Home »Madhya Pradesh »Bhopal »News» Hearing In National Green Tribunal : About Narmada Pollution

नर्मदा सेवा यात्रा का समापन: अगर 5 लाख में से आधे भी डुबकी लगाएंगे तो क्या होगा?

निश्चय बोनिया | Apr 21, 2017, 18:52 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
hearing in National Green Tribunal : about Narmada pollution

file photo: नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान शिवराज सिंह और कैलाश विजयवर्गीय।

भोपाल। नर्मदा सेवा यात्रा के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ से होने वाले जल और वायु प्रदूषण को लेकर राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(NGT) ने राज्य सरकार से पूछा है कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आने वाले पांच लाख श्रद्धालुओं के प्रबंधन के लिए क्या योजना बनाई है। जानें पूरा मामला...
-एनजीटी ने इस बात पर चिंता जताई है कि यदि पांच लाख में से 50 प्रतिशत ने भी नर्मदा में डुबकी लगाई, तो जल प्रदूषण की क्या स्थिति होगी। वहीं अमरकंटक में नर्मदा के उदगम स्थल के पानी की जांच में कोलीफॉर्म बैक्टेरिया होने की पुष्टि पर भी एनजीटी ने राज्य शासन से जवाब मांगा है।
-अमरकंटक में नर्मदा नदी के किनारे हो रहे पर्यावरण नियमों के उल्लंघन को लेकर स्थानीय रहवासी संजीव तिवारी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई हुई। -इस दौरान शासन ने नर्मदा नदी के उदगम स्थल के पानी की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में नदी के उदगम स्थल में कोलीफॉर्म होना सामने आया है।
-शासन की ओर से जवाब में बताया गया कि यहां श्रद्धालुओं द्वारा चावल व फूल चढ़ाए जाते हैं, जिनके कारण कोलीफॉर्म आ रहा है। लेकिन एनजीटी ने शासन के जवाब को यह कहकर खारिज कर दिया कि कोलीफॉर्म सीवेज का पानी मिलने से नदी में आता है।
-एनजीटी ने सुनवाई में शासन से यह भी पूछा है कि नदी में मिलने वाले सीवेज को रोकने के लिए पहले जो आदेश दिए गए थे उनका पालन कितना हुआ।
27 अप्रैल को योजना के साथ बुलाया अधिकारियों को
-याचिकाकर्ता के वकील धरमवीर शर्मा के अनुसार आगामी 15 मई को नर्मदा सेवा यात्रा के समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। इस पर एनजीटी ने जब शासन से श्रद्धालुओं की संख्या पूछी तो जवाब में 5 लाख के आना बताया गया। इस पर एनजीटी ने इतनी बड़ी संख्या से होने वाले जल व वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए शासन द्वारा बनाई गई योजना की रिपोर्ट एक हफ्ते के अंदर तलब की है।
-27 अप्रैल को होने वाली सुनवाई में एनजीटी ने अनूपपुर कलेक्टर के साथ ही नगरीय प्रशासन, वन व कृषि विभाग के अधिकारियों को बुलाया है। -एनजीटी ने पूछा है कि 5 लाख में से यदि 50 प्रतिशत श्रद्धालुओं ने नर्मदा में डुबकी लगाते हैं तो इससे होने वाले जल प्रदूषण और बड़ी संख्या में आने वाले वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के क्या इंतजाम किए गए हैं। -साथ ही शौचालय के लिए भी किए जाने वाले इंतजाम की जानकारी मांगी है। एनजीटी ने यह भी पूछा है कि भरी गर्मी में नर्मदा नदी के किनारे जो पौधारोपण किया जाएगा उसकी सिंचाई की क्या व्यवस्था की गई है।
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: hearing in National Green Tribunal : about Narmada pollution
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From News

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top