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फर्जी थानेदार बन लिया थाने का चार्ज, करना चाहता था पैसे वाली लड़की से शादी

dainikbhaskar.com | Dec 07, 2016, 09:51 AM IST

पुुलिस की गिरफ्त में नकली सब इंस्पेक्टर

ग्वालियर। संजय दत्त की फिल्म थानेदार देखकर इंस्पेक्टर बनने का सपना बना लिया। असली नहीं बना पाया तो वर्दी खरीदकर नकली दरोगा बन गया। नकली दरोगा बनकर सीधे ग्वालियर के आंतरी थाने में पहुंचकर चौकी इंचार्ज भी बनकर रहा। इस दौरान उसने कई पैसे वाले परिवारों में खुद अपनी शादी की बात चलाई। ऐसी है सेना से बर्खास्त सिपाही की कहानी...
 
 
 
-तीन दिन पहले देहात की पुलिस चौकी आंतरी में वर्दी पहने सब इंस्पेक्टर वैभव सेंगर  पहुंचा और सिपाहियों से बोला, मैं यहां नयी नियुक्ति पर आया हूं।
-युवक की कड़क आवाज और वर्दी देखकर सिपाहियों ने सवाल नहीं पूछे और वह पुलिस जैसा काम करने लगा। थाने में हैड कॉन्स्टेबल  ने ज्वाइनिंग आर्डर मांगा तो बोला शाम को दे दूंगा।
-इसी दौरान वैभव ने डबरा के एसडीओपी सुधीर सिंह कुशवाह से भी मुलाकात कर ली, लेकिन उन्हें भी संदेह नहीं हुआ।
 
टेकनपुर से गहराया संदेह
-फर्जी दरोगा वैभव  ने टेकनपुर में डेरा डाला था और एसडीओपी से मिलने के बाद थाने आते समय उसकी मुलाकात टेकनपुर चौकी पर पदस्थ एसआई धर्मेंद्र कुशवाह से हुई।
-मुलाकात के दौरान धर्मेंद्र ने उससे बात करते हुए बैच पूछा तो उसने 2011 बैच बताया, धर्मेंद्र भी इसी बैच का था। धर्मेंद्र ने ट्रेनिंग के संबंध में पूछा तो उसने भौंती बताया, जबकि भोंती थाना 2013 में शुरू हुआ था।
-संदेह होती ही धर्मेंद्र ने डबरा टीआई व एसडीओपी सुधीर सिंह कुशवाह को सूचना दी। एसडीओपी ने एएसपी योगेश्वर शर्मा के एसआई की पोस्टिंग के संबंध में पूछा तो उन्होंने किसी को भी पदस्थ किए जाने से इंकार किया।
 
संदेह होते ही भाग गया
-इस पर उसे पकड़ने के लिए एसडीओपी टीम को भेजा और वैभव को थाने पर रोकने के ही निर्देश दिए ।
-वैभव को आभास हो गया और वह ड्राइवर को अपनी दादी की तबियत खराब होने की बात कर जीप लेकर स्टेशन पहुंच गया और यहां से झांसी के लिए रवाना हुआ जहां वह पकड़ा गया।
-एसएसपी हरिनारायण चारी मिश्रा ने बताया कि वैभव सेंगर का नाम शिवनारायण उर्फ रोहित पुत्र भोला सेंगर निवासी अजीतमल (यूपी) का निवासी है और कई स्थानो पर फर्जी दरोगा बनकर रहा है।
 
संजय दत्त की फिल्म देखकर बना नकली दरोगा
-वैभव ने बताया कि उसने संजय दत्त की फिल्म थानेदार देखकर नकली दरोगा बनने की प्रेरणा ली और वर्दी उसे बचपन से ही अच्छी लगती थी।
 
शादी के लिए खुद ही कर रहा था बात
-वैभव एसआई के रूप में अपनी शादी का प्रयास कर रहा था और वह स्वयं ही कई परिवारों में अपनी शादी की बात चला रहा था।
-सभी को वह स्वयं एसआई होने की बात ही बताता था। उसने अपने घर पर भी पुलिस में सिलेक्ट होने की सूचना दी है और परिवार व रिश्तेदार उसे एसआई ही मानते हैं।
 
 सेना फतेहगढ़ में ली ट्रेनिंग
-पूछताछ में यह भी पता चला है कि वैभव का वर्ष 2012 में सेना में आरक्षक के पद पर सलेक्शन हुआ था और वहां उसने 7 माह तक फतेहगढ़ में सेना की ट्रेनिंग भी ली।
-इसी ट्रेनिंग के दौरान उसे बर्खास्त कर दिया गया। पुलिस इस सूचना की सेना मुख्यालय से तस्दीक कर रही है।
 
स्लाइड्स में देखिए नकली दरोगा के फोटोज...........
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Web Title: seen film & made fake SHO, in charge police station
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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