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घर पहुंचने की जल्दी इन पिता-पुत्र की तरह न करें, देखें यूं चली गईं तीन जानें

माेनू शर्मा/गिरिजाशंकर तिवारी | Jan 12, 2017, 10:35 AM IST

घटना स्थल का दिल दहला देने वाला मंजर। इनसेट घायल द्रोपदी और जान गंवाने वाला उसका पति।

भोपाल/विदिशा। घर पहुंचने की जल्दबाजी में फिर एक्सीडेंट ने 3 जिंदगियां छीन लीं। दो बाइकों के टकराने से पिता और उसके इकलौते बेटे की मौत हो गई, जबकि 2 लोग घायल हो गए। मंगलवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद बॉडी फैमिली को सौंप दी गईं। 2 साल का पोता इंतजार करता रहा...

अंधेरा न घिरे, इसलिए तेजी से चला रहे थे बाइक...
-पिपलधार के पास विदिशा-शमशाबाद रोड पर सोमवार शाम को तेज रफ्तार से जा रही दो बाइकें आपस में टकराने से 3 लोगों की मौत हो गई थी।
-वहीं अन्य 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनका विदिशा जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस हादसे में पिता-पुत्र ने भी दम तोड़ दिया था। वहीं मां गंभीर रूप से घायल है।
यह है मामला...
-विदिशा जिले के शमशाबाद के महामाई मोहल्ला बरगद के पेड़ के पास रहने वाले प्रेमचंद्र सेन पुत्र मल्लूलाल (55) अपनी पत्नी द्रोपदी सेन(50) और पुत्र राजेश(25) के साथ रायसेन के सांचेत के पास निसद्दीखेड़ा गांव के लिए बाइक से रवाना हुए थे।
-निसद्दीखेड़ा में राजेश के ममिया ससुर की रसोई थी। तीनों बाइक से सवार होकर शमशाबाद से निकले थे। तभी पिपलधार के पास सामने से आ रही बाइक से उनकी बाइक जा टकराई।
-सामने वाली बाइक पर शमशाबाद निवासी बालक हायरसेकंडरी स्कूल में पदस्थ भृत्य गजराजसिंह(50) पुत्र परमौली चिड़ार और अमरसिंह(50) पुत्र लच्छू अहिरवार सवार थे।
-हादसे में प्रेमचंद्र सेन, राजेश और अमरसिंह की मौत हो गई थी। गजराज सिंह और द्रोपदी सेन गंभीर रूप से घायल हुए।
-राजेश अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी शादी कुछ साल पहले ही हुई थी। उसके 2 साल का एक बेटा है। मासूम पोते को नहीं मालूम कि अब उसका पिता और दादा कभी नहीं लौटेंगे।
-शमशाबाद थाना प्रभारी सुदामा प्रसाद शुक्ला ने बताया कि घायलों को डायल 100 की मदद से जिला अस्पताल लाया गया। राजेश के बड़े भाई छगनलाल ने बताया कि पिता सैलून चलाते थे और भाई आजाद चौक पर हार्डवेयर की चलाता था। तीनों एक ही बाइक पर करीब 3 बजे घर से निकले थे। शाम को इस हादसे की सूचना आई।
पिता से मिलने आया था
-उधर, गजराजसिंह चिड़ार का परिवार विदिशा के सागर पुलिया बंटीनगर क्षेत्र स्थित बर्षाना स्कूल के पास रहता है।
-गजराजसिंह अपने पिता परमौली से मिलने आया था। जब वह लौट रहा था तब यहीं रहने वाले अमरसिंह को शमशाबाद साथ ले गया। तब ये हादसा हो गया।

जिले में पिछले साल 200 लोगों ने गंवाई हादसे में जान

सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ते वाहनों ने साल 2016 में 200 लोगों को मौत की नींद सुला दिया है। साल 2015 में 214, 2014 में 177, 2013 में 150, 2012 में 125 लोगों की मौत हुई। बीते 5 सालों में ये संख्या सैकड़ों में है। साथ ही हजारों लोग एक्सीडेंट में लोग घायल हो चुके हैं। सड़क हादसों में मौत की संख्या के मामले में साल 2016 और 2015 सबसे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण रहा।
आगे देखें हादसे के बाद की कुछ PHOTOS...
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Web Title: Three people killed in road accident
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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