Home »Union Territory »New Delhi »News » सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2005 में ही छीन लिया था अफ जल से जीने क ा अधिक ार

सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2005 में ही छीन लिया था अफ जल से जीने क ा अधिक ार

Sandeep Kumar | Feb 09, 2013, 17:12 IST

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने संसद पर 2001 में हुए आतंकी हमला मामले में अफजल गुरूकी मौत की सजा बरकरार रखते हुए अगस्त, 2005 में कहा था कि लोकतंत्र के सर्वोच्च स्थान पर यह दुस्साहसिक हमला था। चार अगस्त, 2005 को अफजल गुरू की अपील खारिज करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा था कि सबसे अधिक पाशविक तरीके से आतंकी हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों के साथ अफजल गुरू की सांठगांठ के बारे में ठोस सबूत हैं। (Well Educated अफजल कैसे और क्‍यों बना आतंकी, पढ़िए उसकी कहानी)


न्यायमूर्ति पी वी रेड्डी और न्यायमूर्ति पी पी नौलेकर की खंडपीठ ने कहा था कि संसद भवन पर हमला करने की आपराधिक साजिश में अफजल गुरू की भूमिकाको लेकर जरा भी संदेह नहीं है और सबूतों से पता चलता है कि इस वारदात को अंजाम देने में उसने सक्रिय भूमिका निभाई थी। न्यायाधीशों ने कहा था, सभी सबूत बगैर किसी चूक के मुख्य साजिशकर्ता अफजल गुरू की ओर इशारा करते हैं जिसने सक्रिय भूमिका निभाई थी। न्यायाधीशों ने कहा कि किसी भी मापदंड से उसके कृत्य को हानि रहित करार नहीं दिया जा सकता है।

न्यायालय ने अफजल गुरू की मौत की सजा को न्यायोचित ठहराते हुए कहा था कि संसद भवन पर हमला सबसे संगीन अपराध है। यह मामला विरल से विरतलम की श्रेणी में आता है।

ये भी पढ़ें

अफजल की फांसी का विरोध, बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने की पिटाई

अफजल गुरू: एमबीबीएस की पढ़ाई से लेकर आतंक की राह तक का सफर

PIX: पढ़िए जेल में लिया गया अफजल गुरू का एकमात्र इंटरव्यू!

PHOTOS: कश्‍मीर में 'कर्फ्यू', गुजरात में मनी होली

'उम्मीद है भगवा आतंकियों को भी ऐसे ही लटकाया जाएगा'

योगी आदित्यनाथ बोले, गलत तरीके से दी गई अफजल को...">योगी आदित्यनाथ बोले, गलत तरीके से दी गई अफजल को फांसी


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2005 में ही छीन लिया था अफ जल से जीने क ा अधिक ार
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।
 

Stories You May be Interested in

      More From News

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top