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होम्योपैथिक क्लीनिक चलाता था ४० से ज्यादा ब्लास्ट का ये आरोपी, बम बनाते गंवाया हाथ

Balraj Singh | Dec 01, 2016, 11:49 IST

पानीपत। पानीपत में बस में ब्लास्ट के मामले में साजिश के आरोपी सैयद अब्दुल करीम टुंडा को गुरुवार को कोर्ट ने बरी कर दिया। पानीपत समेत देश के विभिन्न हिस्सों में 40 से ज्यादा ब्लास्ट के आरोपी अब्दुल करीम टुंडा का इतिहास भी निराला है। पाकिस्तान में टुंडा की 3 बीवियां और 7 बच्चे हैं, जिनमें से एक बेटे को आतंकी घटना में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बम बनाते वक्त कटा हाथ तो पड़ा टुंडा नाम...
- लश्कर का बम एक्सपर्ट बताया जाने वाला अब्दुल करीम टुंडा (76 साल) वैस्ट यूपी के पिलखुवा का रहने वाला है।
- बताया जाता है कि 1980 तक वह पिलखुवा में अपनी होम्योपैथिक क्लीनिक चलाता था। इसके बाद आतंकी संगठनों के कॉन्टैक्ट में आया और क्लीनिक बंद कर दिया।
- 40 साल की उम्र में जेहादी तत्वों के साथ शामिल होने से पहले टुंडा देश में कई स्थानों पर रहा और कई काम किए।
- उसने दिल्ली स्थित एक बैंक की शाखा में सिक्युरिटी गार्ड के रूप में भी काम किया। उसने कपड़े बिजनेसमैन के रूप में अहमदाबाद में काम करने के साथ ही आगरा, इटारसी और खंडवा में विभिन्न काम किए।
- 1985 में वह राजस्थान के टोंक शहर गया जहां उसने एक मस्जिद में काम शुरू किया। टोंक में एक पाइप बम बनाने के दौरान उसका हाट कट गया, जिसके बाद उसका नाम टुंडा पड़ा।
इन मामलों में था टुंडा का नाम
- दिल्ली, पानीपत, सोनीपत, लुधियाना, कानपुर और वाराणसी में हुए कई बम ब्लास्ट में टुंडा आरोपी था।
- 26/11 मुंबई अटैक के बाद भारत ने जिन 20 आतंकियों को सौंपने की मांग पाकिस्तान से की थी, उनमें टुंडा का भी नाम शामिल था।
- 1996 से 98 के बीच देश के अलग-अलग शहरों में हुए करीब 40 बम ब्लास्ट का मास्टरमाइंड होने का उस पर आरोप है।
- बताया जाता है कि पूछताछ में उसने आईएसआई और लश्कर से लिंक होने की बात भी कबूली थी। वहीं अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और हाफिज सईद जैसे देश के दुश्मनों का करीबी बताया जाता है। 1996 में उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।
आई थी मरने की खबर, फिर ऐसे खुला भेद
- वह कई वर्षों तक बांग्लादेश, केन्या और पाकिस्तान में रहा। 2000 में खबर आई कि वह मर गया है, लेकिन 2005 में उसके गुर्गे अब्दुल मसूद की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि टुंडा अभी जिंदा है।
- मार्च 2016 में दिल्ली में 4 मामलों में अब्दुल करीम टुंडा को बरी कर दिया गया था, वहीं गुरुवार को पानीपत में ब्लास्ट के मामले में भी टुंडा को राहत मिली है।
ये भी जानें
- दिल्ली पुलिस की एक रिपोर्ट के मुताबिक टुंडा की 3 बीवियां जरीना, मुमताज और आसमा 7 बच्चों के साथ लाहौर में रहती हैं। उसके पुत्र लाहौर और कराची में उसका धंधा संभालते हैं।
- टुंडा ने सबसे पहले जरीना से 1964 में गाजियाबाद में निकाह किया था। 1984 में जब वह काम की तलाश में अहमदाबाद गया तो उसने मुमताज से विवाह किया। उसकी तीसरी बीवी आसमा 18 वर्ष की थी, जब उसने बांग्लादेश में 1995 में उससे निकाह किया था।
- सबसे बड़े बेटे की उम्र लगभग 51 साल है। वह कुछ साल पहले गुम हो गया था। वहीं, उसके सबसे छोटा बेटा साढ़े 6 साल का है।
- जांचकर्ताओं के मुताबिक टुंडा ने उन्हें बताया कि उसकी दूसरी बीवी मुमताज से उसका तीसरा पुत्र अब्दुल वारिस भारत में एक आतंकवादी घटना में शामिल था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उसे एक बार गिरफ्तार किया था।
- 2013 में नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तारी के बाद टुंडा ने दावा किया था कि वारिस भी लश्कर-ए-तैयबा का एक सक्रिय सदस्य था। उसने एक भारतीय जेल में 8 वर्ष की सजा काटी और उसके बाद पाकिस्तान लौटा।
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