहुंच गया। तापमान 200 डिग्री तक पहुंच गया। धमाके के साथ टैंक का सेफ्टी वॉल्व उड़ गया। उस समय 42 टन जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 3,700 की मौत हुई। कई एनजीओ का दावा है कि मौत का आंकड़ा 10 से 15 हजार के बीच था।

गुमनामी में हुई थी आरोपी एंडरसन की मौत
गुमनाम में जी रहे 92 वर्षीय एंडरसन की मौत 29 सितंबर को अमेरिका के फ्लोरिडा में हो गई थी। उसके परिवार को भी मौत की खबर नहीं दी गई थी। एक अस्पताल से मिले सरकारी रिकॉर्ड से इसकी पुष्टि हुई थी। दिसंबर 1984 में हुआ भोपाल गैस कांड दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी थी। उस वक्त एंडरसन यूनियन कार्बाइड का प्रमुख था। उसे घटना के चार दिन बाद गिरफ्तार किया गया था। लेकिन जमानत मिलने के बाद वह अमेरिका लौट गया। फिर कभी भारतीय कानून के शिकंजे में नहीं आया। उसे भगोड़ा घोषित किया गया। अमेरिका से प्रत्यर्पण के प्रयास भी हुए। लेकिन कोशिशें नाकाम रहीं।

आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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Web Title: Completed 32 years of the Bhopal gas tragedy
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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